Top 5 This Week

Related Posts

Odisha News: ओडिशा ने जीवन विज्ञान, दुर्लभ पृथ्वी और अंतरिक्ष एजेंडे पर केंद्र से की चर्चा

Odisha News: ओडिशा के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। बैठक में राज्य के वैज्ञानिक, समुद्री और खनिज संसाधनों का प्रौद्योगिकी आधारित विकास के लिए उपयोग करने का एकीकृत रोडमैप पर चर्चा हुई।

दुर्लभ पृथ्वी, समुद्री बायोटेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष तकनीक और गहरे समुद्र के संसाधनों को केंद्र की क्षमताओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। राज्य सरकार प्रौद्योगिकी आधारित विकास को गति देना चाहती है।

Odisha News: बैठक में प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा

दोनों मंत्रियों के बीच राज्य की उभरती संभावनाओं को केंद्र की वैज्ञानिक और संस्थागत क्षमताओं के साथ जोड़ने पर विस्तृत बातचीत हुई। ओडिशा के पास समुद्री और खनिज संसाधनों की भरपूर उपलब्धता है। इनका बेहतर उपयोग करने के लिए केंद्र-राज्य सहयोग जरूरी बताया गया। प्रौद्योगिकी आधारित विकास को प्राथमिकता दी गई। बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। आगे की रूपरेखा पर सहमति बनी।

ओएमबीआरआईसी को लेकर अगला चरण

ओडिशा मरीन बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च एंड इनोवेशन कॉरिडोर यानी ओएमबीआरआईसी पर खास चर्चा हुई। इसमें आईआईटी भुवनेश्वर, ब्रह्मपुर विश्वविद्यालय, फकीर मोहन विश्वविद्यालय, एनआईटी राउरकेला, आईआईएसईआर ब्रह्मपुर और इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज भुवनेश्वर के साथ साझेदारी है। अगले चरण में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, सीएसआईआर और बायोटेक्नोलॉजी विभाग के साथ ज्यादा सहयोग की बात कही गई। समुद्री संसाधनों को शोध, बायोटेक अनुप्रयोग और औद्योगिक अवसरों में बदलने का लक्ष्य है।

आईएलएस भुवनेश्वर का विस्तार

इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज भुवनेश्वर के विस्तार पर सहमति बनी। राज्य सरकार अतिरिक्त 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी। विस्तारित सुविधा जीवन विज्ञान और बायोटेक्नोलॉजी शोध को मजबूत करेगी। बायो-ई3 फ्रेमवर्क के तहत पहलों को समर्थन मिलेगा। शोध क्षमता बढ़ने से राज्य में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। संस्थान की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी। सहयोग से नए अवसर पैदा होंगे।

अंतरिक्ष तकनीक और स्पेस सेंटर की संभावना

अंतरिक्ष तकनीक भी चर्चा का प्रमुख विषय रहा। इसरो के साथ करीबी सहयोग बढ़ाने पर बात हुई। राज्य में पीपीपी मोड में स्पेस रिसर्च एंड मैन्युफैक्चरिंग सेंटर स्थापित करने की संभावना तलाशी गई। इससे अंतरिक्ष क्षेत्र में अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। ओडिशा को इस क्षेत्र में नई पहचान मिल सकती है। केंद्र-राज्य साझेदारी से परियोजना आगे बढ़ेगी। तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।

दुर्लभ पृथ्वी कॉरिडोर में ओडिशा की भूमिका

केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित दुर्लभ पृथ्वी कॉरिडोर में ओडिशा की भूमिका पर चर्चा हुई। इस पहल का उद्देश्य खनन, प्रसंस्करण, शोध और विनिर्माण को कवर करने वाली एकीकृत मूल्य श्रृंखला विकसित करना है। राज्य के खनिज संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। मूल्य संवर्धन से आर्थिक लाभ बढ़ेगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। केंद्र के साथ समन्वय जरूरी बताया गया।

समुद्री संसाधनों का औद्योगिक उपयोग

समुद्री बायोटेक्नोलॉजी के जरिए राज्य के समुद्री संसाधनों को औद्योगिक अवसरों में बदलने पर जोर दिया गया। शोध संस्थानों की भागीदारी से नवाचार बढ़ेगा। बायोटेक अनुप्रयोगों से स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण क्षेत्रों में फायदा हो सकता है। ओएमबीआरआईसी इस दिशा में महत्वपूर्ण मंच बनेगा। केंद्र की एजेंसियों के सहयोग से गति मिलेगी। दीर्घकालिक विकास का आधार तैयार होगा।

Odisha News: प्रौद्योगिकी आधारित विकास का लक्ष्य

राज्य सरकार वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं का पूरा उपयोग करना चाहती है। दुर्लभ पृथ्वी, अंतरिक्ष और जीवन विज्ञान जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की रणनीति बनी। केंद्र के साथ साझेदारी से संसाधनों का बेहतर प्रबंधन होगा। युवाओं के लिए शोध और रोजगार के मौके बढ़ेंगे। ओडिशा को प्रौद्योगिकी हब के रूप में विकसित करने का विजन है। बैठक इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

ओडिशा के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर जीवन विज्ञान, दुर्लभ पृथ्वी, अंतरिक्ष और समुद्री बायोटेक पर चर्चा की। ओएमबीआरआईसी के अगले चरण, आईएलएस भुवनेश्वर को 50 एकड़ अतिरिक्त भूमि और स्पेस रिसर्च सेंटर की संभावना पर सहमति बनी। दुर्लभ पृथ्वी कॉरिडोर में राज्य की भूमिका भी तय करने की बात हुई। प्रौद्योगिकी आधारित विकास के लिए केंद्र-राज्य सहयोग को मजबूती मिलेगी। संसाधनों का बेहतर उपयोग और नवाचार को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

Read More Here

Netsha Singh
Author: Netsha Singh

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles