Rajasthan Local Body Polls 2026: राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और किसी भी समय आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है। स्वायत्त शासन विभाग ने निकायों में आरक्षण और परिसीमन से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंप दी है। आयोग की टीम इस रिपोर्ट की गहन समीक्षा कर रही है।
रिपोर्ट सही पाए जाने पर आज 19 अगस्त दोपहर बाद या शाम तक आधिकारिक घोषणा हो सकती है। घोषणा होते ही संबंधित शहरी निकायों में तुरंत आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी जिसका सीधा असर प्रशासनिक फैसलों और विकास कार्यों पर पड़ेगा।
Rajasthan Local Body Polls 2026: चुनाव घोषणा की तैयारियां अंतिम चरण में
राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनावों के संचालन के लिए प्रशासनिक और लॉजिस्टिक तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। आयोग इस बार चुनाव प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा करने की योजना बना रहा है। प्रथम चरण में सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में मतदान कराया जा सकता है जबकि दूसरे चरण में सितंबर के दूसरे सप्ताह में शेष निकायों का मतदान संपन्न होगा। आयोग की टीम अंतिम मतदाता सूची और बूथों की सुरक्षा व्यवस्था का मिलान कर रही है ताकि घोषणा के बाद कोई प्रशासनिक अड़चन न आए। रिपोर्ट में कोई तकनीकी या कानूनी त्रुटि मिलने पर उसे तुरंत सुधारकर कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद क्या बदलेगा?
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकायों में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो जाएगा। इससे नए विकास कार्यों के शिलान्यास, उद्घाटन या लोकार्पण पर पूरी रोक लग जाएगी। कोई नई विकास योजना, नया टेंडर या नया कार्य आदेश जारी नहीं किया जा सकेगा। मंत्रियों या जनप्रतिनिधियों द्वारा नई योजनाओं की घोषणा करने पर भी प्रतिबंध रहेगा। आचार संहिता का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष रखना और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को रोकना है। स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक निर्णय लेने में सावधानी बरतनी होगी।
पहले से चल रहे कार्य जारी रहेंगे
आचार संहिता लागू होने से पहले जारी किए गए वर्क ऑर्डर वाले विकास कार्य बिना रुकावट जारी रहेंगे। जो निर्माण कार्य जमीन पर पहले से चल रहे हैं उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट जैसी आवश्यक नागरिक सेवाएं नियमित रूप से संचालित होती रहेंगी। आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े कार्यों में कोई व्यवधान नहीं आएगा। प्रशासन को सुनिश्चित करना होगा कि आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुचारू बनी रहे।
विधानसभा में बिल पेश करने पर क्या नियम?
निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक चर्चा इस बात पर भी केंद्रित है कि विधानसभा में नए विधेयक पेश करने का चुनाव तारीखों पर क्या असर पड़ेगा। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार आचार संहिता के दौरान भी विधानसभा में बिल पेश किए जा सकते हैं और विधायी कार्य निपटाए जा सकते हैं। हालांकि सरकार ऐसे किसी निर्णय या प्रचार माध्यम का उपयोग नहीं कर सकती जिससे मतदाता प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हों। सरकारी विज्ञापनों और प्रचार संबंधी गतिविधियों पर कड़े नियम लागू रहेंगे। चुनाव आयोग की निगरानी में इन नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
आरक्षण और परिसीमन रिपोर्ट की समीक्षा
स्वायत्त शासन विभाग द्वारा भेजी गई आरक्षण और परिसीमन रिपोर्ट आयोग के अधिकारियों के पास समीक्षाधीन है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही विभिन्न निकायों में आरक्षित सीटों का निर्धारण होगा। रिपोर्ट पूरी तरह सही पाए जाने पर आयोग जल्द से जल्द चुनाव कार्यक्रम जारी कर सकता है। किसी भी त्रुटि की स्थिति में विभाग को सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। आयोग इस प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दे रहा है ताकि चुनाव निर्धारित समय पर हो सकें।
राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज
निकाय चुनाव को लेकर प्रमुख राजनीतिक दल अपनी तैयारियां तेज कर चुके हैं। भाजपा और कांग्रेस समेत अन्य दल टिकट वितरण की गाइडलाइन तय करने और संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय हो गए हैं। पंचायत-निकाय चुनाव से पहले पार्टियां अपने कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारने की रणनीति बना रही हैं। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद प्रचार अभियान औपचारिक रूप से शुरू होगा। दलों को आचार संहिता का सख्ती से पालन करना होगा अन्यथा उल्लंघन पर कार्रवाई हो सकती है।
Rajasthan Local Body Polls 2026: सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर जोर
आयोग बूथ स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। अंतिम मतदाता सूची का सत्यापन और बूथों की तैयारी अंतिम चरण में है। दो चरणों में मतदान कराने से प्रशासनिक दबाव कम होगा और प्रक्रिया सुचारू रूप से चलेगी। राज्य भर के शहरी निकायों में चुनाव कर्मियों की तैनाती और प्रशिक्षण का काम भी पूरा किया जा रहा है। आयोग का लक्ष्य निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना है।
राजस्थान में शहरी निकाय चुनावों की घोषणा का इंतजार खत्म होने वाला है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कार्यक्रम जारी होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी जिससे नए विकास कार्यों पर रोक लगेगी लेकिन पहले से चल रहे कार्य और आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। दो चरणों में सितंबर में मतदान की योजना है। आरक्षण-परिसीमन रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आज ही घोषणा हो सकती है। सटीक तारीखें और निकायों की सूची आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस और अंतिम अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होंगी। पूरा राज्य अब चुनाव आयोग के आधिकारिक ऐलान का इंतजार कर रहा है।
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