Vitamin Deficiency: भागदौड़ भरी जीवनशैली के बीच दिनभर की कड़ी थकान के बाद सुकून भरी नींद आना हर किसी के स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक होता है। नींद आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को तरोताजा करने के साथ ही रिकवरी की प्रक्रिया में भी एक अहम भूमिका निभाती है। हालांकि, कई बार कुछ लोगों को बिस्तर पर घंटों लेटे रहने के बावजूद नींद नहीं आती और वे रातभर करवटें बदलने पर मजबूर रहते हैं। जानकारों के अनुसार रात में नींद न आना या बार-बार नींद खुलना आपके शरीर में होने वाली किसी न किसी विटामिन की कमी का सीधा संकेत हो सकता है। शरीर में विटामिन डी, विटामिन बी12, विटामिन बी6 और फोलेट की पर्याप्त मात्रा न होने पर नींद को नियंत्रित करने वाले महत्वपूर्ण हॉर्मोन सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं।
Vitamin Deficiency: नींद और विटामिन्स का गहरा रिश्ता और इसके वैज्ञानिक पहलू
अच्छी और गहरी नींद को एक स्वस्थ जीवन की नींव माना जाता है, क्योंकि पर्याप्त नींद न मिलने पर न केवल अगले दिन थकान महसूस होती है। बल्कि इसका गंभीर असर मानसिक स्वास्थ्य, रोग प्रतिरोधक क्षमता, हॉर्मोनल संतुलन और हृदय की सेहत पर भी पड़ सकता है। आमतौर पर लोग अपनी खराब नींद के लिए अत्यधिक तनाव, चिंता या स्क्रीन टाइम के बढ़ने को जिम्मेदार मानते हैं। इसके विपरीत, कई चिकित्सा मामलों में शरीर के भीतर जरूरी विटामिन्स की कमी भी इस समस्या की बड़ी वजह बन जाती है। एक्सपर्ट्स और विभिन्न मेडिकल स्टडीज के अनुसार विटामिन डी, बी12, बी6 और फोलेट का स्तर गिरने से नींद का पूरा पैटर्न बिगड़ सकता है।
विटामिन डी की कमी कैसे बिगाड़ती है आपकी नींद की गुणवत्ता
विटामिन डी को अमूमन केवल हड्डियों की मजबूती और स्वास्थ्य के लिए ही जरूरी समझा जाता है, लेकिन इसके अन्य स्वास्थ्य लाभ भी बेहद अहम हैं। विभिन्न वैज्ञानिक शोधों से यह बात सामने आई है कि विटामिन डी का सीधा संबंध हमारी नींद की गुणवत्ता के साथ जुड़ा हुआ है। यह विटामिन मस्तिष्क के उन खास हिस्सों पर अपना प्रभाव डालता है जो नींद के चक्र को नियंत्रित करने का काम करते हैं। शरीर में इस विटामिन की कमी होने पर व्यक्ति को गहरी और पर्याप्त नींद नहीं मिल पाती है, जिससे रात के समय बार-बार नींद टूटने जैसी दिक्कतें होने लगती हैं।
विटामिन बी12 और मेलाटोनिन हॉर्मोन का आपसी तालमेल
शरीर के भीतर विटामिन बी12 मुख्य रूप से मेलाटोनिन यानी नींद के हॉर्मोन और सोने-जागने के चक्र को नियंत्रित करने के माध्यम से काम करता है। चिकित्सा शोधों के अनुसार विटामिन बी12 की कमी होने पर रात के समय नींद आने में बहुत देरी होने लगती है। इसके अलावा, नींद में लगातार खलल पड़ना, गंभीर अनिद्रा की शिकायत होना और दिन के वक्त भी अत्यधिक नींद या सुस्ती महसूस होना इसके प्रमुख लक्षण हैं। जब तंत्रिका तंत्र ठीक प्रकार से कार्य नहीं कर पाता है, तो मस्तिष्क को आराम देने वाले संकेत समय पर नहीं मिल पाते हैं।
Vitamin Deficiency: विटामिन बी6 और फोलेट की कमी के कारण होने वाली परेशानियां
विटामिन बी6 हमारे शरीर के अंदर सेरोटोनिन और मेलाटोनिन के प्राकृतिक निर्माण में महत्वपूर्ण मदद प्रदान करता है। मेलाटोनिन वही आवश्यक हॉर्मोन है जो हमारे शरीर को रात के समय सोने का संकेत देता है, और इसकी कमी बेचैनी बढ़ाती है। इसी प्रकार फोलेट यानी विटामिन बी9 की कमी का सीधा संबंध भी अनिद्रा और बेचैन नींद से जुड़ा हुआ देखा गया है। यह पोषक तत्व मस्तिष्क की कोशिकाओं के बेहतर कार्य और न्यूरोट्रांसमीटर के संतुलन को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। इन दोनों ही पोषक तत्वों की कमी होने पर व्यक्ति को नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
Vitamin Deficiency: खानपान और जीवनशैली में बदलाव कर दूर करें विटामिन्स की कमी
शरीर में पनप रही इन कमियों को दूर करने के लिए अपनी दैनिक जीवनशैली और खानपान की आदतों में सकारात्मक बदलाव करने की सलाह दी जाती है। अपने रोजमर्रा के भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों, ताजे फलों, साबुत अनाज, अंडे, डेयरी उत्पादों और विभिन्न प्रकार के मेवों को अवश्य शामिल करना चाहिए। इसके अलावा, सुबह के समय हल्की धूप में कुछ समय बिताना प्राकृतिक रूप से विटामिन डी की पूर्ति करने का सबसे बेहतरीन जरिया माना जाता है। यदि शरीर में किसी विशेष विटामिन की कमी बहुत अधिक है, तो चिकित्सक की उचित सलाह लेकर सही सप्लीमेंट्स का सेवन भी किया जा सकता है।
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