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फेफड़ों का कैंसर? 8 लक्षण + 5 मिनट में घर पर चेक!

मुख्य बातें

  • फेफड़ों के कैंसर के 8 लक्षण
  • फिंगर क्लबिंग क्या है और यह कितना आम है?
  • 5 मिनट में घर पर चेक (Schamroth Test)
  • रिस्क फैक्टर्स: क्या आप में हैं?
3 नवंबर 2025
फेफड़ों का कैंसर: उंगलियों पर 8 लक्षण

वाराणसी: फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) दुनिया में कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार 2022 में दुनिया भर में इसके करीब 25 लाख नए मामले सामने आए और लगभग 18 लाख लोगों की मौत हुई। इसे घातक मानने की एक बड़ी वजह यह है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण अक्सर साफ दिखाई नहीं देते और कई लोगों को बीमारी का पता तब चलता है जब यह आगे बढ़ चुकी होती है। इसलिए छोटे-छोटे चेतावनी संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है। इनमें से एक संकेत उंगलियों के सिरों और नाखूनों के आकार में बदलाव, यानी फिंगर क्लबिंग, भी है।

फेफड़ों के कैंसर के 8 लक्षण

WHO और ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य सेवा NHS के अनुसार फेफड़ों के कैंसर में ये लक्षण दिख सकते हैं:

  • 1. लगातार खांसी: ऐसी खांसी जो ठीक न हो रही हो। NHS तीन हफ्ते से ज्यादा चलने वाली खांसी पर डॉक्टर को दिखाने की सलाह देता है।
  • 2. खांसी में खून आना: यह गंभीर संकेत है, इस पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।
  • 3. सीने में दर्द: सांस लेते या खांसते समय सीने में दर्द।
  • 4. सांस फूलना: सामान्य काम में भी सांस फूलना।
  • 5. बिना वजह वजन घटना: बिना डाइट या व्यायाम के वजन कम होना।
  • 6. थकान: लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना।
  • 7. बार-बार फेफड़ों का संक्रमण: बार-बार निमोनिया या ब्रोंकाइटिस होना, या लगातार गला बैठना।
  • 8. फिंगर क्लबिंग: उंगलियों के सिरे चौड़े और गोल होना तथा नाखूनों का नीचे की ओर ज्यादा मुड़ना।

ध्यान रखें कि ये लक्षण टीबी, संक्रमण या दूसरी बीमारियों में भी हो सकते हैं। इसलिए लक्षण दिखने का मतलब कैंसर होना नहीं है, लेकिन जांच कराना जरूरी है।

फिंगर क्लबिंग क्या है और यह कितना आम है?

फिंगर क्लबिंग में उंगलियों के सिरे फूलकर गोल हो जाते हैं और नाखून और त्वचा के बीच का कोण बदल जाता है। यह फेफड़ों के कैंसर के अलावा फेफड़ों की कुछ पुरानी बीमारियों, दिल की कुछ बीमारियों और आंतों व लिवर की बीमारियों में भी दिख सकता है। मेडिकल जर्नल CHEST (1998) में प्रकाशित 111 मरीजों के एक अध्ययन में फेफड़ों के कैंसर के 29% मरीजों में क्लबिंग पाई गई। यह नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर में 35% और स्मॉल सेल लंग कैंसर में सिर्फ 4% मरीजों में थी। यानी क्लबिंग ज्यादातर मरीजों का “पहला संकेत” नहीं होती, लेकिन इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए।

5 मिनट में घर पर चेक (Schamroth Test)

शैमरोथ विंडो टेस्ट से उंगलियों में क्लबिंग का अंदाजा लगाया जा सकता है:

  • दोनों हाथों की एक जैसी उंगलियों (जैसे दोनों तर्जनी) के नाखूनों वाले हिस्से को पीठ से पीठ मिलाकर रखें।
  • सामान्य स्थिति में दोनों नाखूनों के आधार के बीच हीरे (डायमंड) के आकार की छोटी खिड़की दिखती है।
  • अगर यह खिड़की नहीं दिखती, तो यह क्लबिंग का संकेत हो सकता है।

जरूरी बात: यह टेस्ट सिर्फ क्लबिंग का संकेत देता है, कैंसर की जांच नहीं है। टेस्ट पॉजिटिव लगे तो घबराएं नहीं, बल्कि डॉक्टर से मिलें। फेफड़ों के कैंसर की पुष्टि केवल डॉक्टर की सलाह पर एक्स-रे, सीटी स्कैन और बायोप्सी जैसी जांचों से होती है।

रिस्क फैक्टर्स: क्या आप में हैं?

  • धूम्रपान: WHO की कैंसर एजेंसी IARC के अनुसार फेफड़ों के कैंसर के लगभग 85% मामलों का कारण तंबाकू का धुआं है। सिगरेट के साथ बीड़ी और हुक्का भी खतरनाक हैं।
  • पैसिव स्मोकिंग: दूसरों के धुएं में सांस लेना भी खतरा बढ़ाता है।
  • वायु प्रदूषण: WHO बाहरी और घरेलू वायु प्रदूषण (जैसे चूल्हे का धुआं) को भी फेफड़ों के कैंसर के जोखिम कारकों में गिनता है।
  • कार्यस्थल का जोखिम: एस्बेस्टस और रेडॉन जैसी चीजों के संपर्क से भी खतरा बढ़ता है।

धूम्रपान छोड़ना सबसे असरदार बचाव है। तंबाकू छोड़ने के लिए सरकार की नेशनल टोबैको क्विट लाइन 1800-112-356 पर मुफ्त परामर्श लिया जा सकता है।

कब जाएं डॉक्टर के पास? (रेड फ्लैग्स)

  • खांसी तीन हफ्ते से ज्यादा चल रही हो।
  • खांसी में खून आए (तुरंत डॉक्टर से मिलें)।
  • बिना वजह वजन घटे, सांस फूले या सीने में लगातार दर्द हो।
  • उंगलियों में क्लबिंग दिखे, खासकर अगर आप धूम्रपान करते हैं या कर चुके हैं।

निष्कर्ष

फेफड़ों का कैंसर अक्सर चुपचाप बढ़ता है, लेकिन शरीर कुछ संकेत देता है। उंगलियों में बदलाव, लगातार खांसी या खांसी में खून जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। सबसे बड़ा बचाव तंबाकू से दूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या फिंगर क्लबिंग का मतलब कैंसर है?

नहीं। क्लबिंग कई बीमारियों में हो सकती है। यह जांच कराने का संकेत है, कैंसर का प्रमाण नहीं।

फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा कारण क्या है?

तंबाकू का धुआं। IARC के अनुसार करीब 85% मामलों का कारण यही है।

कितने दिन की खांसी पर डॉक्टर को दिखाएं?

NHS के अनुसार तीन हफ्ते से ज्यादा चलने वाली खांसी पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

क्या Schamroth टेस्ट से कैंसर का पता चल जाता है?

नहीं, इससे केवल क्लबिंग का अंदाजा मिलता है। कैंसर की पुष्टि डॉक्टर द्वारा कराई गई जांचों से ही होती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी लक्षण पर योग्य डॉक्टर से सलाह लें।

PRAGATI DIXIT
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कवरेज: PRAGATI DIXIT, News Media Kiran

PRAGATI DIXIT

News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

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