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IMD Weather Update: मुंबई में मॉनसून की धमाकेदार दस्तक, अगले एक हफ्ते तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

IMD Weather Update: शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच आज सुबह मुंबई के आसमान पर छाए घने काले बादलों और हल्की फुहारों ने बता दिया कि जिसका इंतजार था, वह घड़ी आ गई है। मौसम विभाग ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून आखिरकार मुंबई पहुंच चुका है। सिर्फ मायानगरी ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के कई अन्य हिस्सों, तेलंगाना और ओडिशा के साथ ही छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ इलाकों में भी मॉनसून ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। यह राहत की खबर ऐसे समय में आई है जब देश का एक बड़ा हिस्सा गर्मी और उमस से बेहाल था। अब अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना है, जिसे लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है।

IMD Weather Update: मुंबई के बाद अब किन राज्यों की ओर बढ़ रहा मॉनसून

मुंबई में मॉनसून का पहुंचना उत्तर भारत और मध्य भारत के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों के भीतर मॉनसून की हवाएं उत्तर अरब सागर की ओर रुख करेंगी। इसके साथ ही गुजरात, महाराष्ट्र के बाकी बचे हिस्सों और छत्तीसगढ़ के शेष इलाकों में भी बारिश का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसके बाद अगले तीन से चार दिनों में मॉनसून झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों को कवर करते हुए उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बना लेगा। यह विस्तार न केवल किसानों के लिए फसलों की बुवाई के लिहाज से अहम है, बल्कि आम लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत देने वाला साबित होगा।

भारी बारिश का खतरा और अलर्ट

मौसम विभाग ने चेताया है कि अगले सात दिनों का समय काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खास तौर पर पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत और उप हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के लिए रेड अलर्ट जैसे हालात बने हुए हैं। इन इलाकों में सात से बीस सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। ऐसी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की समस्या होना आम बात है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मुंबई जैसे महानगरों में जहां जल निकासी की चुनौती बनी रहती है, वहां नगर निगम प्रशासन ने अपनी टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि बारिश के कारण जनजीवन बाधित न हो।

एक तरफ बारिश तो दूसरी तरफ लू का कहर

मौसम का मिजाज इस समय काफी हैरान करने वाला है। जहां एक ओर देश का बड़ा हिस्सा मॉनसून की पहली फुहारों का आनंद ले रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ राज्य अभी भी लू की चपेट में हैं। विभाग के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू चलने की आशंका है। इसके अलावा विदर्भ, दक्षिण पूर्वी मध्य प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों तक चिलचिलाती गर्मी और लू की मार बनी रहेगी। यह विरोधाभास दर्शाता है कि मॉनसून की चाल अभी भी कुछ राज्यों में धीमी है, जिसकी वजह से लोगों को अभी कुछ और दिन भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

दिल्ली और उत्तर भारत का मौसम कैसा रहेगा

उत्तर भारत के लोग भी मॉनसून के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के लिए मौसम विभाग ने 23 से 26 जून और फिर 29 जून के दौरान बारिश होने का अनुमान जताया है। हालांकि यह बारिश प्री मॉनसून जैसी होगी, लेकिन इससे तापमान में गिरावट जरूर आएगी। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में भी 23, 24 और 29 जून को बादल बरस सकते हैं। राजस्थान के लोग भी इस हफ्ते राहत की सांस ले पाएंगे, क्योंकि राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में 23 से 29 जून के दौरान बारिश के संकेत मिले हैं।

IMD Weather Update: पहाड़ों पर आंधी और तूफानी चेतावनी

मैदानी इलाकों के अलावा पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का रुख काफी सख्त है। जम्मू कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के ऊंचे इलाकों में 23 और 24 जून को आंधी तूफान के साथ भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड के लिए भी विभाग ने 23 से 25 जून तक के लिए अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है, क्योंकि अचानक मौसम बदलने से पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

IMD Weather Update: प्रशासन की तैयारी और आम जनता की उम्मीदें

मुंबई में मॉनसून की पहली बारिश के साथ ही रेलवे स्टेशनों और मुख्य सड़कों पर भीड़भाड़ कम दिखी, लेकिन लोगों के चेहरे पर एक चमक जरूर थी। सोशल मीडिया पर भी लोग मॉनसून के स्वागत में तस्वीरें साझा कर रहे हैं। हालांकि, हर साल की तरह इस बार भी सवाल यही है कि क्या महानगरों की ड्रेनेज व्यवस्था इस बारिश को झेल पाएगी? बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मॉनसून से पहले नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है और सभी पंपिंग स्टेशनों को चौबीसों घंटे चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों के लिए भी यह समय बहुत महत्वपूर्ण है। बारिश की सही शुरुआत का मतलब है कि इस बार खरीफ की फसलें अच्छी होंगी। गांवों में किसान अब बुवाई की तैयारियों में जुट गए हैं। वहीं, शहरी इलाकों में लोग अब उमस भरी गर्मी से पीछा छुड़ाने के लिए ठंडे मौसम का इंतजार कर रहे हैं। यह मॉनसून न केवल तापमान कम करेगा, बल्कि जल संचयन के लिहाज से भी देश के जलाशयों को फिर से भरने में मदद करेगा।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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