मुंबई, महाराष्ट्र | मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुंबई में सामने आए कोविड-19 के मामलों ने लोगों को अलर्ट कर दिया है। एक तरफ लोग मान चुके थे कि कोविड-19 अब बीते दिनों की बात हो गई है, लेकिन फिर से इसकी खबरों ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
मौसम में हो रहे बदलाव के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ने लगा है। कर्नाटक में स्वाइन फ्लू से एक व्यक्ति की मौत की खबर के बाद स्वाइन फ्लू के साथ मौसमी बुखार, इन्फ्लुएंजा को लेकर भी लोगों को अलर्ट किया जा रहा है।

कोविड-19 का खतरा:
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुंबई में सामने आए कोविड-19 के मामलों ने लोगों को अलर्ट कर दिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक करीब एक महीने से अस्पतालों की OPD में स्वाइन फ्लू H1N1 के मामले सामने आ रहे थे। पिछले एक सप्ताह में कोविड-19 ने भी अचानक वापसी की है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल कोविड को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। गौरतलब है कि विशेषज्ञ पहले भी कहते रहे हैं कि कोविड हमारे बीच हमेशा बना रहेगा। अनुकूल परिस्थितियां पाते ही वायरस फिर से एक्टिव होकर लोगों को संक्रमित कर सकता है।
कोरोना एक RNA वायरस है। ये अपनी प्रकृति के हिसाब से लगातार म्यूटेट होते रहते हैं। अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए कोरोनावायरस में लगातार म्यूटेशन देखा जाता रहा है जिससे नए वैरिएंट्स भी सामने आते रहे हैं।फिलहाल मुंबई के कोविड-19 के कितने पॉजिटिव मामले हैं, संक्रमितों में क्या लक्षण देखे जा रहे हैं और वायरस का कौन सा स्ट्रेन है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

श्वसन रोगों को लेकर अलर्ट:
खबरों के मुताबिक मुंबई सहित देश के कई शहरों में कोविड-19, H1N1 स्वाइन फ्लू, इन्फ्लुएंजा-A और रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिन्हें तेज बुखार और श्वसन तंत्र में संक्रमण नाक, गला और सांस की नली से जुड़ी गंभीर तकलीफें हो रही हैं। चूंकि श्वसन बीमारियों के लक्षण काफी हद तक एक जैसे हैं, इसलिए बिना PCR जांच के यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि मरीज किस वायरस से संक्रमित है।
महामारी विशेषज्ञों का मानना है कि मामलों में यह बढ़ोतरी मौजूदा मौसम में आए बदलाव से जुड़ी हो सकती है। मानसून में देरी होने के कारण हवा में नमी बहुत अधिक बनी हुई है और वातावरण में ठहराव है, जिससे श्वसन संबंधी वायरस सामान्य से अधिक समय तक हवा में मौजूद रह सकते हैं और फैलने की आशंका बढ़ जाती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में कोविड-19 ने अचानक वापसी की है। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल जैसी बड़ी लैब्स में हर दिन कोविड-19 और H1N1 के नए पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं।
मौसम बदलाव के साथ बढ़ते श्वसन संक्रमण H1N1 स्वाइन फ्लू, इन्फ्लुएंजा-A और रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
- डॉक्टरों की सलाह:
- मास्क पहनें, खासकर भीड़ वाली जगहों पर
- हाथ साबुन से धोते रहें तेज बुखार
- सांस की दिक्कत लगातार खांसी हो तो डॉक्टर को दिखाएं
- बिना PCR टेस्ट के खुद से वायरस का अंदाजा न लगाएंबुजुर्ग,
- डायबिटीज, अस्थमा वाले लोग ज्यादा सावधानी रखें
नोट: यह रिपोर्ट मीडिया रिपोर्ट्स, मुंबई के अस्पताल OPD डेटा, ब्रीच कैंडी अस्पताल लैब और महामारी विशेषज्ञों के बयान पर आधारित है। कोविड के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार अभी पैनिक की स्थिति नहीं है। लक्षण एक जैसे होने से PCR टेस्ट जरूरी है।
स्रोत: मीडिया रिपोर्ट्स / मुंबई अस्पताल OPD / ब्रीच कैंडी अस्पताल / महामारी विशेषज्ञ

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