IIT Delhi: इंजीनियरिंग की दुनिया में करियर बनाने का सपना देखने वाले हर छात्र की पहली पसंद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली होती है। देश की राजधानी में स्थित यह संस्थान न केवल अपनी विश्व स्तरीय शिक्षा बल्कि अपने शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड के लिए भी जाना जाता है। एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग 2025 में इंजीनियरिंग श्रेणी में दूसरा स्थान हासिल करने वाला यह संस्थान छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। यदि आप भी 12वीं के बाद आईआईटी दिल्ली में दाखिला लेना चाहते हैं, तो आपके लिए प्रवेश प्रक्रिया, कटऑफ और प्लेसमेंट के आंकड़ों को समझना बेहद जरूरी है।
IIT Delhi: कैसे मिलता है आईआईटी दिल्ली में प्रवेश?
आईआईटी दिल्ली में बीटेक कोर्स में दाखिला पाना कोई आसान काम नहीं है, इसके लिए छात्रों को दो सबसे कठिन परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। सबसे पहले छात्रों को जेईई मेन (JEE Main) परीक्षा में बैठना होता है। इस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले शीर्ष छात्र ही जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced) के लिए पात्र होते हैं। आईआईटी दिल्ली में अंतिम प्रवेश जेईई एडवांस्ड की ऑल इंडिया रैंक (AIR) के आधार पर ही होता है। परीक्षा पास करने के बाद छात्रों को जोसा (JoSAA) काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होना पड़ता है, जहां वे अपनी रैंक के अनुसार पसंदीदा ब्रांच का चुनाव करते हैं।
एडमिशन के लिए क्या है जरूरी योग्यता?
दाखिले के लिए केवल प्रवेश परीक्षा पास करना ही काफी नहीं है, बल्कि कुछ अनिवार्य शैक्षणिक मापदंडों को भी पूरा करना होता है। छात्र का 12वीं कक्षा पास होना जरूरी है और उसके मुख्य विषयों में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ (PCM) का होना अनिवार्य है। सामान्य और ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75% अंक होने चाहिए, जबकि एससी और एसटी वर्ग के छात्रों के लिए यह सीमा 65% रखी गई है। इसके अलावा, जो छात्र अपने बोर्ड के टॉप 20 परसेंटाइल में आते हैं, वे भी प्रवेश के पात्र माने जाते हैं।
IIT Delhi: विभिन्न ब्रांच के लिए संभावित कटऑफ पर एक नजर

आईआईटी दिल्ली की कंप्यूटर साइंस (CSE) और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसी ब्रांच में मुकाबला सबसे कड़ा होता है। साल 2025 के आंकड़ों और मौजूदा रुझानों के आधार पर, 2026 के लिए विभिन्न ब्रांच की संभावित क्लोजिंग रैंक कुछ इस प्रकार रह सकती है। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के लिए सामान्य वर्ग की रैंक 100 से 115 के बीच सिमट सकती है। वहीं, मैथ्स एंड कंप्यूटिंग के लिए 400 से 450 और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए 550 से 600 रैंक तक एडमिशन मिलने की संभावना है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए 1700 से 1800, केमिकल इंजीनियरिंग के लिए 2300 से 2500 और सिविल इंजीनियरिंग के लिए 3800 से 4200 रैंक तक के छात्रों को मौका मिल सकता है। टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी जैसी ब्रांच के लिए कटऑफ 6000 से 6500 रैंक तक जा सकती है।
प्लेसमेंट का शानदार रिकॉर्ड और बड़ी कंपनियां
आईआईटी दिल्ली को चुनने की सबसे बड़ी वजह यहां का प्लेसमेंट सेल है। दिसंबर 2025 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, संस्थान के छात्रों ने प्लेसमेंट के मामले में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस साल छात्रों को 1275 से अधिक जॉब ऑफर मिले हैं। सबसे उत्साहजनक बात यह है कि इस साल 300 से ज्यादा प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) मिले, जो पिछले साल के मुकाबले 33% अधिक हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजॉन, जेपी मॉर्गन और गोल्डमैन सैक्स जैसी दिग्गज कंपनियां हर साल कैंपस आती हैं और करोड़ों के पैकेज ऑफर करती हैं। हाल ही में आईआईटी बीएचयू के छात्रों को मिले 1 करोड़ के पैकेज की खबरों ने भी आईआईटी संस्थानों के प्रति क्रेज को और बढ़ा दिया है।
IIT Delhi: कैंपस लाइफ और अन्य सुविधाएं
आईआईटी दिल्ली का कैंपस न केवल पढ़ाई बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए भी जाना जाता है। हौज खास जैसे प्राइम लोकेशन पर स्थित यह कैंपस आधुनिक प्रयोगशालाओं, विशाल पुस्तकालय और खेल की सभी सुविधाओं से लैस है। यहां के विभिन्न क्लब और तकनीकी फेस्ट छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच प्रदान करते हैं। यदि आप भी तकनीक की दुनिया में नाम कमाना चाहते हैं, तो आईआईटी दिल्ली आपके सपनों को नई उड़ान देने के लिए सबसे बेहतरीन मंच साबित हो सकता है। तैयारी के लिए सही दिशा और कड़े परिश्रम के साथ आप भी इस प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बन सकते हैं।
Read More Here:-



