Ranchi, 28 जुलाई 2026: हेमंत सरकार की ‘नई दिशा- नई पहल अभियान’ को बड़ी सफलता मिली है। झारखंड पुलिस के समक्ष रीजनल कमांडर समेत 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। 2 महीने के अंदर पुलिस की यह दूसरी बड़ी उपलब्धि है।
सरेंडर करने वालों में टॉप लेवल के कमांडर भी शामिल हैं। इन नक्सलियों ने *11 हथियार, 38 मैगजीन और 1562 राउंड कारतूस* पुलिस को सौंपे।
सरेंडर करने वालों में कौन-कौन शामिल
डीजीपी अनुराधा एन.तदाशा मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि जिन्होंने सरेंडर किया है उन्हें सरकार की सरेंडर पॉलिसी का पूरा लाभ मिलेगा।”
सरेंडर करने वालों का ब्रेकअप:
- 1 रीजनल कमांडर RCM
- 3 जोनल कमांडर ZCM
- 3 सब-जोनल कमांडर SZCM
- 6 एरिया कमांडर ACM
- 3 कैडर स्तर के सदस्य
जिला वार: 14 नक्सली चाईबासा के और 2 लातेहार के हैं। इसके बाद चाईबासा में अब सिर्फ 6 एक्टिव नक्सली बचे हैं। पूरे राज्य में एक्टिव नक्सलियों की संख्या घटकर 20 रह गई है।
इनामी और कुख्यात नक्सलियों ने किया सरेंडर
सरेंडर करने वालों में कई बड़े इनामी और कई कांडों में वांछित नक्सली शामिल हैं:
1. संतोष उरांव उर्फ बासुदेव दा – RCM, 15 लाख का इनामी। बरामद: इंसास राइफल, 136 राउंड
2. चंदन लोहरा – SZCM, 78 कांड, 10 लाख का इनामी। बरामद: AK-47, 129 राउंड
3. अनिल तुरी उर्फ उज्ज्वल – SZCM, 22 कांड, 5 लाख का इनामी। बरामद: इंसास, 150 राउंड
4. सुखलाल बिरंजिया उर्फ अकेला – SZCM, 12 कांड, 5 लाख का इनामी
5. संतोष मांझी उर्फ जगबंधु – ZCM, 32 कांड। बरामद: इंसास, 125 राउंड
6. जयकांत मुंडा उर्फ गुंगा – SZCM, 38 कांड। बरामद: AK-47, 100 राउंड
7. सुरेश होनहागा – ACM, 33 कांड, 2 लाख का इनामी। बरामद: इंसास, 125 राउंड
8. रिसिव – ACM, 18 कांड, 2 लाख का इनामी
इसके अलावा राजनाथ हांसदा, एतवारी मांझी, देवान मुर्मू, सुमित्रा सुरीन, चंपा मंझियाईन, सालमी मुंडा, मुन्नी सुरीन और सीता मुंडा ने भी सरेंडर किया।

पुलिस को सौंपे गए हथियार
नक्सलियों ने कुल 11 हथियार सौंपे जिनमें शामिल हैं:
- AK-47 – 3,
- इंसास राइफल – 6,
- M-16 – 1,
- US कार्बाइन – 1,
- LMG मैगजीन – 3
इसके साथ 38 मैगजीन और 1562 राउंड कारतूस भी बरामद हुए।
नई दिशा- नई पहल’ का असर
डीजीपी ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चलाए जा रहे अभियान की वजह से नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। पुलिस अब सरेंडर किए नक्सलियों को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार देने में मदद करेगी।
इस सरेंडर के बाद कोल्हान और पलामू-प्रमंडल में नक्सल गतिविधियों में भारी कमी आने की उम्मीद है।


