Top 5 This Week

Related Posts

UP Chunav 2027: 100 सीटों पर दलित दांव! मायावती के वोट बैंक पर अखिलेश की नजर

UP Politics: लखनऊ | उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीति बदलनी शुरू कर दी है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव अब अपने PDA फॉर्मूले – पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक का दायरा बढ़ाने की तैयारी में हैं।

सपा राज्य की करीब 100 विधानसभा सीटों पर दलित उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। इसका लक्ष्य सिर्फ भाजपा को चुनौती देना नहीं, बल्कि बसपा प्रमुख मायावती के पारंपरिक दलित वोट बैंक में भी पैठ बनाना है।

आरक्षित ही नहीं, सामान्य सीटों पर भी दलित चेहरे

रिपोर्ट के मुताबिक, समाजवादी पार्टी इस बार सिर्फ SC आरक्षित सीटों तक सीमित नहीं रहेगी। पार्टी सामान्य विधानसभा सीटों पर भी बड़ी संख्या में दलित उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है।

इसके पीछे मकसद यह संदेश देना है कि सपा दलित समाज को सिर्फ आरक्षित सीटों तक सीमित नहीं देखती, बल्कि उन्हें मुख्यधारा की राजनीति में व्यापक भागीदारी देना चाहती है।

PDA फॉर्मूले को और मजबूत करने की तैयारी

2024 के लोकसभा चुनाव में PDA फॉर्मूले से मिली सफलता के बाद सपा नेतृत्व का आत्मविश्वास बढ़ा है।

उस चुनाव में पार्टी ने सामान्य सीटों पर भी दलित उम्मीदवारों को मौका दिया था। फैजाबाद अयोध्या से अवधेश प्रसाद की जीत और मेरठ में सुनीता वर्मा का कड़ा मुकाबला सपा के लिए सकारात्मक संकेत माना गया।

अब पार्टी इसी प्रयोग को विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर दोहराने की तैयारी कर रही है।

यादव-मुस्लिम पार्टी’ की छवि बदलने की कोशिश

सपा की यह रणनीति सिर्फ चुनावी गणित तक सीमित नहीं है। पार्टी एक व्यापक राजनीतिक संदेश देना चाहती है कि वह अब केवल यादव और मुस्लिम मतदाताओं की पार्टी नहीं है।

बल्कि दलित, पिछड़े और अन्य सामाजिक वर्गों को समान प्रतिनिधित्व देने वाली पार्टी के रूप में खुद को स्थापित करना चाहती है।

मायावती के वोट बैंक पर नजर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा की नई रणनीति का सबसे बड़ा असर बहुजन समाज पार्टी BSP पर पड़ सकता है।

यदि सपा दलित मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को अपने पक्ष में करने में सफल होती है, तो उत्तर प्रदेश की चुनावी तस्वीर बदल सकती है। हालांकि बसपा की ओर से अभी इस रणनीति पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अभी नहीं हुई आधिकारिक घोषणा

हालांकि, समाजवादी पार्टी ने अब तक 100 दलित उम्मीदवारों को टिकट देने या संभावित सीटों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। यह जानकारी अभी पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से आई है। अंतिम फैसला उम्मीदवार चयन और पार्टी की आधिकारिक सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

निष्कर्ष

2027 चुनाव से पहले सपा का यह दांव यूपी की राजनीति में नया समीकरण बना सकता है। PDA फॉर्मूले के सहारे अखिलेश दलित वोटों में सेंध लगाकर बसपा और भाजपा दोनों को चुनौती देने की तैयारी में हैं।

स्रोत: समाजवादी पार्टी के अंदरूनी सूत्र

Manpreet Singh
Author: Manpreet Singh

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles