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Shiprocket IPO: 12 अगस्त को खुलेगा शिपरॉकेट का आईपीओ, कंपनी ने तय किया प्राइस बैंड

Shiprocket IPO: प्रसिद्ध लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट लिमिटेड (Shiprocket Limited) का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 12 अगस्त 2026 से आम निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है। प्राइमरी मार्केट में कमाई की चाह रखने वाले निवेशकों के पास इस सार्वजनिक निर्गम में दांव लगाने का बेहतरीन अवसर रहेगा। कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए बाजार से कुल 1,617 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।

निवेशकों के लिए यह निर्गम 12 अगस्त से लेकर 14 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया एक दिन पहले यानी 11 अगस्त को शुरू होगी। प्राथमिक बाजार में इस बड़े निर्गम के आने से शेयर बाजार के निवेशकों और रिटेल ट्रेडर्स में काफी उत्साह देखा जा रहा है।

Shiprocket IPO: आईपीओ साइज और शेयरों का पूरा ब्योरा

शिपरॉकेट इस सार्वजनिक निर्गम के तहत कुल 16,67,61,566 शेयरों का आवंटन करेगी। इस पूरी प्रक्रिया में 885 करोड़ रुपये मूल्य के 9,12,99,203 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।

नए शेयरों की बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग कंपनी अपने कारोबार के विस्तार और रणनीतिक कार्यों में करेगी। इससे कंपनी के बही-खाते और परिचालन ढाँचे को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रमोटर्स ओएफएस के जरिए बेचेंगे हिस्सेदारी

कंपनी के प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। प्रमोटर्स ओएफएस के जरिए 732 करोड़ रुपये मूल्य के 7,54,62,363 शेयर बाजार में बिक्री के लिए रखेंगे।

इस तरह नए शेयरों की बिक्री और प्रमोटर्स के ओएफएस को मिलाकर कुल निर्गम का आकार 1,617 करोड़ रुपये बैठता है। बाजार विश्लेषक इस ओएफएस हिस्सेदारी को प्रमोटर्स के रणनीतिक कदम के रूप में देख रहे हैं।

पहले से घटाया गया आईपीओ का आकार

उल्लेखनीय है कि शिपरॉकेट ने इससे पहले दिसंबर 2025 में पूंजी बाजार नियामक सेबी के समक्ष मसौदा दस्तावेज पेश किया था। उस समय कंपनी ने 2,342.3 करोड़ रुपये का बड़ा आईपीओ लाने की योजना तैयार की थी।

हालांकि बाजार की वर्तमान परिस्थितियों और रणनीतिक समीक्षा के बाद कंपनी ने निर्गम का आकार घटाने का निर्णय लिया। संशोधित आकार के तहत अब कुल राशि को घटाकर 1,617 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।

प्राइस बैंड और कर्मचारियों के लिए खास छूट

शिपरॉकेट ने अपने इस सार्वजनिक निर्गम के लिए प्रति शेयर 10 रुपये की फेस वैल्यू तय की है। कंपनी ने प्रति शेयर प्राइस बैंड 92 रुपये से 97 रुपये के बीच निर्धारित किया है।

कंपनी ने अपने पात्र कर्मचारियों को इस इश्यू में भाग लेने के लिए एक विशेष प्रोत्साहन दिया है। कर्मचारियों को ऊपरी प्राइस बैंड पर प्रति शेयर 9 रुपये की सीधी छूट दी जाएगी, जिससे उनकी लागत कम होगी।

संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित कोटा

संस्थागत और रिटेल निवेशकों के लिए शेयरों का आरक्षण पहले से तय नियमों के अनुसार किया गया है। कंपनी ने इश्यू का सबसे बड़ा 75 प्रतिशत हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए सुरक्षित रखा है।

बड़े और अनुभवी निवेशकों का यह कोटा आईपीओ की सफलता को तय करने में अहम भूमिका निभाता है। बाजार जानकारों का मानना है कि इससे संस्थागत निवेशकों का भरोसा कंपनी पर मजबूत दिखाई देगा।

