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Ranchi Airport: रांची एयरपोर्ट पर यात्रियों को मिली बड़ी राहत, अब आपात स्थिति में तुरंत मिलेगा इलाज

Ranchi Airport: क्या आप कभी ऐसे अनुभव से गुजरे हैं जहां हवाई यात्रा के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ी हो और एयरपोर्ट पर सही समय पर कोई डॉक्टर या चिकित्सा सुविधा न मिली हो? यह एक बेहद डरावनी स्थिति होती है। अब रांची के बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से गुजरने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। एयरपोर्ट के भीतर ही अब अत्याधुनिक मेडिकल रूम की सुविधा शुरू कर दी गई है। यह कदम न केवल यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को पुख्ता करेगा, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में जीवन बचाने में निर्णायक साबित होगा।

Ranchi Airport: केंद्रीय मंत्री ने किया शुभारंभ, यात्रियों को मिला सुरक्षित सफर का भरोसा

गुरुवार को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस नई चिकित्सा इकाई का उद्घाटन किया। भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल, रांची के सहयोग से तैयार किया गया यह मेडिकल रूम अब चौबीसों घंटे यानी 24×7 यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगा। उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रांची एयरपोर्ट पर हर दिन हजारों लोग आते जाते हैं। ऐसे में अचानक किसी की सेहत खराब होना या इमरजेंसी की स्थिति आना सामान्य बात है। इस नई व्यवस्था से अब यात्रियों को अस्पताल भागने से पहले एयरपोर्ट के भीतर ही जरूरी प्राथमिक उपचार तुरंत मिल सकेगा, जो कई बार जान बचाने के लिए काफी होता है।

आधुनिक उपकरणों से लैस है मेडिकल रूम और एंबुलेंस

यह मेडिकल रूम महज एक छोटा सा कमरा नहीं है, बल्कि इसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए तैयार किया गया है। यहाँ प्राथमिक चिकित्सा की सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ साथ जीवनरक्षक उपकरण मौजूद हैं। सबसे खास बात यह है कि एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन के बाहर एक एडवांस एंबुलेंस को भी तैनात किया गया है। यह एंबुलेंस वेंटिलेटर जैसी महत्वपूर्ण मशीनों से सुसज्जित है। जानकारी के मुताबिक, यह एंबुलेंस प्रतिदिन सुबह सात बजे से लेकर दिन की अंतिम उड़ान के प्रस्थान होने तक मुस्तैद रहेगी। इससे गंभीर रूप से बीमार यात्री को सुरक्षित और तुरंत नजदीकी अस्पताल तक शिफ्ट करने में आसानी होगी।

मेडिकल टीम के साथ अस्पताल का सीधा जुड़ाव

भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल के निदेशक आबिद तौकीर ने इस सुविधा को लेकर बताया कि अस्पताल का मुख्य ध्येय सही समय पर सही उपचार पहुंचाना है। एयरपोर्ट पर स्थापित इस मेडिकल यूनिट का सीधा संपर्क अस्पताल की इमरजेंसी टीम से रहेगा। यदि किसी यात्री को ऐसी चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ती है जो एयरपोर्ट पर उपलब्ध नहीं है, तो उसे बिना समय गंवाए अस्पताल ले जाने की पूरी तैयारी है। इससे इलाज में होने वाली देरी पर पूरी तरह लगाम लग सकेगी। यह सुविधा न केवल यात्रियों के लिए है, बल्कि एयरपोर्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों और वहां तैनात सुरक्षा बलों के लिए भी एक बड़ा संबल बनी है।

Ranchi Airport: एयरपोर्ट विस्तार की बाधाओं पर केंद्रीय मंत्री ने जताई चिंता

इस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एयरपोर्ट के विस्तारीकरण और विमानों की संख्या को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि रांची एयरपोर्ट के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा जमीन की उपलब्धता का न होना है। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीन मिलने में हो रही देरी की वजह से रनवे विस्तार और पार्किंग जैसी जरूरी परियोजनाएं अटकी हुई हैं। अगर सरकार गंभीरता दिखाए, तो रांची एयरपोर्ट और अधिक बेहतर बन सकता है।

उन्होंने रनवे पर लाइट की व्यवस्था यानी कैट टू लाइटिंग और यात्रियों की सुविधा के लिए पार्किंग विस्तार पर भी जोर दिया। टर्मिनल बिल्डिंग के चेकिंग एरिया को लेकर उन्होंने आश्वासन दिया कि इसका काम जारी है और उम्मीद है कि दिसंबर तक यह विस्तार पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, रांची से उड़ानों की संख्या में कमी पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि यह स्थिति अस्थायी है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण विमानन कंपनियों को अपने परिचालन में बदलाव करना पड़ा है। विमान कंपनियां नए विमान खरीद रही हैं और जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, रांची से अधिक संख्या में उड़ानें फिर से शुरू हो जाएंगी।

Ranchi Airport: यात्रियों के लिए सुरक्षा का एक नया आयाम

रांची जैसे बढ़ते हुए शहर के लिए एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ऐसी चिकित्सा सुविधा का होना बहुत जरूरी था। यात्रा के दौरान किसी यात्री का अचानक बीपी बढ़ जाना, सांस लेने में दिक्कत होना या अन्य कोई स्वास्थ्य समस्या होना किसी भी समय हो सकता है। ऐसे में मेडिकल रूम और एंबुलेंस की मौजूदगी यात्रियों के मन से अनहोनी का डर निकाल देती है। अब रांची आने-जाने वाले यात्री और भी अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे। उम्मीद की जानी चाहिए कि अन्य शहरों के एयरपोर्ट्स पर भी इसी तरह की त्वरित चिकित्सा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति यह पहल न केवल बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि यात्रियों के प्रति जिम्मेदारी का भी स्पष्ट संदेश देती है।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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