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Odisha News: ओडिशा में बाढ़ का संकट गहराया, बैतरनी नदी खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर, 4 जिलों में स्कूल बंद

Odisha News: ओडिशा में लगातार बारिश और नदियों में उफान से बाढ़ का संकट गंभीर होता जा रहा है। भद्रक जिले में बैतरनी नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। स्थिति को देखते हुए भद्रक, जाजपुर, नबरंगपुर और कालाहांडी जिला प्रशासन ने सभी सरकारी व निजी स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है।

Odisha News: बैतरनी का जलस्तर कितना बढ़ा?

भद्रक में अखुआपड़ा के पास बैतरनी नदी का जलस्तर बुधवार सुबह 20.44 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 18.33 मीटर है। यानी नदी खतरे के स्तर से करीब 2.11 मीटर ऊपर बह रही है। सालंदी नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है जिससे तटवर्ती और निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है।

प्रभावित इलाके

भंडारीपोखरी, धामनगर और तिहिड़ी ब्लॉकों की कई पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है। कई स्थानों पर सड़कें डूबने से गांवों का संपर्क टूट गया है। भंडारीपोखरी-जाजपुर सड़क मार्ग पूरी तरह कट गया है। भद्रक शहर के करीब 15 वार्डों और आसपास की पंचायतों में भी जलभराव और बाढ़ का असर दिख रहा है।

स्कूल-आंगनवाड़ी बंद

बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चार जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति सामान्य होने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को घर पर ही रखें।

प्रशासन की तैयारी

जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने तथा अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की गई है।

मौसम विभाग का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, नबरंगपुर, नुआपड़ा, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी और खुर्दा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें भुवनेश्वर भी शामिल है। इन क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।

आगे की चिंता

यदि बारिश का दौर जारी रहा तो निचले इलाकों में बाढ़ का दायरा और बढ़ सकता है। प्रशासन चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रखे हुए है। जरूरत के अनुसार राहत शिविर लगाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

सड़कें और संपर्क

कई सड़कें जलमग्न होने से आवाजाही प्रभावित हुई है। कुछ गांव पूरी तरह कट गए हैं। प्रशासन वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करने और आवश्यक सामग्री पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। बिजली और पानी की आपूर्ति भी कुछ इलाकों में प्रभावित हो सकती है।

सरकार का रुख

राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार समीक्षा कर रही है। टूटी सड़कों और पुलों की मरम्मत के लिए निर्देश दिए गए हैं। राहत सामग्री का भंडारण बढ़ाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।

लोगों के लिए सलाह

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। नदी किनारे न जाएं। अगर पानी घरों में घुसने लगे तो तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर बढ़ें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

पिछले अनुभव

ओडिशा में मानसून के दौरान बाढ़ की घटनाएं आम हैं। इस बार भी बैतरनी और सालंदी जैसी नदियों में पानी बढ़ने से कई जिले प्रभावित हुए हैं। प्रशासन पिछले अनुभवों के आधार पर तैयारी कर रहा है।

राहत कार्य

जहां पानी घुस चुका है वहां नावों के जरिए राहत पहुंचाई जा रही है। खाद्य सामग्री, पेयजल और दवाइयों का इंतजाम किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया गया है ताकि कोई महामारी न फैले।

ओडिशा में बैतरनी नदी खतरे के निशान से 2.11 मीटर ऊपर बह रही है। भद्रक में स्थिति सबसे चिंताजनक है। भद्रक, जाजपुर, नबरंगपुर और कालाहांडी में स्कूल व आंगनवाड़ी बंद कर दिए गए हैं। कई गांवों का संपर्क टूटा है और सड़कें जलमग्न हैं। प्रशासन निगरानी और राहत कार्यों में जुटा है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अगर बारिश जारी रही तो बाढ़ और फैल सकती है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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