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Jharkhand News: धनबाद स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फेरबदल, तीन साल से एक ही जगह जमे 31 क्लर्कों का हुआ तबादला, जानें पूरी सूची

Jharkhand News: तीन साल से एक ही कुर्सी पर बैठे लिपिकों के लिए गुरुवार की शाम बड़ी खबर लेकर आई। धनबाद स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से जमे 31 क्लर्कों का एक साथ तबादला कर दिया गया, और इसका आदेश सीधे सिविल सर्जन कार्यालय से जारी हुआ। यह कदम राज्य सरकार के निर्देश के बाद उठाया गया है, जिसमें साफ कहा गया था कि एक ही पद पर लंबे समय से जमे कर्मचारियों को दूसरी जगह भेजा जाए।

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव के निर्देश के बाद धनबाद में यह कार्रवाई गुरुवार को अमल में लाई गई। सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने देर शाम आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए सभी संबंधित लिपिकों को नई जगह पर पदस्थापित कर दिया। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी लिपिकों को 26 जून तक अपने पुराने पद से विरमित होना अनिवार्य है, यानी अगले कुछ दिनों के भीतर उन्हें नई जगह पर काम शुरू करना होगा।

Jharkhand News: क्यों किया गया यह बड़ा फेरबदल

सरकारी विभागों में यह आम चलन रहा है कि लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहने वाले कर्मचारियों का तबादला किया जाता है। इसके पीछे मकसद यह होता है कि प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बनी रहे और किसी एक जगह पर लंबे समय तक टिके रहने से बनने वाले स्थानीय प्रभाव या लापरवाही की आशंका कम हो। धनबाद में भी यही नियम लागू करते हुए राज्य स्तर से निर्देश मिलने के बाद जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है।

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि नियमित तबादला नीति का पालन करना जरूरी होता है, क्योंकि इससे विभाग के अलग अलग केंद्रों पर कामकाज का बेहतर बंटवारा हो पाता है। तीन साल से एक ही जगह जमे कर्मचारियों को नई जिम्मेदारी देने से सेवाओं में भी ताजगी आती है, ऐसा प्रशासनिक हलकों में माना जाता है।

किसे कहां भेजा गया, जानें पूरी सूची

इस तबादले में जिले के अलग अलग स्वास्थ्य केंद्रों और कार्यालयों के बीच लिपिकों को आपस में बदला गया है। लिपिक मनोज कुमार मंडल को सिविल सर्जन कार्यालय से सदर अस्पताल भेजा गया है, जबकि अजय कुमार पाठक सिविल सर्जन कार्यालय से केंदुआडीह जाएंगे। राजनिमी मुर्मू को सिविल सर्जन कार्यालय से जिला कुष्ठ निवारण कार्यालय भेजा गया है, वहीं रणधीर कुमार को जिला कुष्ठ निवारण विभाग से सिविल सर्जन कार्यालय बुलाया गया है।

सावित्री कुमारी सदर अस्पताल से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदपुर जाएंगी, जबकि संदीप रजक को सदर अस्पताल से सिविल सर्जन कार्यालय भेजा गया है। धर्मेंद्र कुमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झरिया से सिंदरी स्थानांतरित किए गए हैं, और प्रकाश चंद्र हांसदा को बलियापुर से तेतुलिया भेजा गया है। विनय कुमार का तबादला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाघमारा से तोपचांची किया गया है।

इसी क्रम में गोपीनाथ हेंब्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टुंडी से जिला आरसीएच कार्यालय भेजे गए हैं, जबकि रूनू कुमारी सिंह को केंदुआडीह से जिला कुष्ठ निवारण कार्यालय स्थानांतरित किया गया है। शैलेश कुमार सिन्हा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागा से सदर अस्पताल धनबाद आएंगे। खालिदा खातून को जिला आरसीएच कार्यालय से अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय भेजा गया है, और चंदन राय का तबादला एएनएम स्कूल से अपर मुख्य चिकित्सा कार्यालय किया गया है। इसके अलावा बाकी लिपिकों को भी जिले के अलग अलग केंद्रों के बीच एडजस्ट किया गया है, और कुल मिलाकर 31 लिपिकों को नई जगह भेजा गया है।

कब तक होना है विरमित, क्या है समय सीमा

आदेश में साफ तौर पर लिखा गया है कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू है। सभी संबंधित लिपिकों को 26 जून तक अपने मौजूदा पद से विरमित होकर नई जगह पर रिपोर्ट करना होगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार समय सीमा तय करने का मकसद यही है कि तबादले की प्रक्रिया लंबित न रहे और नई जगहों पर कामकाज जल्द से जल्द सामान्य रूप से शुरू हो सके।

Jharkhand News: स्वास्थ्य सेवाओं पर क्या पड़ सकता है असर

जिले के अलग अलग स्वास्थ्य केंद्रों में एक साथ इतने कर्मचारियों का बदलना शुरुआत में कामकाज पर थोड़ा असर डाल सकता है, क्योंकि नई जगह पर तालमेल बनाने में कुछ समय लगता है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह बदलाव दीर्घकाल में फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि इससे अलग अलग केंद्रों पर अनुभवी स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित हो सकेगी। मरीजों और आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए संबंधित केंद्रों को पहले से तैयार रहने को कहा गया है।

Jharkhand News: आगे क्या रहेगी प्रक्रिया

फिलहाल सभी क्लर्कों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी नई जगह पर रिपोर्ट करना है। इसके बाद विभाग यह भी देखेगा कि कहीं किसी केंद्र पर स्टाफ की कमी या अधिकता तो नहीं हो रही, ताकि जरूरत पड़ने पर आगे और समायोजन किया जा सके। जिला प्रशासन का कहना है कि इस तरह की नियमित समीक्षा आने वाले समय में भी जारी रहेगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा बेहतर बना रहे।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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