https://whatsapp.com/channel/0029VajZKpiKWEKiaaMk4U3l

Top 5 This Week

Related Posts

Bihar News: सीएम नीतीश कुमार ने गांव-गांव पहुंचाई रोजगार की नई योजना, हर गांव में बनेगी दुग्ध उत्पादन समिति

Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में रोजगार और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने सात निश्चय-3 के तीसरे निश्चय ‘कृषि में प्रगति-प्रदेश में समृद्धि’ के तहत राज्य के हर गांव में दुग्ध उत्पादन समिति गठित करने का फैसला लिया है। इस योजना से पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया पर इस योजना की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि राज्य के कुल 39,073 गांवों में से अब तक 25,593 गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियां बन चुकी हैं। शेष गांवों में अगले दो वर्षों के अंदर समितियां गठित करने का निर्देश पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग को दे दिया गया है।

योजना का मुख्य उद्देश्य

Bihar News
Bihar News

यह योजना बिहार में डेयरी उद्योग को मजबूत करने और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए शुरू की गई है। मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • पशुपालकों को दूध का उचित और समय पर मूल्य मिले।

  • दूध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की व्यवस्था गांव स्तर पर हो।

  • ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ें।

  • राज्य में दूध की उपलब्धता बढ़े और किसानों की आय दोगुनी हो।

  • सहकारी समिति के माध्यम से बिचौलियों की भूमिका कम हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादन समितियां गांव स्तर पर पशुपालकों को संगठित करेंगी। इससे दूध का संग्रह आसान होगा और बाजार तक पहुंच बेहतर बनेगी।

अब तक की प्रगति

  • कुल गांव: 39,073

  • समितियां गठित: 25,593

  • शेष गांव: 13,480

  • लक्ष्य: अगले 2 वर्षों में शेष गांवों में समितियां बनाना

यह प्रगति पिछले कुछ वर्षों में डेयरी सेक्टर में हुई मेहनत का नतीजा है। बिहार में पहले से ही कई सहकारी डेयरी संस्थाएं काम कर रही हैं, लेकिन अब हर गांव तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना से किसे फायदा होगा?

  1. पशुपालक परिवार छोटे-मोटे पशुपालक अब संगठित होकर दूध बेच सकेंगे। उचित मूल्य मिलने से उनकी आय बढ़ेगी।

  2. ग्रामीण महिलाएं डेयरी से जुड़े काम में महिलाओं की भागीदारी ज्यादा होती है। समितियां बनने से उन्हें स्वरोजगार मिलेगा।

  3. युवा दूध संग्रह, परिवहन, प्रसंस्करण और विपणन में युवाओं को रोजगार मिलेगा।

  4. राज्य की अर्थव्यवस्था दूध उत्पादन बढ़ने से राज्य की जीडीपी में योगदान बढ़ेगा। दूध से जुड़े उत्पाद जैसे घी, पनीर, दही आदि का उत्पादन भी बढ़ेगा।

सात निश्चय-3 में डेयरी का स्थान

नीतीश कुमार सरकार के सात निश्चय-3 में कृषि और पशुपालन को विशेष महत्व दिया गया है। ‘कृषि में प्रगति-प्रदेश में समृद्धि’ निश्चय के तहत डेयरी, मुर्गीपालन, मत्स्य पालन और अन्य क्षेत्रों में काम हो रहा है। दुग्ध उत्पादन समिति इसी निश्चय का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने पहले भी कई बार कहा है कि अगले पांच साल में राज्य में एक करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है। यह योजना उसी लक्ष्य की दिशा में एक कदम है।

पशुपालकों के लिए अन्य सुविधाएं

बिहार सरकार पहले से ही पशुपालकों के लिए कई योजनाएं चला रही है:

  • मुख्यमंत्री समेकित पशुधन विकास योजना

  • दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को सब्सिडी

  • पशु बीमा योजना

  • चारा बैंक और पशु चिकित्सा सुविधा

  • दूध प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहन

नई समितियां इन योजनाओं से जुड़कर और मजबूत होंगी।

लोगों की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की इस पोस्ट को काफी सराहना मिल रही है। कई पशुपालक और ग्रामीण युवा इसे स्वागतयोग्य बता रहे हैं। कुछ लोगों ने कहा कि अगर समितियां सही तरीके से काम करेंगी तो बिचौलियों की मनमानी रुकेगी और दूध का सही दाम मिलेगा।

क्या चुनौतियां हैं?

  • शेष 13,480 गांवों में समितियां बनाने में समय लग सकता है।

  • प्रशिक्षण और जागरूकता की जरूरत।

  • समितियों का प्रबंधन पारदर्शी होना चाहिए।

  • दूध संग्रहण के लिए कोल्ड स्टोरेज और परिवहन की व्यवस्था मजबूत करनी होगी।

सरकार ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग को निर्देश दिए हैं।

Bihar News: निष्कर्ष

नीतीश कुमार सरकार की यह योजना ग्रामीण बिहार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। गांव-गांव दुग्ध उत्पादन समिति बनने से पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार बढ़ेगा और किसानों की आय में सुधार होगा। अगले दो साल में जब सभी गांवों में समितियां बन जाएंगी तो बिहार डेयरी उत्पादन में एक बड़ा राज्य बन सकता है

यह कदम मुख्यमंत्री के ‘एक करोड़ रोजगार’ के लक्ष्य को पूरा करने में सहायक साबित होगा। पशुपालक परिवारों के लिए यह खुशखबरी है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles