Children Health Tips: विटामिन D को ‘सनशाइन विटामिन’ कहा जाता है क्योंकि यह मुख्य रूप से धूप से मिलता है। छोटे बच्चों (टॉडलर्स) के लिए यह बेहद जरूरी है क्योंकि यह हड्डियों का विकास, इम्यूनिटी और ग्रोथ में मदद करता है। आजकल बच्चे ज्यादातर इंडोर रहते हैं, जिससे विटामिन D की कमी आम हो गई है। डॉक्टरों के अनुसार, धूप की कमी से रिकेट्स जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। छोटे शहरों और गांवों के माता-पिता जो बच्चों को बाहर खेलने से रोकते हैं, उन्हें यह जानना जरूरी है कि रोज 15-20 मिनट धूप बच्चों की सेहत के लिए वरदान है।
विटामिन D की कमी के खतरे: रिकेट्स से इम्यूनिटी तक
कमी से हड्डियां कमजोर होती हैं, ग्रोथ रुकती है और इम्यूनिटी कमजोर पड़ती है। बार-बार संक्रमण, नींद की समस्या और मूड खराब होना आम है। गंभीर मामलों में रिकेट्स होता है, जिसमें हड्डियां मुड़ जाती हैं। सप्लीमेंट्स के साथ शारीरिक गतिविधि जरूरी है, वरना हड्डियां मजबूत नहीं बनतीं।
कमी के मुख्य कारण: इंडोर लाइफस्टाइल और सनस्क्रीन
बच्चों को बाहर न ले जाना, सनस्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल, खिड़की के शीशे से धूप लेना (UVB किरणें रुक जाती हैं) और फोर्टिफाइड फूड कम खाना मुख्य कारण हैं। धूप सबसे भरोसेमंद स्रोत है।
लक्षण और उपचार: डॉक्टर से सलाह जरूरी
लक्षण: कमजोरी, हड्डियों में दर्द, चलने में देरी, संक्रमण। उपचार: सुबह 15-20 मिनट धूप, फोर्टिफाइड दूध, अंडे की जर्दी, मछली। डॉक्टर से सप्लीमेंट्स लें। बाहर खेलने से मोटर स्किल्स और भावनात्मक विकास होता है।



