रांची | बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची अब हवाई सुरक्षा और तकनीक के मामले में बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण – AAI ने रांची एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक ADS-B यानी ऑटोमैटिक डिपेंडेंट सर्विलांस-ब्रॉडकास्ट सिस्टम के संचालन की सहमति दे दी है।
क्या बदलेगा ADS-B से:
वर्तमान में रांची एयरपोर्ट पर अपेक्षाकृत पुराने इंद्रा रडार कंट्रोल सिस्टम से विमान संचालन हो रहा है। ADS-B लगने के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल – ATC को विमानों की स्थिति, ऊंचाई, गति और दिशा की रियल टाइम और ज्यादा सटीक जानकारी मिलेगी। इससे उड़ानों का संचालन सुरक्षित और सुगम होगा। विमानों को हवा में अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
क्या है ADS-B सिस्टम:
यह विमानन क्षेत्र की नवीनतम निगरानी तकनीक है। इसमें विमान अपने GPS आधारित लोकेशन, ऊंचाई, गति और पहचान की जानकारी लगातार प्रसारित करता है। जमीन पर लगे रिसीवर इन सूचनाओं को लेकर ATC तक पहुंचाते हैं। रडार की तुलना में यह तकनीक ज्यादा स्पष्ट और सटीक है। ATC आसमान में उड़ रहे विमान की हर गतिविधि पर नजर रखकर सुरक्षित मार्गदर्शन दे सकेगा।
यात्रियों और एयरलाइंस को फायदे:
- सुरक्षित लैंडिंग-टेकऑफ: खराब मौसम या कम दृश्यता में भी विमान की सटीक निगरानी होगी।
- देरी कम, ईंधन बचेगा: विमानों के बीच सुरक्षित दूरी आसानी से बनाई जा सकेगी। हवाई यातायात प्रबंधन बेहतर होगा। होल्डिंग – हवा में चक्कर लगाने का समय घटेगा, जिससे ईंधन की बचत होगी।
- ATC का काम आसान: कई देशों में इस तकनीक से हवाई मार्गों की दक्षता बढ़ी है और कंट्रोलरों का काम ज्यादा प्रभावी हुआ है।
ट्रेनिंग और इंस्टॉलेशन:
सिस्टम के संचालन और तकनीकी प्रशिक्षण के लिए रांची के रडार कंट्रोलर अधिकारियों को इलाहाबाद और समसाबाद स्थित प्रशिक्षण केंद्रों में भेजा जाएगा।
रांची के लिए क्यों जरूरी:
रांची एयरपोर्ट से यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता के लिए रोज उड़ानें हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ADS-B प्रणाली रांची को भविष्य में और उन्नत हवाई यातायात प्रबंधन से जोड़ने की दिशा में अहम कदम है। इससे एयरपोर्ट की तकनीकी क्षमता और सुरक्षा मानक दोनों मजबूत होंगे।
2012 से शुरू हुआ था देश में:
AAI ने 2012 में 14 हवाई अड्डों और रणनीतिक स्थलों पर ADS-B नेटवर्क लगाना शुरू किया था। बाद में इसे देश के एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट नेटवर्क से जोड़ा गया। अब रांची को भी यह सुविधा मिल रही है।
एयरपोर्ट डायरेक्टर का बयान:
रांची एयरपोर्ट के डायरेक्टर विनोद कुमार ने कहा, “ADS-B रडार सिस्टम सभी एयरक्राफ्ट में लगा होता है। रांची एयरपोर्ट पर भी रडार सिस्टम लगा है। आधुनिकीकरण के तहत कई बदलाव होने हैं। भविष्य में विमानों का परिचालन अत्याधुनिक सिस्टम से बेहतर और सुरक्षित हो जाएगा। ADS-B पूरी तरह शुरू होने के बाद ATC को विमानों की रियल टाइम निगरानी में सुविधा मिलेगी।
स्रोत: भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण / रांची एयरपोर्ट प्रशासन

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