Baidyanath Dham: पवित्र श्रावण महीने की शुरुआत के साथ ही झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर रुख करने वाले शिवभक्तों के कदमों की रफ्तार तेज हो गई है। कांवरियों की इस भारी भीड़ और बढ़ती आवक को ध्यान में रखते हुए परिवहन महकमे ने कमर कस ली है। राजधानी रांची से देवघर के सफर को सुगम बनाने के लिए सड़क और रेल मार्गों पर अतिरिक्त सुविधाओं का खाका तैयार किया गया है। हर साल सावन के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु बोलबम का जयकारा लगाते हुए मार्ग तय करते हैं, जिसे देखते हुए इस बार प्रशासन और बस-रेल संचालकों ने मिलकर विशेष इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी यात्री को असुविधा का सामना न करना पड़े।
Baidyanath Dham: खादगढ़ा बस स्टैंड से चल रहीं नियमित और अतिरिक्त बसें
शहर के कांटाटोली स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड से मौजूदा समय में हर रोज बारह बसें सीधे देवघर के लिए रवाना हो रही हैं। सावन के इस पावन पर्व को भुनाने और यात्रियों की सुविधा को पुख्ता करने के लिए इन गाड़ियों में एडवांस बुकिंग का सिलसिला भी जोर पकड़ चुका है। परिवहन जानकारों के अनुसार, साधारण सीटों के लिए यात्रियों को साढ़े पांच सौ रुपए किराया चुकाना पड़ रहा है, जबकि आरामदायक स्लीपर सफर के लिए छह सौ रुपए तय किए गए हैं।
दूसरी तरफ, जो श्रद्धालु अपने परिवार या मित्रों के साथ एक बड़े समूह में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। बस ऑनर्स एसोसिएशन रांची ने सामूहिक बुकिंग की अनूठी सुविधा शुरू की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अशफाक आजम ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि यदि कम से कम पैंतीस लोगों का कोई भी समूह संपर्क करता है, तो उनकी मांग और सुविधा के अनुसार पूरी बस आरक्षित कर उपलब्ध कराई जाएगी।
जरूरत पड़ने पर बेड़े में शामिल होंगी अतिरिक्त बसें
साल के बाकी महीनों में रांची से देवघर के बीच बारह नियमित बसों का संचालन होता है, लेकिन सावन के इन दिनों में जैसे-जैसे भीड़ का दबाव बढ़ेगा, वैसे-वैसे व्यवस्था को भी विस्तार दिया जाएगा। झारखंड प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेला परमिट के आधार पर पांच से दस अतिरिक्त बसों को भी सड़क पर उतारा जा सकता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अंतिम समय में टिकट न मिलने पर भी किसी शिवभक्त को निराश होकर वापस न लौटना पड़े।
रेलवे का बड़ा तोहफा: इतवारी-मधुपुर स्पेशल ट्रेन का परिचालन
सड़क मार्ग के साथ-साथ पटरियों पर भी कांवरियों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा गया है। भारतीय रेलवे ने श्रावण मेले की अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-मधुपुर साप्ताहिक श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन को रांची के रास्ते चलाने का आधिकारिक निर्णय लिया है। यह विशेष ट्रेन यात्रियों के लिए आवागमन का एक बड़ा और सुलभ साधन साबित होने वाली है।
गाड़ी संख्या 08895 एक अगस्त से उनतीस अगस्त के बीच प्रत्येक शनिवार को इतवारी स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू करेगी। यह ट्रेन सुबह साढ़े चार बजे इतवारी से चलकर गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, झारसुगुड़ा और राउरकेला होते हुए बानो, पोकला और हटिया पहुंचेगी। रात नौ बजकर बीस मिनट पर यह गाड़ी रांची जंक्शन पर रुकेगी और फिर मुरी, झालदा, कोटशिला, बोकारो स्टील सिटी, धनबाद तथा चितरंजन के रास्ते अगले दिन सुबह छह बजे मधुपुर जंक्शन पर अपनी यात्रा पूरी करेगी।
वापसी की दिशा में गाड़ी संख्या 08896 दो अगस्त से तीस अगस्त तक हर रविवार को मधुपुर से प्रस्थान करेगी। मधुपुर से सुबह नौ बजे खुलकर यह ट्रेन चितरंजन, धनबाद, बोकारो स्टील सिटी, कोटशिला, झालदा और मुरी होते हुए शाम पांच बजकर पचास मिनट पर रांची पहुंचेगी। इसके बाद हटिया, पोकला, बानो, ओड़गा और राउरकेला के रास्ते होते हुए यह ट्रेन अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ेगी। इस साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के संचालन से झारखंड और पड़ोसी राज्यों के यात्रियों को काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
Baidyanath Dham: कानून व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए भारी प्रशासनिक अमला तैनात
सिर्फ यातायात ही नहीं, बल्कि देवघर और दुमका के धार्मिक स्थलों पर उमड़ने वाले सैलाब को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी पुख्ता किलेबंदी की है। सुरक्षा और विधि-व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए कुल पैंसठ प्रशासनिक अधिकारियों को ड्यूटियों पर लगाया गया है। देवघर जिले में उप समाहर्ता स्तर के चालीस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो सावन के दौरान कानून-व्यवस्था की कमान संभालेंगे।
इसी तरह दुमका जिले में भी प्रशासनिक कसावट लाई गई है। वहां प्रशिक्षण अवधि वाले उप समाहर्ता स्तर के तेईस अधिकारियों को तैनात किया गया है, जबकि उप सचिव स्तर के दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये सभी अधिकारी सत्ताईस जुलाई से अट्ठाइस अगस्त तक अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहेंगे। इसके अलावा, उप सचिव स्तर के अधिकारी विनोद कुमार कर्मकार और आशुतोष कुमार ओझा तीस जुलाई से अट्ठाइस अगस्त तक कमान संभालेंगे।
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