Kharif 2026 UP: उत्तर प्रदेश में खरीफ सीजन 2026 की बुवाई शुरू होने से पहले ही योगी सरकार ने किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर दी है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार बुवाई के मौसम में यूरिया, डीएपी और एनपीके सहित किसी भी खाद की कमी नहीं होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में उर्वरक आपूर्ति, उपलब्धता और वितरण को लेकर पूरी रणनीति तैयार कर ली गई है।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
28 अप्रैल 2026 को मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कृषि विभाग, सहकारिता विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में खरीफ सीजन 2026 के लिए खाद की मांग, आपूर्ति श्रृंखला और वितरण व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में यह तय किया गया कि हर जिले में बुवाई शुरू होने से पहले खाद का पूरा स्टॉक तैयार रखा जाए। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मांग के अनुसार उर्वरक पहले से जमा किए जाएं। किसानों को लाइन में लगने या खाद की कमी की परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
वैश्विक तनाव के बावजूद UP में खाद की पर्याप्त उपलब्धता का भरोसा

इस समय ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव की वजह से दुनियाभर में उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ने की आशंका है। इसके बावजूद योगी सरकार ने किसानों को आश्वस्त किया है कि उत्तर प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं आएगी।
सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार ने भी खरीफ 2026 के लिए उर्वरक उपलब्धता का पूरा भरोसा दिया है। देश में यूरिया, डीएपी और अन्य खादों का स्टॉक पिछले साल से काफी बेहतर है। उत्तर प्रदेश को केंद्र की ओर से समय पर और तय मात्रा में उर्वरक आवंटन दिया जा रहा है।
पीओएस मशीनों से ही बिकेगी सब्सिडी वाली खाद, नहीं चलेगी धांधली
योगी सरकार ने उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि सब्सिडी वाली सभी खादों की बिक्री केवल पीओएस मशीन के जरिए ही होगी। इसके बिना एक भी बोरी खाद नहीं बेची जाएगी।
इस व्यवस्था से खाद का डायवर्सन रोका जाएगा और यह भी पक्का होगा कि सब्सिडी का फायदा सीधे किसानों तक पहुंचे। सभी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर पीओएस मशीनों की नियमित जांच होगी। अगर कोई मशीन खराब मिली या उसका गलत इस्तेमाल हुआ तो संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई होगी।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
बैठक में जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने को सबसे ज्यादा जरूरी बताया गया। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए।
अंतर्राष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय सीमा से लगे जिलों में खास निगरानी रखी जाएगी ताकि यूपी की खाद दूसरे राज्यों में न जा सके। हर जिले में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी खाद बिक्री केंद्रों का नियमित दौरा करेगी और स्टॉक की समीक्षा करती रहेगी।
सीएम योगी ने किसानों से की सीधी अपील, खाद माफियाओं को दी चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से अपील की है कि अगर कोई दुकानदार खाद के साथ जबरन दूसरा सामान खरीदने पर मजबूर करे, तय दर से ज्यादा कीमत वसूले या कालाबाजारी करे तो तुरंत जिला प्रशासन या सरकारी हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। सरकार हर शिकायत पर तुरंत कदम उठाएगी।
खाद माफियाओं को चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि खेती-किसानी के साथ खिलवाड़ करने वालों को उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है। कानून अब और सख्ती से काम करेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
खरीफ 2026 में इन फसलों की बुवाई पर रहेगा जोर
उत्तर प्रदेश में खरीफ सीजन 2026 के दौरान मुख्य रूप से धान, मक्का, बाजरा, अरहर, मूंग, उड़द, सोयाबीन और गन्ने की बुवाई होगी। इन सभी फसलों के लिए जरूरी उर्वरकों की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जा रही है।
कृषि विभाग ने हर जिले में खाद की मांग का हिसाब लगा लिया है और उसी के अनुसार आपूर्ति की योजना बना ली गई है। सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं दोनों के जरिए खाद किसानों तक पहुंचाई जाएगी, लेकिन दोनों पर निगरानी एक समान रहेगी।
डिजिटल मॉनिटरिंग से होगी हर हफ्ते समीक्षा
मुख्य सचिव ने आदेश दिया है कि खरीफ सीजन के दौरान हर हफ्ते उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा होगी। डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए रीयल टाइम में स्टॉक और बिक्री की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचती रहेगी।
अगर किसी जिले में खाद की कमी नजर आए तो तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। इस डिजिटल निगरानी से न सिर्फ आपूर्ति में सुधार होगा बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।
मिट्टी परीक्षण के आधार पर खाद इस्तेमाल की सलाह
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि खाद का सही और संतुलित उपयोग करना बेहद जरूरी है। बिना सोचे-समझे यूरिया का अधिक उपयोग मिट्टी की उर्वरा शक्ति को कमजोर करता है और फसल की गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ता है।
किसानों को सरकारी मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड अभियान का लाभ उठाने की सलाह दी गई है। मिट्टी जांच के बाद ही तय करें कि किस खाद की कितनी जरूरत है। जैविक खाद का उपयोग बढ़ाएं, इससे खेती का खर्च घटेगा और उपज की गुणवत्ता बेहतर होगी।
Kharif 2026 UP: किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर, सरकार पूरी तरह तैयार
योगी सरकार का यह एक्शन प्लान उत्तर प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने न सिर्फ खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की है बल्कि कालाबाजारी रोकने, पारदर्शी वितरण करने और किसानों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने का भी पक्का इंतजाम किया है।
यह पहली बार है जब राज्य सरकार ने खरीफ सीजन से इतने पहले और इतने संगठित तरीके से उर्वरक प्रबंधन की तैयारी की है। सरकार का लक्ष्य है कि इस बार खरीफ की बुवाई बिना किसी रुकावट के पूरी तरह सुचारू रूप से हो और हर किसान को सही समय पर खाद मिले।
उत्तर प्रदेश के किसी भी किसान को खाद से जुड़ी कोई समस्या हो तो वे अपने जिले के कृषि अधिकारी या सरकारी हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क कर सकते हैं।
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