कोलकाता, पश्चिम बंगाल | बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार के पहले पूर्ण बजट ने राज्य की वित्तीय प्राथमिकताओं में बदलाव दर्ज कराया है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार के पिछले बजट में अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसा शिक्षा प्रमुख एजेंडा थे, वहीं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार के पहले पूर्ण बजट में महिलाओं, रोजगार, औद्योगिक विकास और आधारभूत ढांचे को सबसे अधिक महत्व दिया गया है।
बजट में बड़ा बदलाव:
इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि भाजपा सरकार ने तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी सरकार के पिछले बजट की तुलना में अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा के बजट में 60 प्रतिशत से अधिक की कटौती कर दी है।
ममता बनर्जी सरकार ने फरवरी 2026 में जो अंतरिम बजट पेश किया था, उसमें अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के लिए 5,713.61 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। उस समय भाजपा ने इन प्रावधानों को तुष्टीकरण की राजनीति का हिस्सा बताते हुए आलोचना की थी। 2011 में जब TMC पहली बार सत्ता में आई थी, तब यह बजट मात्र 472 करोड़ रुपये था।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने अपने पहले ही बजट में अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसा शिक्षा के बजट को घटाकर 2,165 करोड़ रुपये कर दिया है।
नई प्राथमिकताएं:
भाजपा सरकार के पहले पूर्ण बजट में किसी समुदाय विशेष के लिए नई बड़ी योजना की घोषणा नहीं की गई। बजट का सबसे बड़ा फोकस महिलाओं के लिए 36 हजार करोड़ रुपये की अन्नपूर्णा योजना, सरकारी कर्मचारियों के लिए 20 प्रतिशत महंगाई भत्ता, रोजगार सृजन, औद्योगिक निवेश, आधारभूत ढांचे के विस्तार तथा उत्तर बंगाल में IIT और IIM जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना पर रहा।
अल्पसंख्यकों के लिए अलग से किसी नई योजना या विशेष पैकेज का उल्लेख बजट भाषण में प्रमुखता से नहीं किया गया।
राजनीतिक संदेश:
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा सरकार ने अपने पहले पूर्ण बजट के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया है कि उसकी प्राथमिकता समुदाय आधारित कल्याण योजनाओं के बजाय सभी वर्गों के लिए समान रूप से लागू होने वाली योजनाएं हैं। यही कारण है कि बजट में महिलाओं, युवाओं, किसानों, कर्मचारियों और निवेश को केंद्र में रखा गया।
विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए TMC सरकार पर जिस ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ का आरोप लगाया था, सत्ता में आने के बाद उसके पहले पूर्ण बजट में उसी नीति से दूरी बनाने की कोशिश दिखाई देती है।
नोट: यह रिपोर्ट पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश बजट दस्तावेज, TMC सरकार के फरवरी 2026 अंतरिम बजट और राजनीतिक विश्लेषकों के बयानों पर आधारित है। बजट आवंटन विधानसभा से पारित होने के बाद लागू होगा।
स्रोत: पश्चिम बंगाल विधानसभा बजट दस्तावेज / वित्त मंत्री का बजट भाषण / विधानसभा रिकॉर्ड

Welcome to News Media Kiran, your premier source for global news. Stay updated daily with the latest in sports, politics, entertainment, and more. Experience comprehensive coverage of diverse categories, keeping you informed and engaged.



