Rath Yatra Accident: भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान पुरी में गुरुवार को भीड़भाड़ के कारण एक दुखद घटना घटी। मरिचिकोट चौक के पास अत्यधिक भीड़ उमड़ने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें दम घुटने के कारण दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इस हादसे में 150 से ज्यादा लोग विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रथ यात्रा के बीच अचानक मची अफरा-तफरी
रथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे हुए हैं। दोपहर करीब दो बजे मरिचिकोट चौक क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। गर्मी और घनी भीड़ के दबाव में कुछ श्रद्धालु बेहोश होकर गिर पड़े। तत्काल उन्हें पुरी जिला मुख्य अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन के अनुसार, मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। दोनों ही श्रद्धालु स्थानीय या अन्य राज्यों से आए हो सकते हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई है और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी सख्त कर दी गई है।
अस्पताल में मरीजों की भरमार, चिकित्सा व्यवस्था अलर्ट पर
इस घटना के साथ ही रथ यात्रा से जुड़ी गर्मी, थकान और भीड़ के दबाव से प्रभावित 150 से अधिक श्रद्धालुओं को पुरी जिला मुख्य अस्पताल में भर्ती किया गया है। चिकित्सा विभाग ने सभी डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रखा है। कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी और चोटों की शिकायत है।
श्रीक्षेत्र पुरी में इस घटना से शोक का माहौल छा गया है। जगन्नाथ मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा घनी भीड़ से बचें।
प्रशासन की तैयारियां और जांच
पुरी रथ यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। इस बार सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, फिर भी भीड़ प्रबंधन में यह चुनौती सामने आई। जिला प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और प्रशासन को हर संभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
रथ यात्रा जारी है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर भीड़ प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित किया है। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे अनुशासन बनाए रखें ताकि भगवान जगन्नाथ की यह पवित्र यात्रा शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो सके।
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