Patna| राजधानी में प्रॉपर्टी टैक्स की चोरी रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए पटना नगर निगम ने बड़ा अभियान शुरू किया है। अब शहर के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगे बिजली कनेक्शनों के डेटा के आधार पर टैक्स का दायरा बढ़ाया जाएगा।
इसके लिए ऊर्जा विभाग से प्राप्त बिजली उपभोक्ताओं के आंकड़ों का मिलान नगर निगम के रिकॉर्ड से किया जा रहा है।
3.92 लाख संपत्तियों की होगी जांच
नगर निगम के अनुसार, शहर में कुल 6.97 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। जबकि निगम के रिकॉर्ड में केवल 3.07 लाख संपत्तियां ही टैक्स के दायरे में दर्ज हैं।
यानी करीब 3.92 लाख बिजली कनेक्शनों की प्रॉपर्टी टैक्स स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी अंतर को खत्म करने के लिए निगम विशेष अभियान चला रहा है।
फिलहाल बिजली उपभोक्ताओं से उनकी प्रॉपर्टी आईडी मांगी जा रही है। जिनके पास प्रॉपर्टी आईडी नहीं है, उन्हें सेल्फ असेसमेंट की प्रक्रिया भी बताई जा रही है।
26 सदस्यीय टीम कर रही फोन कॉल
अभियान को सफल बनाने के लिए नगर निगम के कंट्रोल रूम में 26 सदस्यीय विशेष टीम तैनात की गई है।
यह टीम रोजाना बिजली उपभोक्ताओं से फोन पर संपर्क कर उनकी प्रॉपर्टी आईडी, सेल्फ असेसमेंट नंबर और टैक्स भुगतान की जानकारी जुटा रही है।
ऊर्जा विभाग से मिले 6.18 लाख सक्रिय मोबाइल नंबरों पर पहले चरण में कॉल की जा रही है। इस अभियान की दैनिक रिपोर्ट उप नगर आयुक्त राजस्व को भेजी जा रही है।
एक मकान में कई मीटर वालों पर भी नजर
नगर निगम के इस अभियान से उन लोगों की भी पहचान हो जाएगी, जिन्होंने 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए एक ही मकान या परिसर में कई बिजली कनेक्शन ले रखे हैं।
बिजली उपभोक्ताओं के डेटा का निगम के होल्डिंग रिकॉर्ड से मिलान होने के बाद ऐसे मामलों की पहचान आसान हो जाएगी।
AI तकनीक से और तेज होगी कार्रवाई
नगर निगम जल्द ही इस पूरी प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल करेगा।
इससे कम समय में हजारों उपभोक्ताओं से संपर्क किया जा सकेगा। साथ ही जिन लोगों ने अभी तक संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया है, उन्हें फोन पर टैक्स असेसमेंट, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी दी जा रही है।
अतिरिक्त राजस्व खर्च होगा शहर की सुविधाओं पर
नगर निगम का कहना है कि इस अभियान से मिलने वाले अतिरिक्त राजस्व का उपयोग शहर की सड़कें, नाले, सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से टैक्स संग्रह बढ़ेगा और नागरिक सुविधाओं में भी सुधार होगा।
निष्कर्ष
बिजली डेटा और AI की मदद से पटना नगर निगम टैक्स चोरी पर नकेल कसने की तैयारी में है। 3.92 लाख छूटी हुई संपत्तियों को दायरे में लाने से निगम के राजस्व में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।
स्रोत: पटना नगर निगम, ऊर्जा विभाग, उप नगर आयुक्त राजस्व


