Kolkata: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनने के महज 45 दिनों के भीतर सीमा सुरक्षा बल (BSF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) को 1,129 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। शाह ने इसे सीमाई सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सीमा पर तैनात जवानों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि इस काम में तेजी की वजह केवल राज्य में भाजपा सरकार का होना नहीं है, बल्कि घुसपैठ के खतरे को गंभीरता से समझना और उसे रोकने की प्रतिबद्धता है।

45 दिनों में BSF और SSB को मिली 1,129 एकड़ जमीन
अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में BSF और SSB के लिए 1,129 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई। उनके अनुसार, इससे सुरक्षा बलों के बुनियादी ढांचे और सीमाई इलाकों में उनकी तैनाती को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सीमाओं की प्रभावी निगरानी और सुरक्षा बलों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

‘तेजी की वजह सिर्फ BJP सरकार होना नहीं’
गृह मंत्री ने कहा कि जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में दिखाई गई तेजी को केवल राजनीतिक बदलाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार घुसपैठ की चुनौती को समझती है और इसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अमित शाह ने जोर देकर कहा कि सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना केवल राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।

‘घुसपैठ नहीं रुकी तो बंगाल और भारत सुरक्षित नहीं’
अमित शाह ने अपने संबोधन में घुसपैठ को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब तक घुसपैठ पर प्रभावी ढंग से रोक नहीं लगती, तब तक पश्चिम बंगाल की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि घुसपैठ रोकना जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर देश की आंतरिक और सीमाई सुरक्षा पर पड़ता है। सीमा पर तैनात BSF और SSB के जवानों की भूमिका की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा में इन बलों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।

खुली सीमा की सुरक्षा करना सबसे कठिन काम
SSB के जवानों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करना सुरक्षा बलों के सबसे कठिन कार्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि नेपाल और भूटान से लगने वाले क्षेत्रों की निगरानी में SSB के जवानों की जिम्मेदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से सिलिगुड़ी कॉरिडोर के महत्व को पहचानने का भी उल्लेख किया। शाह के मुताबिक, यह एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है, जो देश के आठ राज्यों को जोड़ता है और नेपाल, भूटान तथा बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के करीब स्थित है।

चोपड़ा, किशनगंज और धुबरी में बढ़ाई सुरक्षा बलों की मौजूदगी
अमित शाह ने बताया कि सरकार ने चोपड़ा, किशनगंज और धुबरी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में बेहतर निगरानी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था देश की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सीमाओं को अधिक सुरक्षित बनाना, घुसपैठ जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटना और सुरक्षा बलों को उनकी जिम्मेदारियों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।


