UNA/ CHINTPURNI |6 अगस्त 2026: प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए सराहनीय पहल शुरू हुई है। श्रावण अष्टमी मेले से पहले आपदा मित्रों और समाजसेवियों के सहयोग से श्रद्धालुओं के बीच जूट के कैरी बैग वितरित किए जाएंगे।
इसका मकसद मंदिर क्षेत्र में प्लास्टिक और पॉलिथीन के उपयोग को कम करना है।
भरवाईं में हुआ विशेष कार्यक्रम
भरवाईं स्थित रेस्ट हाउस में “पॉलिथीन मुक्त चिंतपूर्णी अभियान” के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भरवाईं के नायब तहसीलदार पवन कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस दौरान आपदा मित्र संदीप कुमार और उनकी टीम की प्रेरणा से लुधियाना के ओबेरॉय एवं मल्होत्रा परिवार के सदस्य रामबनीश, अजय ओबेरॉय और अभिषेक चावला द्वारा भेंट किए गए जूट के कैरी बैग आपदा प्रबंधन टीम को सौंपे गए।
इन बैगों का वितरण आगामी श्रावण अष्टमी मेले के दौरान श्रद्धालुओं में किया जाएगा।
नायब तहसीलदार ने की पहल की सराहना
नायब तहसीलदार पवन कुमार ने कहा कि 13 अगस्त से शुरू होने वाले श्रावण अष्टमी मेले में लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन को पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यावरण और स्वच्छता बनाए रखने के लिए पॉलिथीन की जगह जूट के बैग देना बहुत जरूरी पहल है।
उन्होंने अपील की कि अगर श्रद्धालु खुद सहयोग करें और पॉलिथीन का उपयोग पूरी तरह बंद कर दें तो चिंतपूर्णी को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल धार्मिक स्थल बनाना आसान होगा।
जागरूकता ही असली मकसद
आपदा मित्र संदीप कुमार ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ बैग बांटना नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को *पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है।
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से कहा कि पॉलिथीन का उपयोग न करें और कपड़े या जूट के बैग अपनाकर प्रकृति संरक्षण में भागीदार बनें।
गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में समनोली के उपप्रधान राजकुमार शर्मा, सेवानिवृत्त जेई विजय शर्मा, आपदा मित्र मयंक शर्मा, राजेश कुमार सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को सामाजिक सहयोग और पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
प्रशासन का कहना है कि श्रावण अष्टमी मेले के दौरान यह अभियान हजारों श्रद्धालुओं तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाएगा।


