UNA। लगातार हो रही बारिश ने भले ही जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया हो, लेकिन धार्मिक नगरी `श्री चिंतपूर्णी` में रविवार को श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। खराब मौसम के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों भक्त मां चिंतपूर्णी के दर्शन के लिए पहुंचे। दोपहर तक दर्शनार्थियों की लाइनें `पुराने बस स्टैंड` तक पहुंच गई थीं।
बारिश में भी उमड़ी भीड़
सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे और रुक-रुक कर बारिश हो रही थी। इसके बावजूद `पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल` के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचे।
जैसे-जैसे दिन चढ़ा, मंदिर परिसर में भक्तों की संख्या बढ़ती गई। दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। कई लोगों को 3 से 4 घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। श्रद्धालुओं के हाथों में छाते और बरसाती थीं। कुछ लोग बारिश में भीगते हुए भी “जय माता दी” के जयकारे लगाते नजर आए। भक्ति का माहौल पूरे परिसर में देखने को मिला।
प्रशासन ने संभाली व्यवस्था
मौसम को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई और कर्मचारियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए अलग से लाइन की व्यवस्था की गई।
पीने के पानी और अस्थायी शेड भी लगाए गए ताकि बारिश में खड़े श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो। मंदिर कमेटी के अनुसार हर 30 मिनट में अनाउंसमेंट कर लोगों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की जा रही थी। बस स्टैंड और पार्किंग में भी अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया।
आस्था के आगे मौसम फेल
स्थानीय लोगों का कहना है कि चिंतपूर्णी में ऐसा नजारा आम है। मौसम कैसा भी हो, माता के भक्तों का उत्साह कम नहीं होता।
हरियाणा से आए एक श्रद्धालु ने कहा, “हम सुबह 4 बजे घर से निकले थे। रास्ते में बारिश मिल रही थी पर मन में सिर्फ माता के दर्शन थे। 3 घंटे लाइन में लगे पर थकान महसूस नहीं हुई।”
एक पुजारी ने बताया, “मां चिंतपूर्णी को चिंता दूर करने वाली देवी माना जाता है। इसलिए दूर-दूर से लोग अपनी मन्नतें लेकर आते हैं। बारिश हो या धूप, आस्था हमेशा एक जैसी रहती है।”
चिंतपूर्णी धाम का महत्व
ऊना जिले में स्थित `श्री चिंतपूर्णी मंदिर` 51 शक्तिपीठों में से एक है। मान्यता है कि यहां माता सती के चरण गिरे थे। नवरात्र और रविवार को यहां विशेष भीड़ रहती है। भक्त यहां पिंडी के दर्शन कर नारियल और चुनरी चढ़ाते हैं। पंजाब और हरियाणा से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक होती है।
मौसम विभाग ने हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षित यात्रा करने और मौसम की जानकारी लेकर ही निकलने की अपील की है।
निष्कर्ष
रविवार को चिंतपूर्णी में जो भक्ति का नजारा देखने को मिला, उसने साबित कर दिया कि आस्था के आगे प्रकृति भी नतमस्तक हो जाती है। घंटों की लाइन, फिसलन भरे रास्ते और बारिश के बावजूद भक्तों का जोश कम नहीं हुआ। प्रशासन की मुस्तैदी से दर्शन शांतिपूर्वक संपन्न हुए।


