Daulatpur Chowk Una| हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गगरेट उपमंडल स्थित डिंगोह खुर्द में हुई ताजा फायरिंग की घटना ने सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल है।
क्या हुआ डिंगोह खुर्द में?
सूचना मिलते ही DSP गगरेट अनिल पटियाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
SP ऊना सचिन हिरेमठ ने भी घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के निर्देश दिए।
समस्या की जड़ क्या है?
1. सीमावर्ती इलाकों की चुनौती
स्थानीय लोगों के अनुसार गगरेट विधानसभा के कई गांव पंजाब सीमा से सटे हैं। यहां कई कच्चे और संपर्क मार्ग हैं जिनका इस्तेमाल असामाजिक तत्व करते हैं। इससे अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण मुश्किल हो रहा है।
2. अवैध शराब का कारोबार
ग्रामीणों का आरोप है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। पुलिस और आबकारी विभाग समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन यह धंधा पूरी तरह बंद नहीं हुआ।
लोगों का मानना है कि इसी अवैध कारोबार को लेकर विवाद बढ़कर अक्सर फायरिंग जैसी हिंसक घटनाओं में बदल जाते हैं।
लोगों की मांग
क्षेत्रवासियों ने कहा कि पिछले कुछ समय में जिले में फायरिंग की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इससे दहशत का माहौल है।
उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग से मांग की है:
- पंजाब सीमा से सटे गांवों में विशेष अभियान चलाकर अवैध शराब पर अंकुश
- नियमित गश्त और संवेदनशील संपर्क मार्गों पर कड़ी निगरानी
- पुलिस-आबकारी की संयुक्त कार्रवाई को और प्रभावी बनाना
- अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
ताकि सीमावर्ती क्षेत्र के लोग भयमुक्त होकर जीवन जी सकें।
निष्कर्ष:
ऊना के सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही फायरिंग की घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती बन गई हैं। ग्रामीणों की मांग है कि अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ने के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाए जाएं।
स्रोत: DSP गगरेट, SP ऊना, स्थानीय ग्रामीण



