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‘एसआईआर के डर से रोजाना 3-4 लोग कर रहे आत्महत्या’, ममता बनर्जी का बड़ा दावा

West Bengal News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग (ईसीआई) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने शुक्रवार को दावा किया कि एसआईआर से जुड़ी चिंता और तनाव के कारण राज्य में हर रोज तीन से चार लोग आत्महत्या कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि अब तक 110 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और यह संख्या बढ़ती जा रही है।

ममता बनर्जी के मुख्य आरोप

West Bengal News: WB CM Mamata Banerjee
West Bengal News: WB CM Mamata Banerjee

ममता बनर्जी ने कोलकाता में सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में एसआईआर पर बोलते हुए कहा, “एसआईआर की प्रक्रिया से लोगों में इतना डर और चिंता फैल गई है कि रोजाना तीन से चार लोग आत्महत्या कर रहे हैं। अब तक 110 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार को इन मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने एसआईआर को “डराने वाली प्रक्रिया” बताया। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, गरीब और कमजोर वर्ग के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कई लोग एसआईआर से जुड़ी सुनवाई और दस्तावेजों की चिंता में बीमार पड़ रहे हैं या खुदकुशी जैसा कदम उठा रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि अगर नेताजी सुभाष चंद्र बोस आज जीवित होते तो उन्हें भी एसआईआर के लिए समन भेजा जाता।

एसआईआर क्या है?

एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन मतदाता सूची का विशेष संशोधन है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए यह अभ्यास शुरू किया है। इसमें बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर दस्तावेज जांचते हैं और फॉर्म भरवाते हैं। टीएमसी का आरोप है कि यह प्रक्रिया बहुत सख्त है और लोगों को डराया जा रहा है।

ममता बनर्जी ने दावा किया कि एसआईआर से जुड़ी चिंता में बुजुर्गों की मौतें हो रही हैं। कई लोग 40-45 साल पुराने दस्तावेज नहीं दिखा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया गरीबों और अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही है। मुख्यमंत्री ने केंद्र और ईसीआई से मांग की कि एसआईआर रुका जाए और मौतों की जांच हो।

टीएमसी और विपक्ष की प्रतिक्रिया

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने राज्य में एसआईआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। पार्टी का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाताओं को डराने और वोटर लिस्ट से बाहर करने की साजिश है। टीएमसी ने कई जिलों में धरना और रैली की हैं।

विपक्षी दल बीजेपी ने ममता बनर्जी के दावों को राजनीतिक बताया है। बीजेपी का कहना है कि एसआईआर चुनाव आयोग की सामान्य प्रक्रिया है, जिसका मकसद सही मतदाता सूची बनाना है। पार्टी ने कहा कि ममता बनर्जी खुद को बचाने के लिए झूठे आरोप लगा रही हैं।

West Bengal News: अब तक की स्थिति

चुनाव आयोग ने एसआईआर को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन पिछले कुछ महीनों में बंगाल में बीएलओ की मौतों और तनाव की खबरें आई हैं। ममता बनर्जी ने पहले भी 77 मौतों और कई सुसाइड अटेम्प्ट का जिक्र किया था। अब उन्होंने कुल 110 मौतों का दावा किया है।

यह मुद्दा राज्य में राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। ममता बनर्जी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो पूरे राज्य में विरोध होगा। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर से जुड़ी चिंता अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। मुख्यमंत्री का दावा सही साबित होता है या नहीं, यह जांच से पता चलेगा। लेकिन इसने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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