Why Frequent Thirst: हमारी जिंदगी की भागदौड़ में हम अक्सर शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। कभी-कभी जो लक्षण बिल्कुल मामूली और सामान्य लगते हैं वे दरअसल किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर रहे होते हैं। ऐसा ही एक लक्षण है बार-बार प्यास लगना या गला सूखते रहना। अधिकांश लोग इसे थकान या पानी की कमी समझकर टाल देते हैं लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है तो यह डायबिटीज यानी मधुमेह जैसी खतरनाक और साइलेंट किलर बीमारी का प्रारंभिक संकेत हो सकती है। डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर करती रहती है और अगर समय पर पहचानी और नियंत्रित न की जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकती है।
बार-बार प्यास क्यों लगती है और डायबिटीज से क्या है संबंध?

बार-बार प्यास लगने को पॉलीडिप्सिया कहते हैं और यह डायबिटीज के सबसे शुरुआती और प्रमुख लक्षणों में से एक है। इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण है जिसे समझना जरूरी है। जब किसी व्यक्ति को डायबिटीज होती है तो उसके रक्त में शर्करा यानी ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से बहुत अधिक हो जाता है। इस अतिरिक्त शुगर को शरीर से बाहर निकालने के लिए किडनी को बहुत अधिक काम करना पड़ता है।
किडनी इस अतिरिक्त शुगर को छानने की प्रक्रिया में बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग करती है जिससे बार-बार पेशाब आती है। इस कारण शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होने लगती है और डिहाइड्रेशन की वजह से बार-बार प्यास लगती है। यही चक्र चलता रहता है। मुंह का सूखना और गला खुश्क रहना भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसलिए अगर आपको बार-बार पेशाब आने के साथ-साथ अधिक प्यास भी लग रही है तो यह दोनों मिलकर डायबिटीज का एक मजबूत संकेत बन जाते हैं।
डायबिटीज के अन्य महत्वपूर्ण लक्षण
बार-बार प्यास लगने के अलावा डायबिटीज के कई और लक्षण भी होते हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है। हर वक्त भूख लगते रहना भी डायबिटीज का एक प्रमुख संकेत है। इसकी वजह यह है कि जब शरीर में इंसुलिन की कमी होती है या इंसुलिन सही तरीके से काम नहीं करता तो ग्लूकोज कोशिकाओं में नहीं पहुंच पाता और शरीर को ऊर्जा नहीं मिलती जिससे भूख लगती रहती है।
अचानक वजन का घटना भी डायबिटीज का एक महत्वपूर्ण लक्षण है। जब शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज का उपयोग नहीं कर पाता तो वह मांसपेशियों और वसा को तोड़कर ऊर्जा लेने लगता है जिससे वजन तेजी से घटता है। शरीर में लगातार थकान और कमजोरी का अनुभव होना भी इस बीमारी का एक सामान्य लक्षण है।
इसके अलावा आंखों से धुंधला दिखाई देना यानी ब्लर विजन भी डायबिटीज का एक चेतावनी संकेत है। उच्च रक्त शर्करा आंखों की रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करती है जिससे दृष्टि धुंधली हो जाती है। घाव या चोट का देरी से भरना भी डायबिटीज में आम है क्योंकि अधिक शुगर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है। हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होना भी इस बीमारी का संकेत हो सकता है।
डायबिटीज क्यों होती है?
डायबिटीज मुख्यतः दो प्रकार की होती है। टाइप 1 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन बिल्कुल नहीं बना पाता जबकि टाइप 2 डायबिटीज में शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता या उसका उपयोग ठीक से नहीं कर पाता। टाइप 2 डायबिटीज भारत में सबसे अधिक पाई जाती है और इसके पीछे मुख्य कारण खराब जीवनशैली, अनहेल्दी खानपान, शारीरिक निष्क्रियता, मोटापा और तनाव हैं। आनुवांशिक कारण भी इसमें भूमिका निभाते हैं।
Why Frequent Thirst: क्या करें जब दिखें ये लक्षण?
अगर आपको बार-बार प्यास लगना, गला सूखना, अत्यधिक पेशाब आना, हमेशा थकान, अचानक वजन घटना या धुंधला दिखाई देना जैसे एक या एक से अधिक लक्षण महसूस हों तो तुरंत किसी योग्य चिकित्सक से संपर्क करें और रक्त शर्करा की जांच करवाएं। फास्टिंग ब्लड शुगर और HbA1c टेस्ट से डायबिटीज का पता चल सकता है। समय पर जांच और उपचार से इस बीमारी को नियंत्रित रखा जा सकता है।
डायबिटीज से बचाव के लिए संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें, वजन नियंत्रित रखें, मीठे और प्रोसेस्ड खाने से परहेज करें और तनाव को कम रखें।
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