Iran-US War: मध्य-पूर्व में भीषण युद्ध के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने हाल ही में खाड़ी क्षेत्र के कई पड़ोसी देशों पर किए गए ईरानी हमलों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। यह बयान उस युद्ध की पृष्ठभूमि में आया है जो पिछले सप्ताह अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी ठिकानों पर हमले के बाद शुरू हुआ था। इन हमलों में कथित तौर पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत सैकड़ों लोग मारे गए थे। तभी से ईरान ने पूरे क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल से जुड़े ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले जारी रखे थे। पेजेश्कियन का यह बयान क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में पहला स्पष्ट और महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
पड़ोसी देशों से मांगी माफी

एएफपी के अनुसार राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि उन्हें अपनी ओर से और पूरे ईरान की ओर से उन पड़ोसी देशों से माफी मांगनी चाहिए जिन पर ईरान ने हमले किए हैं। यह बयान बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि युद्ध के दौरान किसी देश के राष्ट्रपति का इस तरह सार्वजनिक रूप से माफी मांगना एक असाधारण कदम है। पेजेश्कियन ने यह भी कहा कि ईरान नहीं चाहता कि यह संकट पूरे क्षेत्र में फैले और इससे निर्दोष देशों और नागरिकों को नुकसान पहुंचे।
उन्होंने घोषणा की कि जब तक पड़ोसी देश ईरान पर सीधे हमला नहीं करते तब तक ईरान उन पर मिसाइल या ड्रोन हमले करना बंद कर देगा। यह निर्णय ईरान की अस्थायी नेतृत्व परिषद ने मंजूर किया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने इसे युद्ध की गहन लड़ाई के बाद तनाव कम करने की दिशा में उठाया गया पहला ठोस कदम बताया है।
सरेंडर पर दिया कड़ा बयान
हालांकि पड़ोसी देशों के प्रति नरम रुख दिखाने के साथ-साथ राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अमेरिका और इजरायल के बारे में बेहद कड़ा और दो-टूक बयान दिया। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अपने भाषण में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि ईरान किसी भी कीमत पर इजरायल या अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता कभी सरेंडर नहीं करेगी।
एएफपी के अनुसार पेजेश्कियन ने ऐलान किया कि दुश्मनों को ईरानी जनता के सरेंडर की अपनी इच्छा को अपने साथ कब्र में ले जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी रक्षा करना जारी रखेगा और देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार है।
युद्ध की पृष्ठभूमि क्या है?
यह पूरा संघर्ष तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने ईरानी ठिकानों पर हमले किए जिनमें कथित तौर पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत सैकड़ों लोग मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली हितों से जुड़े कई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से जोरदार हमले किए। इन हमलों की चपेट में खाड़ी क्षेत्र के कुछ अन्य देश भी आ गए जिससे व्यापक युद्ध की आशंकाएं गहरी हो गईं।
Iran-US War: क्षेत्रीय और वैश्विक असर
ईरान के राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सभी पक्षों से गंभीर बातचीत की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष के विस्तार को लेकर गहरी चिंता में था। पेजेश्कियन की माफी और पड़ोसी देशों पर हमले रोकने की घोषणा को राजनयिक हलकों में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव अभी भी बेहद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।
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