Gold-Silver Price: सर्राफा बाजार में शुक्रवार को भूकंप आ गया। कीमती धातुओं की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई जिसने निवेशकों को सदमे में डाल दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर एक ही दिन में चांदी की कीमतों में 1 लाख रुपये से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि सोना भी एक झटके में 33,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया। बाजार विशेषज्ञों द्वारा जताया गया ‘बुलबुला फूटने’ का अनुमान सच साबित हुआ है।
चांदी में आई ऐतिहासिक गिरावट
शुक्रवार को चांदी की कीमतों में देखी गई गिरावट हाल के वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी एक ही दिन में 1 लाख रुपये से अधिक टूट गई। यह गिरावट इतनी तेज और अचानक थी कि सर्राफा बाजार में हड़कंप मच गया। जो निवेशक ऊंची कीमतों पर चांदी में निवेश कर चुके थे, उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।
सोने में भी भारी गिरावट

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। सोना एक ही दिन में 33,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक गिर गया। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए बड़ा झटका रही जिन्होंने हाल के दिनों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर सोना खरीदा था। पिछले कुछ हफ्तों में सोने की कीमतें लगातार नई ऊंचाइयां छू रही थीं, लेकिन शुक्रवार को यह रुझान पूरी तरह पलट गया।
MCX पर कीमतों में तगड़ी गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार के दौरान सोने और चांदी दोनों की फ्यूचर कीमतों में भारी गिरावट आई। सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक, यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट का सीधा असर है। वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं की कीमतें तेजी से नीचे आईं, जिसका प्रभाव भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
बुलबुला फूटने की आशंका हुई सच
बाजार विशेषज्ञ पिछले कुछ समय से चेतावनी दे रहे थे कि सोने और चांदी की कीमतों में जो तेजी आई है, वह टिकाऊ नहीं है। कई विशेषज्ञों ने इसे ‘बुलबुला’ करार देते हुए कहा था कि जल्द ही कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। शुक्रवार को आई गिरावट ने इन आशंकाओं को सच साबित कर दिया। जिन निवेशकों ने सट्टेबाजी की मानसिकता से ऊंची कीमतों पर खरीदारी की थी, उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
निवेशकों को लगा बड़ा झटका
इस अचानक आई गिरावट से छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। खासकर वे निवेशक जिन्होंने पिछले एक-दो हफ्ते में रिकॉर्ड ऊंची कीमतों पर सोना या चांदी खरीदी थी, वे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई निवेशकों ने घबराहट में अपनी होल्डिंग बेचने का फैसला किया, जिससे कीमतों में और गिरावट आई।
सर्राफा बाजार में हाहाकार
सर्राफा बाजार में व्यापारियों और निवेशकों के बीच घबराहट का माहौल देखा गया। कई व्यापारियों ने बताया कि इतनी तेज और भारी गिरावट उन्होंने बहुत समय बाद देखी है। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ कम रही क्योंकि लोग आगे और गिरावट की उम्मीद में खरीदारी टाल रहे थे। वहीं, कुछ चतुर निवेशक इस गिरावट को मौके के रूप में देख रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव
भारतीय बाजार में आई यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार में आए बदलावों का परिणाम है। वैश्विक स्तर पर डॉलर में मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर स्पष्टता आने से सोने-चांदी जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों में निवेश कम हुआ है। निवेशक अब जोखिम भरी संपत्तियों की ओर लौट रहे हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट एक सुधार का हिस्सा है। पिछले कुछ महीनों में जो तेजी आई थी, वह मूलभूत कारकों से अधिक सट्टेबाजी का परिणाम थी। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतनी चाहिए। जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, उनके लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर हो सकती है।
क्या आगे भी गिरावट जारी रहेगी
सवाल यह है कि क्या यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी या यह एक अस्थायी सुधार है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अभी कीमतों में कुछ दिनों तक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आती है तो घरेलू बाजार में भी कीमतें स्थिर हो सकती हैं। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि और गिरावट की गुंजाइश बनी हुई है।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न लें। घबराकर नुकसान में बेचने के बजाय बाजार को स्थिर होने का समय देना चाहिए। जो लोग लंबी अवधि के लिए सोना-चांदी में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह गिरावट अच्छा मौका हो सकता है। हालांकि, सट्टेबाजी की मानसिकता से बचना चाहिए और केवल उतनी ही राशि निवेश करनी चाहिए जितना नुकसान वहन किया जा सके।
Gold-Silver Price: शेयर बाजार पर भी असर
सोने-चांदी की कीमतों में आई इस भारी गिरावट का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी देखा गया। कीमती धातुओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। निवेशकों का मूड खराब होने से सेंसेक्स और निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, कमोडिटी बाजार में आई अस्थिरता का प्रभाव इक्विटी बाजार पर भी पड़ सकता है।
शुक्रवार की यह गिरावट सर्राफा बाजार के लिए एक चेतावनी है कि तेजी हमेशा बनी नहीं रहती। निवेशकों को सावधानी से निवेश करना चाहिए और बाजार की चाल को समझकर ही कदम उठाने चाहिए।



