Patna Hostel Case: पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद जिले की एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच को और मजबूत किया है। बुधवार को हॉस्टल संचालक के बेटे सहित 10 अन्य लोगों के ब्लड सैंपल डीएनए मिलान के लिए फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। अब तक कुल 25 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें संदिग्ध व्यक्ति, हॉस्टल से जुड़े लोग और कुछ करीबी शामिल हैं। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में यौन हिंसा की पुष्टि हो चुकी है। छात्रा के अंतर्वस्त्र में मानव स्पर्म मिलने से मामला और गंभीर हो गया है। एम्स से सेकंड ओपिनियन रिपोर्ट का इंतजार है।
घटना का पूरा विवरण

मामला 6 जनवरी 2026 का है। जहानाबाद जिले की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा पटना में नीट परीक्षा की तैयारी के लिए शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही थी। उसे अपने कमरे में बेहोश हालत में पाया गया। छात्रा को प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया लेकिन परिजनों ने रेप और हत्या का आरोप लगाया। फॉरेंसिक जांच में छात्रा के अंडरवियर से किसी पुरुष का वीर्य मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की संभावना जताई गई। छात्रा के कपड़े फटे हुए मिले। इससे रेप की आशंका पुख्ता हुई।
जांच में नई प्रगति
एसआईटी ने जांच को तेज किया है। अब तक 25 लोगों के ब्लड सैंपल डीएनए मिलान के लिए भेजे गए हैं। इनमें पटना के 15 व्यक्ति शामिल हैं। बुधवार को हॉस्टल संचालक के बेटे सहित 10 और लोगों के सैंपल लिए गए। हाई प्रोफाइल मामले में हॉस्टल में नियमित आने-जाने वाले लोगों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। एसआईटी छात्रा की ट्रैवल हिस्ट्री, कॉल डिटेल्स और टावर लोकेशन की बारीकी से जांच कर रही है। डंप डेटा से यह पता लगाया जा रहा है कि 6 जनवरी को छात्रा की तबीयत बिगड़ने के समय उसके आसपास कौन-कौन मौजूद थे।
डीएनए प्रोफाइलिंग में समय लगता है। एक व्यक्ति के डीएनए टेस्ट में 2-3 दिन लग सकते हैं। सैंपल की संख्या ज्यादा होने से रिपोर्ट में थोड़ा विलंब हो सकता है। एसआईटी विज्ञानी साक्ष्यों को पुख्ता करने के लिए ये कदम उठा रही है। हॉस्टल संचालक मनीष रंजन फिलहाल बेऊर जेल में बंद है। उनकी भी जांच हो रही है।
पुलिस की कार्रवाई और सस्पेंशन
पुलिस ने मामले में दो थानाध्यक्षों को सस्पेंड किया है। शुरुआती जांच में लापरवाही के आरोप लगे थे। एसआईटी गठित की गई है। जांच में POCSO एक्ट की धाराएं भी लगाई जा सकती हैं क्योंकि पीड़िता नाबालिग थी। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद जल्द खुलासा होगा।
परिवार और समाज की प्रतिक्रिया
परिजनों ने पुलिस जांच पर भरोसा जताने से इनकार किया है। वे CBI जांच की मांग कर रहे हैं। परिवार को तंग करने के आरोप भी लगे हैं। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। उन्होंने डॉक्टर, पुलिस और हॉस्टल संचालकों की मिलीभगत का आरोप लगाया। पप्पू यादव ने कहा कि सबूत मिटाए जा रहे हैं और बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है।
यह मामला पटना में दूसरी नीट छात्रा मौत के साथ जुड़ गया है। इससे गर्ल्स हॉस्टलों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। अभिभावक चिंतित हैं। सामाजिक संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं।
Patna Hostel Case: आगे क्या होगा
डीएनए रिपोर्ट आने के बाद मामला साफ हो सकता है कि अगर मिलान होता है तो मुख्य आरोपी पकड़ा जा सकता है। एसआईटी की जांच तेज है। सरकार पर दबाव है कि न्याय जल्द हो। बिहार में छात्राओं की सुरक्षा के लिए नए नियम बनाने की मांग हो रही है। हॉस्टलों में CCTV, महिला स्टाफ और नियमित जांच अनिवार्य होनी चाहिए।
यह मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय है। नीट तैयारी करने वाली हजारों छात्राएं पटना में रहती हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। एसआईटी से उम्मीद है कि जल्द सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी। परिवार को न्याय मिले और ऐसी घटनाएं रुकें।



