Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव की दस्तक सुनाई दे रही है। जनता दल यूनाइटेड के नेता और बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव लड़ने का फैसला करते हुए मुख्यमंत्री पद छोड़ने का संकेत दे दिया है। गुरुवार को उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन भर दिया। इसके बाद से बिहार में नए मुख्यमंत्री और नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार इस बार बिहार को पहली बार भारतीय जनता पार्टी यानी BJP का मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है जो राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक अभूतपूर्व घटना होगी।
बिहार को पहली बार मिलेगा BJP का CM
बिहार में अब तक की राजनीति मुख्य रूप से JDU और राष्ट्रीय जनता दल यानी RJD के इर्द-गिर्द घूमती रही है। भाजपा NDA गठबंधन की सबसे बड़ी साझेदार जरूर रही है लेकिन मुख्यमंत्री पद हमेशा JDU के पास रहा। नीतीश कुमार ने खुद रिकॉर्ड 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। लेकिन अब जब वे राज्यसभा की ओर रुख कर रहे हैं तो यह परंपरा टूटने जा रही है। सूत्रों का कहना है कि नई सरकार में BJP का नेता मुख्यमंत्री बनेगा। यह बिहार के राजनीतिक इतिहास में पहली बार होगा।
निशांत कुमार हो सकते हैं उपमुख्यमंत्री
सूत्रों के अनुसार नई सरकार में केवल एक उपमुख्यमंत्री होगा और इस पद के लिए नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार का नाम सबसे आगे है। अगर यह होता है तो यह निशांत कुमार की राजनीति में औपचारिक और ऐतिहासिक शुरुआत होगी। नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा परिवारवाद से दूरी बनाए रखने की छवि बनाई थी। ऐसे में निशांत का उपमुख्यमंत्री बनना राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण और चर्चा का विषय बन गया है।
कैबिनेट का संभावित स्वरूप
सूत्रों ने नए बिहार कैबिनेट की रूपरेखा के बारे में भी जानकारी दी है। इसके अनुसार JDU से 15 मंत्री नए मंत्रिमंडल में शामिल होंगे। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास से 2 मंत्री, राष्ट्रीय लोक मोर्चा से 1 मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से 1 मंत्री भी कैबिनेट में जगह पाएंगे। इस तरह NDA के सभी घटक दलों को नई सरकार में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष यानी स्पीकर का पद BJP के नेता के पास रहेगा।
नीतीश का ऐतिहासिक फैसला

75 वर्षीय नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव लड़ने का अपना फैसला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि वे इस बार होने वाले राज्यसभा चुनावों में सदस्य बनना चाहते हैं और उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि उनका रिश्ता भविष्य में भी जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक विकसित बिहार बनाने के लिए मिलकर काम करने का उनका संकल्प अटल रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो नई सरकार बनेगी उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।
राज्यसभा चुनाव की पूरी तस्वीर
नीतीश कुमार के साथ BJP के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन, JDU के केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और BJP के राज्य महासचिव शिवेश कुमार ने भी राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होने हैं और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना भी होगी।
Nitish Kumar: नीतीश कुमार का अब तक का सफर
नीतीश कुमार का बिहार की राजनीति में योगदान अतुलनीय रहा है। दो दशकों से अधिक समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश ने राज्य को अराजकता और जंगलराज की छवि से बाहर निकाला और विकास की नई दिशा दी। सड़कें, बिजली, कानून-व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके कार्यकाल में हुई प्रगति को व्यापक रूप से सराहा जाता है।
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