गैर-संस्थागत और रिटेल श्रेणी का आरक्षण

बाकी बचे हिस्से में से 15 प्रतिशत शेयर गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं आम रिटेल निवेशकों के लिए कुल निर्गम का 10 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रखा गया है।

इस आरक्षण व्यवस्था से छोटे और मध्यम स्तर के निवेशकों को भी कंपनी के शेयरों में निवेश करने का समान अवसर मिलेगा। रिटेल निवेशकों के बीच शिपरॉकेट के इस इश्यू को लेकर काफी जिज्ञासा देखी जा रही है।

रिटेल निवेशकों के लिए लॉट साइज की शर्तें

रिटेल निवेशकों को इस सार्वजनिक निर्गम में आवेदन करने के लिए न्यूनतम एक लॉट के आधार पर बोली लगानी होगी। एक लॉट के तहत निवेशकों को 154 शेयर आवंटित किए जाएंगे।

इसके लिए अपर प्राइस बैंड के हिसाब से निवेशकों को कम से कम 14,938 रुपये लगाने होंगे। न्यूनतम निवेश राशि तय होने से छोटे निवेशकों के लिए योजना बनाना आसान हो जाता है।

अधिकतम लॉट साइज और निवेश की सीमा

अगर कोई रिटेल निवेशक अधिक निवेश करना चाहता है, तो वह अधिकतम 13 लॉट के लिए आवेदन कर सकता है। 13 लॉट का अर्थ कुल 2,002 शेयर होता है, जिसके लिए आवेदन करना संभव होगा।

अधिकतम लॉट के लिए निवेशक को 1,94,194 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। नियम के मुताबिक रिटेल निवेशक इससे अधिक की राशि का आवेदन इस श्रेणी के अंतर्गत दर्ज नहीं करवा सकते हैं।

शेयर आवंटन और रिफंड की तिथियां

बिडिंग प्रक्रिया समाप्त होने के बाद शेयरों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 14 अगस्त को आईपीओ बंद होने के बाद 17 अगस्त 2026 को पात्र निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा।

जिन आवेदकों को शेयर अलॉट नहीं हो पाएंगे, उन्हें 18 अगस्त को रिफंड राशि भेज दी जाएगी। इसी दिन यानी 18 अगस्त को सफल आवेदकों के डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे।

शेयर बाजार में लिस्टिंग की आधिकारिक तिथि

आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंत में 19 अगस्त 2026 को कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होगी। इस दिन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर इसके शेयरों की ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी।

लिस्टिंग के दिन मिलने वाले प्रीमियम या लाभ पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। प्राथमिक बाजार के विशेषज्ञ लिस्टिंग के दिन बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।

Shiprocket IPO: लॉजिस्टिक क्षेत्र की मजबूत कंपनी के रूप में पहचान

लॉजिस्टिक क्षेत्र में शिपरॉकेट एक बड़ा और जाना-माना नाम बन चुका है। ई-कॉमर्स कंपनियों और छोटे व्यापारियों को डिलीवरी सुविधाएं प्रदान करने में कंपनी की तकनीक बेहद प्रभावी साबित हुई है।

भारतीय ई-कॉमर्स बाजार के तेजी से बढ़ते आकार को देखते हुए लॉजिस्टिक कंपनियों के बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है। ऐसे में सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी की क्षमता में और विस्तार होने की उम्मीद है।

शिपरॉकेट का यह आईपीओ भारतीय प्राथमिक बाजार में हलचल पैदा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 1,617 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतर रही यह कंपनी रिटेल और संस्थागत दोनों प्रकार के निवेशकों को आकर्षित कर रही है। 12 अगस्त से 14 अगस्त तक चलने वाली इस बिडिंग प्रक्रिया के बाद 19 अगस्त को होने वाली लिस्टिंग पर पूरे बाजार की नजरें टिकी रहेंगी। लॉजिस्टिक सेक्टर की इस अग्रणी कंपनी का शेयर बाजार में पदार्पण उद्योग के समग्र विकास और ई-कॉमर्स समर्थित सेवाओं के लिए एक नया और मजबूत मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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