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Jharkhand Ration Card Update: झारखंड में 8 लाख से अधिक राशन कार्ड होंगे रद्द, कहीं आपका नाम भी तो नहीं शामिल, ऐसे चेक करें स्थिति

Jharkhand Ration Card Update: झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा सफाई अभियान छेड़ दिया है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने राज्य भर में 8 लाख से अधिक निष्क्रिय और संदिग्ध राशन कार्डों को चिह्नित किया है, जिन्हें जल्द ही रद्द करने की तैयारी है। पिछले छह महीने से एक साल तक राशन न लेने वाले कार्डधारकों के साथ साथ फर्जी तरीके से लाभ उठा रहे लोगों पर प्रशासन की पैनी नजर है। अगर आपने भी काफी समय से सरकारी राशन का लाभ नहीं लिया है, तो आपका नाम इस लिस्ट में हो सकता है। सरकार ने अपात्र लोगों को 30 जून तक अपना कार्ड सरेंडर करने का अंतिम मौका दिया है।

Jharkhand Ration Card Update: राशन कार्ड पर क्यों चल रही है बड़ी कार्रवाई

सरकारी राशन योजना का मकसद गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त या सस्ता अनाज मुहैया कराना है। लेकिन विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बड़ी संख्या में ऐसे राशन कार्ड मौजूद हैं जो या तो इस्तेमाल ही नहीं हो रहे हैं या फिर गलत हाथों में हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में कुल 8 लाख 2 हजार 685 कार्ड ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने लंबी अवधि से पीडीएस दुकानों से राशन नहीं लिया है।

अधिकारियों का मानना है कि इन निष्क्रिय कार्डों की आड़ में बड़ा खेल हो सकता है। सत्यापन के दौरान अब तक 4 लाख 61 हजार कार्डों की जांच पूरी की जा चुकी है, जिसमें से हजारों कार्ड फर्जी या दोहरे पाए गए हैं। सरकार का साफ कहना है कि अपात्र लोगों को हटाकर उन गरीब परिवारों को इस सूची में जगह दी जाएगी, जो वास्तव में राशन के हकदार हैं और अभी भी सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं।

डुप्लीकेट और संदिग्ध कार्डों का खुला राज

सत्यापन अभियान के दौरान चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान 21 हजार 750 डुप्लीकेट राशन कार्ड पकड़े गए हैं, जबकि 12 हजार 284 कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं। इन मामलों में सबसे ज्यादा संख्या पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों की है। यह कार्रवाई बताती है कि सिस्टम में कहीं न कहीं बड़ी सेंधमारी की गई थी।

प्रशासन अब फूंक फूंक कर कदम रख रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी नए नाम को राशन कार्ड की सूची में जोड़ने के लिए आधार आधारित ई केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन का होना अनिवार्य है। बिना आधार प्रमाणीकरण के किसी भी सूरत में नए सदस्यों का नामांकन नहीं किया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की धांधली या फर्जीवाड़ा की गुंजाइश न रहे।

किन लोगों के लिए खतरे की घंटी है यह अभियान

अगर आप सरकारी राशन का लाभ ले रहे हैं, तो आपको यह जानना जरूरी है कि किन लोगों को तुरंत अपना राशन कार्ड जमा कर देना चाहिए। सरकार ने स्पष्ट मानदंड तय किए हैं। जो लोग आयकर दाता हैं, जिनके पास खुद की चार पहिया गाड़ी है, या फिर जिनके पास पांच एकड़ से अधिक जमीन है, वे इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं हैं।

ऐसे आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को 30 जून तक स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड संबंधित प्रखंड कार्यालय में सरेंडर करने की सलाह दी गई है। चेतावनी यह है कि यदि जांच के दौरान ऐसे लोग पकड़े गए, तो न केवल उनका कार्ड रद्द होगा, बल्कि उनसे ली गई राशन की कीमत की वसूली और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। यह संदेश साफ है कि अब सरकारी खजाने का पैसा सिर्फ उन्हीं को मिलेगा जिनकी थाली तक अनाज नहीं पहुंच पा रहा है।

Jharkhand Ration Card Update: नए आवेदकों के लिए कैसे खुलेगा रास्ता

इस समय झारखंड में 5 लाख 50 हजार से अधिक नए आवेदन लंबित पड़े हैं। ये वे गरीब परिवार हैं जो वर्षों से राशन कार्ड बनाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। सरकार का तर्क है कि जैसे ही मौजूदा 8 लाख निष्क्रिय और फर्जी कार्डों को सूची से हटा दिया जाएगा, वैसे ही नई जगह खाली हो जाएगी। इस खाली जगह का इस्तेमाल उन लंबित आवेदनों को मंजूरी देने के लिए किया जाएगा। इससे जरूरतमंदों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और सिस्टम में पारदर्शिता आएगी।

स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी पीडीएस दुकानदार या ब्लॉक कार्यालय में जाकर अपने कार्ड की स्थिति के बारे में जानकारी ले लें। अगर कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, तो उसे तुरंत करा लें। इससे आपको समय समय पर सरकार की ओर से मिलने वाली सूचनाएं आसानी से मिलती रहेंगी।

Jharkhand Ration Card Update: भविष्य की राह और आम लोगों पर असर

इस पूरी कवायद का मकसद पीडीएस सिस्टम को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। आम नागरिकों के मन में भी इस कार्रवाई को लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया है। जो लोग वाकई गरीब हैं, वे इस पहल का स्वागत कर रहे हैं क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि फर्जीवाड़ा रुकने से अब उन्हें भी राशन कार्ड मिल जाएगा। वहीं, कुछ लोग जो लंबे समय से बाहर रह रहे थे, वे अपने कार्ड को लेकर थोड़े चिंतित भी हैं।

रांची में रहने वाले एक राशन कार्डधारक रामू महतो कहते हैं कि सरकार का यह कदम सही है, लेकिन जांच के दौरान यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि किसी असली गरीब का नाम गलती से न कट जाए। प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि सत्यापन पूरी तरह से निष्पक्ष होगा और भौतिक सत्यापन के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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