Uttarakhand News: उत्तराखंड में बाजार में बिकने वाले एनालॉग पनीर पर अब पूरी तरह रोक लगा दी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें दुकानदारों को इस नए आदेश के बारे में जागरूक कर रही हैं। सात अगस्त को आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पाण्डेय की ओर से यह आदेश जारी किया गया। रामनगर नैनीताल के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मोहम्मद असलम ने स्पष्ट किया कि अब एनालॉग पनीर की बिक्री नहीं हो सकती। खाद्य पदार्थों के दुकानदारों को बता दिया गया है कि वे प्रतिबंधित गैर दुग्ध उत्पाद न बेचें।
नियमों का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है ताकि कोई दुकानदार अनजाने में भी इस उत्पाद की बिक्री न करे।
Uttarakhand News: एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध का आदेश कैसे जारी हुआ?
उत्तराखंड में एनालॉग पनीर की बिक्री पर पहले कोई रोक नहीं थी। सात अगस्त को आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पाण्डेय ने आदेश जारी कर इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। आदेश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो गया। विभाग की टीमें बाजारों और दुकानों का दौरा कर दुकानदारों को नई व्यवस्था की जानकारी दे रही हैं। रामनगर समेत विभिन्न क्षेत्रों में अधिकारियों ने दुकानदारों से सीधे संवाद स्थापित किया है। आदेश का मकसद बाजार में सही दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को गलत उत्पादों से बचाना है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी दुकानदार अब इस उत्पाद को अपने स्टॉक में न रखे।
रामनगर अधिकारी ने क्या बताया?
रामनगर के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मोहम्मद असलम ने बताया कि एनालॉग पनीर की बिक्री अब पूरी तरह बंद कर दी गई है। खाद्य पदार्थों की दुकानों पर नए आदेश के संबंध में जानकारी दे दी गई है। दुकानदारों से कहा गया है कि वे प्रतिबंधित गैर दुग्ध उत्पाद की बिक्री बिल्कुल न करें। अगर कोई दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि विभाग सिर्फ सख्ती नहीं दिखा रहा बल्कि जागरूकता पर भी जोर दे रहा है। कई दुकानदार पहले इस उत्पाद को सामान्य पनीर समझकर बेच रहे थे। अब उन्हें सही जानकारी दी जा रही है ताकि भविष्य में कोई गलती न हो।
एनालॉग पनीर कैसे बनाया जाता है?
एनालॉग पनीर ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो दिखने और स्वाद में असली दूध से बने पनीर जैसे लगते हैं। इसे मुख्य रूप से पाम ऑयल, मिल्क पाउडर, आलू और मक्के के स्टार्च तथा सोया प्रोटीन से तैयार किया जाता है। असली पनीर पूरी तरह दूध से बनता है जबकि एनालॉग पनीर में दूध की जगह अन्य सामग्री का इस्तेमाल होता है। बाजार में यह सस्ता मिलने की वजह से कई जगह बिक रहा था। अब प्रतिबंध के बाद इसकी बिक्री पूरी तरह अवैध हो गई है। विभाग चाहता है कि उपभोक्ता केवल शुद्ध दुग्ध उत्पाद ही खरीदें। दुकानदारों को भी असली और एनालॉग पनीर की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है।
दुकानदारों को जागरूक करने का अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें बाजारों में जाकर दुकानदारों से मिल रही हैं। उन्हें आदेश की कॉपी दिखाकर समझाया जा रहा है कि अब एनालॉग पनीर बेचना नियमों के खिलाफ है। कई दुकानदारों ने स्टॉक में रखा यह उत्पाद हटा लिया है। विभाग का जोर सिर्फ सजा पर नहीं बल्कि सही जानकारी देने पर है। जागरूकता अभियान के दौरान दुकानदारों को बताया जा रहा है कि उल्लंघन करने पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है। रामनगर समेत अन्य क्षेत्रों में यह अभियान तेज कर दिया गया है। अधिकारी नियमित जांच भी कर रहे हैं ताकि कोई दुकान छूट न जाए।
उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने रखता है यह प्रतिबंध?
बाजार में एनालॉग पनीर की बिक्री बंद होने से उपभोक्ताओं को शुद्ध पनीर मिलने की संभावना बढ़ गई है। कई लोग सस्ते होने के कारण एनालॉग पनीर खरीद लेते थे बिना यह जाने कि यह असली दूध से नहीं बना। अब प्रतिबंध के बाद दुकानदार केवल दूध से बने पनीर ही बेचेंगे। विभाग का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं का भरोसा खाद्य उत्पादों पर और मजबूत होगा। जागरूकता अभियान के दौरान आम लोगों को भी सही पनीर की पहचान के बारे में बताया जा रहा है। शुद्ध उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है।
उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई होगी?
आदेश का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी नियमित जांच कर रहे हैं। अगर किसी दुकान पर एनालॉग पनीर बिकते पाया गया तो तुरंत कार्रवाई शुरू की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी छूट नहीं दी जाएगी। दुकानदारों को पहले ही चेतावनी दे दी गई है। जागरूकता के बावजूद अगर कोई नियम तोड़ता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। इस सख्ती से बाजार में अनुशासन बनेगा और प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित होगा।
Uttarakhand News: पूरे राज्य में लागू होगा आदेश
यह आदेश पूरे उत्तराखंड में लागू है। रामनगर नैनीताल से शुरू हुई जागरूकता अभियान अन्य जिलों में भी चलाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें अलग-अलग बाजारों का दौरा कर रही हैं। आयुक्त के आदेश के बाद पूरे राज्य में एक जैसी व्यवस्था लागू करने की कोशिश की जा रही है। दुकानदारों को लिखित में भी निर्देश दिए जा रहे हैं। विभाग चाहता है कि कम से कम समय में बाजार से एनालॉग पनीर पूरी तरह गायब हो जाए। नियमित मॉनिटरिंग से इस लक्ष्य को हासिल करने की योजना है।
उत्तराखंड में एनालॉग पनीर की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सात अगस्त को आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पाण्डेय ने यह आदेश जारी किया। रामनगर के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मोहम्मद असलम ने बताया कि अब इसकी बिक्री नहीं हो सकती। दुकानदारों को जागरूक किया जा रहा है और उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। एनालॉग पनीर पाम ऑयल, मिल्क पाउडर, स्टार्च और सोया प्रोटीन से बनता है। विभाग की टीमें सक्रिय हैं और पूरे राज्य में आदेश का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को शुद्ध दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
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