Drinking Lukewarm Water in Winter: सर्दियों का मौसम आते ही हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में शरीर का ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। ब्लड गाढ़ा हो जाता है, जिससे हार्ट और दिमाग पर दबाव पड़ता है। लेकिन एक आसान उपाय है – रोज गुनगुना पानी पीना। इससे ब्लड पतला रहता है और खतरा काफी कम हो जाता है। बड़े अस्पतालों के कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोलॉजिस्ट ने यह सलाह दी है। आइए जानते हैं पूरी बात।
सर्दियों में क्यों बढ़ता है खतरा?
सर्दियों में ठंड से शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ता है। शरीर पानी कम खोता है, इसलिए लोग कम पानी पीते हैं। इससे ब्लड गाढ़ा हो जाता है। गाढ़ा ब्लड नसों में क्लॉट बना सकता है। क्लॉट से हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एके सिंह ने कहा, “सर्दियों में हार्ट अटैक के 30-40% मामले ज्यादा आते हैं। गुनगुना पानी पीने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है। क्लॉट बनने का खतरा कम होता है।”
गुनगुना पानी पीने के फायदे
- ब्लड पतला रहता है: गुनगुना पानी ब्लड को पतला करता है। क्लॉट नहीं बनता।
- सर्कुलेशन बेहतर: शरीर में ब्लड आसानी से घूमता है। हार्ट पर बोझ कम पड़ता है।
- पाचन अच्छा: सर्दियों में पाचन सुस्त पड़ जाता है। गुनगुना पानी इसे दुरुस्त रखता है।
- इम्यूनिटी बढ़ती है: सर्दी-जुकाम से बचाव होता है।
- वजन कंट्रोल: मेटाबॉलिज्म तेज होता है।
डॉक्टर कहते हैं कि दिन में 8-10 गिलास गुनगुना पानी पीना चाहिए। सुबह खाली पेट 2 गिलास जरूर पिएं।
सही तरीका क्या है?
- पानी को 40-50 डिग्री तक गुनगुना करें। उबालकर ठंडा न करें।
- नींबू या शहद मिला सकते हैं, लेकिन सादा पानी सबसे अच्छा।
- रात को सोने से पहले और सुबह उठते ही पिएं।
- ठंडा पानी बिलकुल न पिएं। इससे नसें सिकुड़ती हैं।
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राकेश कुमार ने कहा, “ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों में ज्यादातर डिहाइड्रेशन पाया जाता है। गुनगुना पानी पीने से ब्रेन में ब्लड फ्लो अच्छा रहता है। स्ट्रोक का खतरा 20-30% कम हो सकता है।”
Drinking Lukewarm Water in Winter: किन लोगों को ज्यादा ध्यान देना चाहिए?
- हार्ट के मरीज
- हाई ब्लड प्रेशर वाले
- डायबिटीज के पेशेंट
- बुजुर्ग
- धूम्रपान करने वाले
ये लोग रोज गुनगुना पानी पिएं। डॉक्टर से सलाह लें।
सर्दियों में सेहत का ध्यान रखें। गुनगुना पानी पीना आसान और सस्ता उपाय है। हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाव हो सकता है। डॉक्टरों की यह सलाह अपनाएं। परिवार के सभी सदस्यों को बताएं। स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें।



