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5 Shocking Symptoms of Anxiety: जेमिमा रोड्रिग्स का खुलासा, वर्ल्ड कप में हर दिन रोती थीं, जानें ‘एंग्जायटी’ के 5 लक्षण

5 Shocking Symptoms of Anxiety: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स ने हाल ही में अपने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक ‘शॉकिंग’ और ‘अद्भुत’ खुलासा किया है। वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 127 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर भारत को जीत दिलाने वाली जेमिमा रोड्रिग्स ने बताया कि वह टूर्नामेंट के दौरान गंभीर एंग्जायटी (Anxiety) यानी चिंता विकार से जूझ रही थीं।

उनका यह खुलासा इसलिए भी अहम है क्योंकि यह मानसिक स्वास्थ्य जैसी गंभीर समस्या पर खुलकर बात करने के महत्व को दर्शाता है। जेमिमा रोड्रिग्स ने बताया कि वह टूर्नामेंट की शुरुआत में इतना ज्यादा दबाव और एंग्जायटी महसूस कर रही थीं कि वह लगभग हर दिन रोती थीं।

5 Shocking Symptoms of Anxiety: मैं सुन्न पड़ गई थी – जेमिमा रोड्रिग्स

जेमिमा रोड्रिग्स ने मैच के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद भावुक होकर अपनी स्थिति बयां की। उन्होंने कहा, “मैं यहां बहुत खुलकर बात करूंगी, क्योंकि अगर कोई और भी ऐसी ही स्थिति से गुजर रहा है, तो मेरी बात का यही मकसद है। कोई भी अपनी कमजोरी के बारे Fमें बात करना पसंद नहीं करता।”

उन्होंने बताया, “टूर्नामेंट की शुरुआत में मैं बहुत ज्यादा एंग्जायटी से गुजर रही थी। कुछ मैचों से पहले, मैं अपनी मां को फोन करती थी और बस रोती रहती थी, ताकि सब बाहर निकल जाए। जब आप एंग्जायटी से गुजरते हैं, तो आप बस सुन्न पड़ जाते हैं। आपको समझ नहीं आता कि क्या करें।” जेमिमा रोड्रिग्स ने बताया कि इस मुश्किल वक्त में उनके परिवार और टीम की साथी खिलाड़ियों ने उनका बहुत साथ दिया।

एंग्जायटी क्या है?

जेमिमा रोड्रिग्स का यह खुलासा एंग्जायटी को गंभीरता से लेने की जरूरत पर जोर देता है। एंग्जायटी सिर्फ सामान्य घबराहट या तनाव नहीं है। यह एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है जिसमें व्यक्ति को अत्यधिक, लगातार और बेकाबू चिंता और डर महसूस होता है, जो अक्सर रोजमर्रा की स्थितियों पर भारी पड़ जाता है।

एंग्जायटी के 5 लक्षण जिन्हें पहचानें

एंग्जायटी के लक्षण सिर्फ मानसिक नहीं, बल्कि शारीरिक भी हो सकते हैं। अगर आपको इनमें से कुछ लक्षण लगातार महसूस हो रहे हैं, तो सावधान हो जाना चाहिए:

1. लगातार चिंता और बेचैनी:

इसका सबसे बड़ा लक्षण है हर समय बेचैन रहना। व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर भी बहुत ज्यादा और बेकाबू होकर चिंता करने लगता है। उसे हमेशा कुछ बुरा होने का डर सताता रहता है।

2. शारीरिक लक्षण दिखना:

एंग्जायटी सिर्फ दिमाग में नहीं होती, यह शरीर पर भी ‘शॉकिंग’ असर दिखाती है। दिल की धड़कन अचानक तेज हो जाना (Palpitations), पसीना आना, हाथ-पैर कांपना, सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना और मुंह सूखना इसके आम शारीरिक लक्षण हैं।

3. नींद की समस्या (Insomnia):

एंग्जायटी से पीड़ित व्यक्ति का दिमाग शांत नहीं हो पाता, जिससे उसे नींद आने में परेशानी होती है या फिर वह बार-बार जागता रहता है। खराब नींद एंग्जायटी को और ज्यादा बढ़ा देती है।

4. ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई:

लगातार चिंता और नकारात्मक विचारों के कारण व्यक्ति किसी भी काम पर अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता है। उसकी याददाश्त कमजोर होने लगती है और वह अक्सर खोया-खोया सा महसूस करता है।

5. चिड़चिड़ापन और घबराहट (Panic Attacks):

व्यक्ति का स्वभाव बहुत चिड़चिड़ा हो जाता है। कई मामलों में, एंग्जायटी पैनिक अटैक का रूप ले लेती है, जिसमें व्यक्ति को अचानक तीव्र डर महसूस होता है, उसे लगता है कि उसे हार्ट अटैक आ रहा है या वह मर जाएगा।

मदद मांगना जरूरी है

जेमिमा रोड्रिग्स ने अपनी कहानी साझा करते हुए कहा, “मदद मांगना ठीक है।” उनका यह संदेश उन लाखों लोगों के लिए ‘अद्भुत’ प्रेरणा है जो चुपचाप इस समस्या से लड़ रहे हैं। एंग्जायटी कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक बीमारी है जिसका इलाज संभव है। यदि आपको या आपके किसी करीबी को ये लक्षण दिख रहे हैं, तो खुलकर बात करना और किसी पेशेवर (मनोचिकित्सक या काउंसलर) की मदद लेना पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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