Jharkhand News: झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में जानलेवा साबित हो रहे ब्रेन मलेरिया ने एक बार फिर गंभीर रूप धारण कर लिया है, जिसकी चपेट में आने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ के एक जवान की मौत हो गई है। पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी कैंप में तैनात सीआरपीएफ जवान पिंटू कुमार को गंभीर हालत में जमशेदपुर के प्रतिष्ठित एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से मुसाबनी सीआरपीएफ कैंप और जवान के परिवार में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं दूसरी तरफ, लगातार सामने आ रहे ब्रेन मलेरिया के इन गंभीर मामलों ने झारखंड के स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
Jharkhand News: अचानक बिगड़ी तबीयत और अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
मृतक सीआरपीएफ जवान पिंटू कुमार मुसाबनी स्थित सीआरपीएफ कैंप में अपनी सेवाएं दे रहे थे और अचानक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें स्थानीय स्तर पर प्रारंभिक उपचार दिया गया था। हालत में सुधार न होने पर उन्हें तुरंत जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की तो उनमें ब्रेन मलेरिया यानी फाल्सीपेरम संक्रमण की पुष्टि हुई। अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज लगातार चल रहा था, लेकिन संक्रमण इतना अधिक फैल चुका था कि उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। तमाम कोशिशों के बावजूद बुधवार को इलाज के दौरान जवान ने दम तोड़ दिया, जिससे चिकित्सा व्यवस्था और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच भी मायूसी छा गई है।
मुसाबनी कैंप में पसरा मातम और शोक की लहर

सीआरपीएफ जवान पिंटू कुमार के असामयिक निधन की खबर मिलते ही मुसाबनी स्थित उनके कैंप में शोक का माहौल पूरी तरह छा गया। साथ काम करने वाले साथी जवानों ने अपने प्रिय और कर्तव्यनिष्ठ साथी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है, और कैंप में हर तरफ मायूसी नजर आ रही है। अस्पताल प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक और कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने के बाद जवान के पार्थिव शरीर को उनके शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया गया। इस दुखद घड़ी में स्थानीय प्रशासन और बल के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है। इस तरह के मामलों ने सुरक्षा बलों के बीच भी स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर नए सिरे से चिंताएं पैदा कर दी हैं।
Jharkhand News: कोल्हान और पूर्वी सिंहभूम में लगातार बढ़ रहे मलेरिया के मामले
पूर्वी सिंहभूम और पूरे कोल्हान क्षेत्र में इस वर्ष मलेरिया के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। विशेष रूप से खतरनाक माने जाने वाले ब्रेन मलेरिया के मामलों में हो रही वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता को काफी हद तक बढ़ा दिया है। जानकारों का मानना है कि मानसून के इस मौसम में मच्छरों का प्रकोप तेजी से फैलता है, जिसके कारण संक्रमण का खतरा कई गुना अधिक हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि समय रहते इस बीमारी के प्रसार को रोका जा सके। ग्रामीण औरि अर्ध-शहरी इलाकों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच करने और उन्हें जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Jharkhand News: स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी और बचाव के जरूरी उपाय
ब्रेन मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता और सुरक्षा बलों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। चिकित्सकों का स्पष्ट कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, लगातार सिरदर्द, बेहोशी, दौरे आने या मानसिक भ्रम जैसी स्थिति महसूस हो, तो बिना देर किए तुरंत अस्पताल जाकर खून की जांच करानी चाहिए। समय पर उचित उपचार नहीं मिलने की स्थिति में यह बीमारी बहुत ही कम समय में जानलेवा साबित हो सकती है। विभाग लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें और किसी भी प्रकार का बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
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