Bihar Politics 2026: बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा की सदस्यता की शपथ लेंगे। इसके लिए वे 9 अप्रैल को दिल्ली रवाना होंगे। शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार एनडीए के कई बड़े नेताओं से मुलाकात करेंगे और ताजा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करेंगे।
यह कदम बिहार में नई सरकार गठन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, 11 अप्रैल को नीतीश कुमार पटना लौट आएंगे और उसके बाद 14 अप्रैल के बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे पहले एनडीए विधायक दल की बैठक भी बुलाई जा सकती है।
राज्यसभा शपथ और दिल्ली दौरा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 30 मार्च को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अब वे राज्यसभा के रास्ते संसद पहुंचेंगे। 10 अप्रैल को शपथ लेने के बाद वे दिल्ली में रहकर एनडीए के शीर्ष नेताओं से बातचीत करेंगे।
इस मुलाकात में बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, गठबंधन और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है। नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभा रहे हैं। राज्यसभा पहुंचने के बाद भी वे बिहार की सियासत पर नजर रखेंगे।
नई सरकार गठन की तैयारी

सूत्र बता रहे हैं कि 14 अप्रैल के बाद बिहार में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद नई सरकार का गठन होगा।
एनडीए विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाई जा सकती है। जदयू और बीजेपी दोनों दलों के अंदर इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, यह प्रक्रिया अप्रैल के दूसरे सप्ताह में पूरी होने की संभावना है।
जदयू की महत्वपूर्ण बैठकें
नीतीश कुमार के राज्यसभा शपथ लेने के बाद जदयू की दो बड़ी बैठकें होने वाली हैं। जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक 20 अप्रैल या उसके बाद हो सकती है। हाल ही में जदयू के संगठन चुनाव हुए थे, जिसमें नीतीश कुमार एक बार फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए।
नीतीश कुमार को मिली जेड प्लस सुरक्षा
राज्यसभा सदस्य बनने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की गई है। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत उन्हें यह सुरक्षा दी जा रही है। चूंकि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा सदस्यता ग्रहण करेंगे, इसलिए उनकी सुरक्षा की समीक्षा की गई है।
सीएम पद के लिए चर्चा तेज
नीतीश कुमार के राज्यसभा शपथ लेने के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चर्चा काफी तेज हो गई है। बीजेपी और जदयू दोनों दलों में कई नामों की चर्चा चल रही है।
बीजेपी की ओर से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम सबसे ज्यादा जोर-शोर से लिया जा रहा है। वहीं जदयू की ओर से नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को भी संभावित सीएम फेस के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अभी तक एनडीए की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि अंतिम फैसला दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद लिया जाएगा।
बिहार की राजनीति में बदलाव का दौर
नीतीश कुमार पिछले कई वर्षों से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं। अब राज्यसभा जाने के बाद भी वे बिहार की सियासत से पूरी तरह अलग नहीं होंगे। राज्यसभा सदस्य के रूप में वे राष्ट्रीय स्तर पर बिहार के मुद्दों को उठा सकेंगे। साथ ही प्रदेश स्तर पर भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
निष्कर्ष: आगे क्या होगा?
9 अप्रैल को दिल्ली जाने और 10 अप्रैल को शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार की गतिविधियां काफी महत्वपूर्ण होंगी। 11 अप्रैल को पटना लौटने के बाद वे स्थानीय नेताओं से भी बातचीत करेंगे। जदयू की राष्ट्रीय बैठक में पार्टी की भविष्य की रूपरेखा तय होगी। वहीं नई सरकार के गठन में कौन मुख्यमंत्री बनेगा, यह सबसे बड़ा सवाल है। बिहार के लोगों की नजरें अब 10 अप्रैल और उसके बाद होने वाली घटनाओं पर टिकी हुई हैं।
Read More Here:-



