Ranchi| झारखंड सरकार ने राज्यकर्मियों की प्रोन्नति के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब सरकारी कर्मचारी प्रोबेशन अवधि पूरी होने के बाद ही प्रमोशन के लिए पात्र होंगे। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने सोमवार को इस संबंध में संशोधित संकल्प जारी किया। इसे 2 जुलाई को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिली थी।
क्या बदला नियम में
सरकार के नए प्रावधान के अनुसार, जिन पदों पर 2 साल की प्रोबेशन और आगे प्रमोशन के लिए 2-3 साल की सेवा तय है, वहां दोनों अवधि अलग-अलग गिनी जाएंगी।
पहले: प्रोबेशन + प्रमोशन की सेवा अवधि एक साथ जुड़ जाती थी
अब: पहले 2 साल प्रोबेशन, फिर उसके बाद प्रमोशन के लिए 2 साल की सेवा
उदाहरण से समझें
यदि किसी कर्मचारी का मूल पद 4800 ग्रेड पे का है और पहली प्रोन्नति 5400 ग्रेड पे पर 2 साल सेवा के बाद होनी है, तो:
- पहले 2 साल: प्रोबेशन अवधि
- अगले 2 साल: प्रमोशन के लिए सेवा
अवधि कुल 4 साल बाद ही पहली प्रोन्नति मिलेगी।
सरकार ने क्यों किया बदलाव
सरकार का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में प्रोबेशन और प्रमोशन की सेवा अवधि एक साथ पूरी हो रही थी, जो प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं था। इसी विसंगति को दूर करने के लिए नियम में संशोधन किया गया है।
जहां लागू होगा नया नियम
- जिन ग्रेड पे के बीच 2014 के संकल्प में अवधि निर्धारित नहीं, वहां सभी स्तरों की सेवा अवधि जोड़ी जाएगी
- जिन सेवा नियमावलियों में पहले से अलग व्यवस्था है, वहां वही नियम रहेंगे
- बाकी सेवाओं में 2014 के संशोधित संकल्प के प्रावधान लागू होंगे
सचिवालय सेवा संघ का विरोध
झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने इस फैसले का विरोध किया है। संघ ने CM हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर संशोधित संकल्प तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
संघ के तर्क:
- 2014 का संकल्प 3286 सभी संवर्गों में एकरूपता के लिए था, नया नियम असमानता लाएगा
- 12 साल बाद नियम बदलने की क्या जरूरत पड़ी
- नए नियम से सचिवालय सेवा के अधिकारियों को लेवल-7 से 8 में प्रमोशन के लिए 8 साल इंतजार करना पड़ेगा, जबकि अन्य सेवाओं में सिर्फ 2 साल
संघ ने मांग की है कि पुराना प्रावधान ही लागू रखा जाए।
स्रोत: कार्मिक विभाग, झारखंड सचिवालय सेवा संघ



