https://whatsapp.com/channel/0029VajZKpiKWEKiaaMk4U3l

Top 5 This Week

Related Posts

फर्जी कटौती पर CBDT का कड़ा प्रहार: ITR भरने वालों को सख्त चेतावनी, अब नहीं बख्शे जाएंगे धोखेबाज!

वाराणसी –इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है जो आयकर रिटर्न (ITR) में फर्जी कटौती और छूट का दावा करके ज्यादा रिफंड लेने की कोशिश कर रहे हैं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने देशभर में बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया है और सभी टैक्सपेयर्स को चेतावनी दी है कि गलत दावे करने पर जुर्माना और मुकदमा दोनों हो सकता है। यह कार्रवाई जुलाई 2025 में शुरू हुई और अब भी जारी है।

क्या है CBDT का बड़ा एक्शन?

CBDT ने 14 जुलाई 2025 को देश के कई शहरों में एक साथ 150 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी और जांच शुरू की। यह अभियान उन लोगों और एजेंटों पर केंद्रित है जो ITR में झूठी कटौती दिखाकर टैक्स बचाने या ज्यादा रिफंड लेने में मदद कर रहे हैं। जांच में पता चला कि कुछ संगठित गिरोह चल रहे हैं, जहां ITR तैयार करने वाले और बिचौलिए मिलकर फर्जी दस्तावेज बनाते हैं। ये लोग टैक्सपेयर्स को लालच देते हैं कि ज्यादा रिफंड मिलेगा और बदले में कमीशन लेते हैं।CBDT के मुताबिक, कई मामलों में टैक्सपेयर्स अस्थायी ईमेल आईडी से रिटर्न फाइल करवाते हैं, जिससे विभाग के नोटिस उन्हें नहीं पहुंचते। अब विभाग ने सख्ती बरतते हुए कहा है कि ऐसे गलत दावों पर जुर्माना, रिफंड रोकना और मुकदमा चलाया जाएगा।

कौन-सी कटौतियां सबसे ज्यादा फर्जी पाई गईं? , जांच में कई सेक्शन के तहत फर्जी दावे सामने आए हैं। इनमें मुख्य हैं:हाउस रेंट अलाउंस (HRA) – सेक्शन 10(13A) .मेडिकल इंश्योरेंस – सेक्शन 80D .एजुकेशन लोन का ब्याज – सेक्शन 80E .होम लोन का ब्याज – सेक्शन 80EE या 80EEB .डोनेशन – सेक्शन 80G या 80GGA .पॉलिटिकल पार्टी को डोनेशन – सेक्शन 80GGC

.गंभीर बीमारी के खर्च – सेक्शन 80DDB ये कटौतियां बिना सही सबूत के क्लेम की गईं। कई मामलों में फर्जी बिल या रसीदें इस्तेमाल हुईं। एमएनसी, पीएसयू, सरकारी कर्मचारी और बिजनेसमैन भी इसमें शामिल पाए गए।

पहले दी गई थी सुधारने की मौका, 40 हजार लोगों ने वापस लिए दावेImage result for CBDT की यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है

CBDT ने कार्रवाई से पहले टैक्सपेयर्स को कई बार चेतावनी दी थी। एसएमएस, ईमेल और जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। इसके बाद पिछले चार महीनों में करीब 40 हजार टैक्सपेयर्स ने खुद आगे आकर अपना ITR रिवाइज या अपडेट किया। उन्होंने फर्जी दावों को वापस लेकर कुल 1,045 करोड़ रुपये से ज्यादा के क्लेम छोड़ दिए।लेकिन अभी भी कई लोग नहीं सुधरे। CBDT ने कहा है कि अब और मौका नहीं दिया जाएगा। अगर विभाग खुद पकड़ता है तो सख्त सजा होगी।

ITR भरने वालों के लिए क्या है चेतावनी? CBDT ने सभी टैक्सपेयर्स को साफ चेतावनी दी है:.ITR में सिर्फ सच्ची और सही जानकारी भरें।फर्जी कटौती या छूट का दावा न करें।.अनधिकृत एजेंटों या बिचौलियों के लालच में न आएं, जो ज्यादा रिफंड का वादा करते हैं।अपना सही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दें, ताकि विभाग के नोटिस पहुंच सकें।अगर गलती हो गई है तो जल्दी से ITR-U (अपडेटेड रिटर्न) फाइल करके सुधार लें। इससे जुर्माना और मुकदमा बच सकता है।अगर आप खुद सुधार करते हैं तो सजा नहीं होगी, लेकिन विभाग पकड़ता है तो 200% तक जुर्माना और कोर्ट केस हो सकता है।गलती सुधारने का आखिरी मौका: ITR-U का इस्तेमाल करें

अगर आपने पुराने ITR में फर्जी क्लेम किया है या आय छुपाई है तो पिछले 4 साल के रिटर्न को ITR-U से सुधार सकते हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए है जो गलती मानकर आगे आते हैं। ITR-U फाइल करने पर रिफंड नहीं मिलेगा, लेकिन सजा से बचाव हो सकता है। CBDT ने कहा है कि खुद सुधार करने वालों पर नरमी बरती जाएगी।

क्यों जरूरी है ईमानदार ITR फाइलिंग?

फर्जी दावे करने से सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। इससे ईमानदार टैक्सपेयर्स पर बोझ बढ़ता है और सच्चे रिफंड में देरी होती है। CBDT का मकसद है कि टैक्स सिस्टम पारदर्शी बने और सिर्फ जरूरतमंदों को ही छूट मिले।

निष्कर्ष

CBDT की यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है कि टैक्स चोरी या फर्जीवाड़े अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ITR भरते समय हमेशा सच्चाई का साथ दें। अगर कोई गलती हुई है तो बिना देर किए सुधार लें। ईमानदार टैक्सपेयर ही देश की तरक्की में असली योगदान देते हैं। सही दस्तावेज रखें, सही क्लेम करें और टैक्स नियमों का पालन करें। इससे न सिर्फ सजा से बचेंगे, बल्कि मन की शांति भी मिलेगी। याद रखें, शॉर्टकट से मिलने वाला फायदा हमेशा नुकसान में बदल जाता है।

PRAGATI DIXIT
Author: PRAGATI DIXIT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles