Mumbai: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख Raj Thackeray ने मुंबई के प्रसिद्ध Siddhivinayak Temple में हर साल करीब ₹18 करोड़ के दान की चोरी होने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में भी अब श्रद्धालुओं के चढ़ावे सुरक्षित नहीं हैं और इस मामले में प्रधानमंत्री Narendra Modi को जवाब देना चाहिए।
राज ठाकरे ने रविवार (2 अगस्त) को अपनी पार्टी के छात्र संगठन के एक कार्यक्रम में कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर के कुछ सतर्क ट्रस्टियों ने दानपेटी से पैसे चोरी करने वाले कर्मचारियों को पकड़ लिया। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में आठ ट्रस्टियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी है।
उनके अनुसार, हर वर्ष लगभग ₹18 करोड़ की राशि दान से गायब की जा रही थी। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक दस्तावेज या स्वतंत्र जांच रिपोर्ट पेश नहीं की।
मंदिर की आय ₹182 करोड़
मुंबई के प्रभादेवी स्थित सिद्धिविनायक मंदिर देश के सबसे समृद्ध मंदिरों में गिना जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मंदिर को दान और अन्य स्रोतों से करीब ₹182 करोड़ की आय हुई थी। राज ठाकरे का आरोप इस कुल आय का लगभग 10 प्रतिशत है।
ट्रस्ट अध्यक्ष ने क्या कहा?
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता Sada Sarvankar ने बताया कि इस मामले में नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है और जहां आवश्यक था, वहां पुलिस में मामले दर्ज कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने दान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसके कारण मंदिर में मिलने वाले दान में लगातार वृद्धि हुई है।
अयोध्या राम मंदिर का भी किया जिक्र
राज ठाकरे ने अपने भाषण में Ram Mandir का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वहां भी ₹1,400 करोड़ के दान में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि मंदिरों के दान की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि अयोध्या राम मंदिर में कथित दान अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की भी जांच की मांग उठी हुई है।
फिलहाल, सिद्धिविनायक मंदिर में ₹18 करोड़ की कथित चोरी का आरोप राज ठाकरे का दावा है। पुलिस द्वारा कर्मचारियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है, लेकिन हर वर्ष ₹18 करोड़ की चोरी के दावे की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


