Top 5 This Week

Related Posts

BJP Big Action On Bangladesh: शुभेंदु अधिकारी के सीमा पर कांटेदार तार के फैसले से बांग्लादेश में हड़कंप, बीजीबी हाई अलर्ट पर

BJP Big Action On Bangladesh: पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में भारत-बांग्लादेश सीमा पर कांटेदार तार लगाने के लिए जमीन देने का फैसला किया। इस फैसले के बाद बांग्लादेश में हड़कंप मच गया है और वहां की सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही एक बड़ा कदम उठाया। बैठक में तय किया गया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर कांटेदार तार बिछाने के लिए बीएसएफ को जमीन सौंपी जाएगी। नई सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि यह पूरी प्रक्रिया अगले 45 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी।

यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछली सरकार के समय सीमा पर कांटेदार तार लगाने को लेकर जमीन विवाद की वजह से कई सीमावर्ती इलाके खुले और असुरक्षित रह गए थे। नई सरकार ने यह रुकावट दूर करते हुए बीएसएफ को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

BJP Big Action On Bangladesh: बांग्लादेश में हाई अलर्ट, बीजीबी को सतर्क रहने के आदेश

भारत के इस फैसले के बाद बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश यानी बीजीबी को भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र में हाई अलर्ट पर रखने का आदेश दिया है। बांग्लादेश के गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह कदम सीमा पर कांटेदार तार लगाने के दौरान किसी भी अनचाहे घटना को रोकने के लिए उठाया गया है।

बांग्लादेश को डर है कि सीमा पर बाड़बंदी पूरी होने के बाद घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। इस संभावित स्थिति से निपटने के लिए बीजीबी को सीमा पर कड़ी निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

बांग्लादेश को भारत से नरमी की उम्मीद

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने ढाका में मीडिया से बात करते हुए कहा कि बांग्लादेश सरकार को उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल की नई सरकार चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कठोर बयानों को अमल में नहीं लाएगी।

हुमायूं कबीर ने कहा कि बांग्लादेश भारत की इन प्रशासनिक गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को देखते हुए ढाका को उम्मीद है कि नई सरकार कोई ऐसा कदम नहीं उठाएगी जिससे द्विपक्षीय संबंध प्रभावित हों।

शुभेंदु ने चुनाव प्रचार में किया था ‘पुशबैक’ का वादा

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कई बार यह कहा था कि अगर उनकी सरकार बनी तो बंगाल में एक भी अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ‘पुशबैक’ की नीति की बात भी कही थी यानी जो भी अवैध रूप से सीमा पार करेगा उसे वापस बांग्लादेश भेज दिया जाएगा।

इन्हीं बयानों को लेकर ढाका चिंतित है। बांग्लादेश का मानना है कि अगर इस नीति को सख्ती से लागू किया गया तो बड़ी संख्या में लोगों को जबरन वापस भेजा जा सकता है जिससे बांग्लादेश में नई समस्याएं खड़ी होंगी।

असम के सीएम की टिप्पणियों पर भी भड़का था बांग्लादेश

यह पहला मौका नहीं है जब बांग्लादेश ने भारत के किसी राज्य सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई हो। कुछ दिन पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा की कुछ टिप्पणियों को लेकर ढाका में भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया था।

हुमायूं कबीर ने उस मामले में भी कहा था कि बांग्लादेश भारत की तरफ से आ रहे ऐसे बयानों को गंभीरता से लेता है। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध बनाए रखना दोनों पक्षों की जिम्मेदारी है।

घुसपैठ का मुद्दा बीजेपी का मुख्य एजेंडा रहा है

पश्चिम बंगाल में भाजपा शुरू से ही बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को जोरशोर से उठाती रही है। पार्टी का कहना है कि वर्षों से बड़ी संख्या में अवैध रूप से बांग्लादेशी नागरिक पश्चिम बंगाल में आकर बस गए हैं। इससे राज्य के संसाधनों पर दबाव बढ़ा है और सामाजिक तानाबाना भी प्रभावित हुआ है।

भाजपा का आरोप रहा है कि पिछली सरकार ने जानबूझकर सीमा पर बाड़बंदी के काम को रोका जिससे घुसपैठ जारी रही। अब नई सरकार बनते ही इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

45 दिनों में पूरी होगी जमीन सौंपने की प्रक्रिया

नई सरकार ने स्पष्ट किया है कि बीएसएफ को सीमावर्ती जमीन सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह काम 45 दिनों के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद कांटेदार तार लगाने का काम तेज गति से आगे बढ़ेगा।

सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल में किसी भी अवैध बांग्लादेशी नागरिक को रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यह नई सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है।

सोशल मीडिया पर धमकी, बांग्लादेश कनेक्शन का शक

इस पूरे मामले के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को फेसबुक पर धमकी भरा संदेश भी मिला है। सूत्रों के मुताबिक इस धमकी का बांग्लादेश से जुड़ाव होने का संदेह है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं।

इस घटना ने राज्य में सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। माना जा रहा है कि सीमा पर बाड़बंदी और घुसपैठ रोकने की नीति से नाराज तत्वों की ओर से यह धमकी दी गई है।

BJP Big Action On Bangladesh: क्या है पूरे विवाद की जड़?

भारत और बांग्लादेश की साझा सीमा करीब 4,156 किलोमीटर लंबी है। इसमें से पश्चिम बंगाल की सीमा लगभग 2,216 किलोमीटर है। इस लंबी सीमा के कई हिस्से अभी भी खुले हैं जहां बाड़बंदी नहीं हो पाई है।

पिछली सरकार के समय जमीन विवाद और प्रशासनिक अड़चनों की वजह से बाड़बंदी का काम अधूरा रहा। अब नई सरकार इन बाधाओं को हटाकर सीमा सुरक्षा को पुख्ता करने की दिशा में काम कर रही है।

BJP Big Action On Bangladesh: निष्कर्ष

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले ने बांग्लादेश में बेचैनी बढ़ा दी है। एक तरफ भारत अपनी सीमाओं को सुरक्षित करना चाहता है तो दूसरी तरफ बांग्लादेश अपनी चिंताएं सामने रख रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है। फिलहाल सीमा पर बाड़बंदी की प्रक्रिया जारी है और दोनों देशों की नजरें एक-दूसरे की गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।

Read More Here:- 

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक के आरोप में CBI करेगी जांच, लाखों छात्रों को दोबारा देनी होगी परीक्षा

Anupama Spoiler: कैफे में गैस लीक से हसमुख की जान पर बन आई, तोशू ने माही को घर से निकाला

ITEP Course 2026: 12वीं के बाद सीधे बनें टीचर! ITEP कोर्स से BEd की झंझट खत्म, 4 साल में मिलेगा पूरा प्रोफेशनल प्रशिक्षण

Mini Thailand in India: हिमाचल प्रदेश का जिब्बी गांव जिसे कहते हैं भारत का मिनी थाईलैंड, झरने, हरियाली और प्राकृतिक पूल का अद्भुत संगम देखकर हैरान रह जाएंगे

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles