Heatstroke Alert 2026: अप्रैल 2026 में झुलसाने वाली गर्मी ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण तक तापमान तेजी से बढ़ रहा है और मौसम विभाग ने कई राज्यों में लू यानी हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। इस कड़ी धूप और गर्म हवाओं के बीच सबसे बड़ा खतरा है हीटस्ट्रोक का। लू लगना एक ऐसी समस्या है जो शुरुआत में बहुत सामान्य लगती है लेकिन अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि हर साल गर्मियों में हजारों लोग सिर्फ इसलिए परेशान होते हैं क्योंकि उन्हें लू के लक्षण पहचानने नहीं आते और वे इसे सामान्य बुखार या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इसलिए आज हम आपको लू के वे पांच लक्षण बताएंगे जिन्हें देखते ही सतर्क हो जाना चाहिए और साथ ही बताएंगे कि इससे कैसे बचें और अगर लग जाए तो क्या करें।
लू लगना क्या होता है और क्यों है खतरनाक
हमारा शरीर एक तय तापमान पर काम करता है। जब बाहर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो शरीर खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है। इसके लिए वह पसीना निकालता है। लेकिन जब गर्मी इतनी ज्यादा होती है कि शरीर का यह तंत्र काम करना बंद कर देता है, तो शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। इसे ही हीटस्ट्रोक या लू लगना कहते हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक हीटस्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान 104 डिग्री फैरेनहाइट यानी 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है। इस स्थिति में दिमाग, दिल, किडनी और मांसपेशियां सब प्रभावित होने लगती हैं। अगर तुरंत इलाज न मिले तो यह अंगों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है और जान भी जा सकती है। इसीलिए लू को हल्के में लेना बड़ी गलती है।
Heatstroke Alert 2026: लू लगने के पांच प्रमुख लक्षण जो आपको पहचानने चाहिए

पहला और सबसे आम लक्षण है तेज बुखार और सिरदर्द। अगर धूप में निकलने के बाद अचानक तेज बुखार आए और सिर में असहनीय दर्द हो तो यह लू का पहला संकेत हो सकता है। बहुत से लोग इसे सामान्य बुखार समझकर पैरासिटामोल खा लेते हैं और आराम करने लगते हैं। लेकिन अगर बुखार के साथ और भी लक्षण हों तो डॉक्टर से तुरंत मिलना जरूरी है।
दूसरा लक्षण है चक्कर आना और अचानक कमजोरी महसूस होना। जब आप धूप में खड़े हों या धूप से घर आएं और अचानक सिर घूमने लगे, पैर कांपने लगें और कुछ भी करने की ताकत न रहे, तो यह शरीर का संकेत है कि उसे जरूरी मदद चाहिए।
तीसरा लक्षण है उल्टी या मतली की भावना। लू लगने पर पेट खराब हो सकता है, जी मिचला सकता है या उल्टी भी आ सकती है। गर्मी में यह समस्या होने पर इसे फूड पॉइजनिंग न समझें बल्कि पूरी स्थिति का मूल्यांकन करें।
चौथा लक्षण है गला सूखना और बहुत प्यास लगना। जब शरीर में पानी की भारी कमी होती है तो गला बुरी तरह सूखता है। यह डिहाइड्रेशन का संकेत है जो हीटस्ट्रोक के साथ चलता है।
पांचवां और बेहद जरूरी लक्षण है त्वचा का सूखा और लाल हो जाना। आमतौर पर गर्मी में हम पसीना आने की उम्मीद करते हैं। लेकिन हीटस्ट्रोक की गंभीर स्थिति में पसीना आना बंद हो जाता है और त्वचा सूखी और लाल हो जाती है। यह बहुत खतरनाक संकेत है और इसे देखते ही तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
धूप में निकलने से पहले करें यह तैयारी
डॉक्टरों का सुझाव है कि जितना हो सके दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। इस समय सूरज की किरणें सबसे तेज होती हैं और हीटस्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो कभी खाली पेट न निकलें।
सुबह चाय या कॉफी पीकर निकलने की आदत छोड़ें क्योंकि ये शरीर को और ज्यादा डिहाइड्रेट करते हैं। घर से निकलने से पहले पानी पिएं और पानी की बोतल साथ रखें। हर आधे घंटे में पानी पीते रहें, चाहे प्यास लगे या न लगे।
सिर को हमेशा ढककर निकलें। टोपी, स्कार्फ या छाता जरूर साथ रखें। हल्के और ढीले कॉटन के कपड़े पहनें जो शरीर को सांस लेने दें। गाढ़े और सिंथेटिक कपड़े गर्मी को अंदर रोकते हैं जिससे शरीर का तापमान और बढ़ता है।
Heatstroke Alert 2026: क्या खाएं और पिएं गर्मी में
इस मौसम में खाने-पीने का खास ध्यान रखना जरूरी है। ऐसी चीजें खाएं जिनमें पानी की मात्रा ज्यादा हो। तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, संतरा और अनानास इस मौसम के सबसे अच्छे दोस्त हैं। ये शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं और हाइड्रेशन बनाए रखते हैं।
पानी के अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, आम पना और गन्ने का रस पीना फायदेमंद है। ये पेय शरीर को ठंडक देते हैं और जरूरी खनिज भी पहुंचाते हैं। ऑफिस जाने वाले लोग भी इन चीजों को टिफिन में ले जा सकते हैं।
ठंडी चीजों के लालच में बर्फ का पानी या कोल्ड ड्रिंक बहुत ज्यादा न पिएं। बहुत ठंडी चीजें एकदम से पीने से गले में तकलीफ हो सकती है और लंबे समय में यह फायदेमंद नहीं होता। सादा पानी या हल्का ठंडा पानी सबसे बेहतर है।
तला-भुना और मसालेदार खाना इस मौसम में कम करें। यह शरीर में गर्मी बढ़ाता है। हल्का और सुपाच्य खाना खाएं।
Heatstroke Alert 2026: लू लग जाए तो तुरंत करें यह काम
अगर आपको या किसी को लू लग जाए तो घबराएं नहीं लेकिन देरी भी न करें। सबसे पहले व्यक्ति को धूप से हटाकर किसी ठंडी और हवादार जगह ले जाएं। पंखे के नीचे बैठाएं या एसी में लेकर जाएं।
माथे, गर्दन, हाथ और पैर पर ठंडी पट्टियां रखें। गीले कपड़े से पूरे शरीर को पोंछें ताकि शरीर का तापमान धीरे-धीरे कम हो सके। एकदम से बर्फ का पानी शरीर पर न डालें क्योंकि इससे अचानक बदलाव नुकसानदेह हो सकता है।
शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी पूरी करने के लिए ओआरएस यानी ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट घोल, ग्लूकोज मिला ठंडा पानी या नारियल पानी दें। नमक और चीनी का घोल भी जल्दी फायदा करता है।
अगर बुखार बहुत तेज हो, व्यक्ति बेहोश होने लगे, चक्कर आते रहें या हालत में सुधार न हो तो बिना एक पल की देरी किए डॉक्टर के पास ले जाएं या एंबुलेंस बुलाएं। गंभीर हीटस्ट्रोक में हर मिनट कीमती है।
किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा
कुछ लोगों को लू का खतरा दूसरों से ज्यादा होता है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं क्योंकि उनका शरीर तापमान बदलाव को उतने अच्छे से झेल नहीं पाता। जो लोग धूप में काम करते हैं जैसे मजदूर, किसान, निर्माण कार्य में लगे लोग और ट्रैफिक पुलिस उन्हें भी खास सावधानी बरतनी चाहिए।
दिल की बीमारी, मधुमेह या किडनी की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी हीटस्ट्रोक ज्यादा खतरनाक हो सकता है। ऐसे लोगों को गर्मी में और ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।
Note: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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