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IGKV Semester Paper Leak: रायपुर IGKV सेमेस्टर परीक्षा का पेपर लीक, यूनिवर्सिटी ने परीक्षा रद्द की, चार सदस्यीय जांच समिति गठित

IGKV Semester Paper Leak: छत्तीसगढ़ के रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय यानी IGKV के सेमेस्टर एग्जाम का पेपर लीक हो गया। गुरुवार को सुबह 10 बजे से एक बजे तक होने वाली परीक्षा से करीब दो घंटे पहले ही पूरा प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर कई छात्रों तक पहुंच गया। पेपर लीक की खबर फैलते ही छात्रों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी और मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विपक्षी कांग्रेस ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

IGKV Semester Paper Leak: परीक्षा कैसे लीक हुई और कब हुआ खुलासा?

आईजीकेवी विश्वविद्यालय से संबद्ध 33 महाविद्यालयों में एईएनटी-221 यानी कृषि कीट विज्ञान विषय की परीक्षा होनी थी। विषय का पूरा नाम ‘फसलों और संग्रहीत अनाज में कीट प्रबंधन-1 (रबी फसलें)’ था। परीक्षा गुरुवार सुबह 10 बजे शुरू होने वाली थी लेकिन सुबह करीब आठ बजे ही प्रश्नपत्र व्हाट्सएप समूहों में सर्कुलेट होने लगा। डीन कार्यालय को करीब नौ बजे एक ईमेल मिला जिसमें पेपर लीक की शिकायत की गई थी। हालांकि उस ईमेल के साथ कोई प्रश्नपत्र संलग्न नहीं था। इसके बाद छात्रों के व्हाट्सएप समूहों में एक पेपर फैला और दावा किया गया कि यही लीक हुआ प्रश्नपत्र है। विश्वविद्यालय के अधिकारी ने जांच में पाया कि प्रसारित पेपर वास्तविक प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल नहीं खाता था लेकिन करीब 70 प्रतिशत सवाल वास्तविक पेपर से मिलते-जुलते थे। इसी आधार पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।

विश्वविद्यालय ने क्या कदम उठाए

पेपर लीक की पुष्टि होते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत परीक्षा रद्द कर दी। सभी 33 संबद्ध महाविद्यालयों को परिपत्र जारी कर सूचित किया गया कि प्रशासनिक कारणों से परीक्षा स्थगित की जा रही है। नई परीक्षा सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में आयोजित की जाएगी। मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर नियमित नजर रखें और संशोधित परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी के लिए अपने महाविद्यालयों या डीन कार्यालय से संपर्क बनाए रखें। अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।

मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री का रुख

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार शाम संवाददाताओं से कहा कि मामला सरकार के संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साय ने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी है और समिति का गठन किया है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और पूरी जांच कराने का इरादा रखती है।

छात्रों का हंगामा और भविष्य की चिंता

पेपर लीक की खबर फैलते ही छात्रों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर जमकर हंगामा किया। हजारों छात्र मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं और ऐसे लीक से उनका भविष्य प्रभावित होता है। कई छात्र लंबे समय से इस विषय की तैयारी कर रहे थे। परीक्षा रद्द होने से उनका शेड्यूल बिगड़ गया है। नई तारीख सितंबर के पहले सप्ताह में तय होने से छात्रों को दोबारा तैयारी करनी पड़ेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों से आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा रखने की अपील कर रहा है ताकि अफवाहों से बचा जा सके।

कांग्रेस ने सरकार को घेरा

विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि बीएससी द्वितीय वर्ष के कीट विज्ञान के प्रश्नपत्र का परीक्षा से पहले लीक होना गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने इसे परीक्षा प्रणाली की विफलता बताया और कहा कि इससे उन हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है जो कड़ी मेहनत करते हैं। राजपूत ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने पूछा कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय के बाहर कैसे पहुंचा। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति, अधिकारी या एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई।

देशभर में पेपर लीक की बढ़ती घटनाएं

देश में पिछले दो महीने में पेपर लीक के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं लेकिन ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आईजीकेवी जैसी कृषि विश्वविद्यालय में भी लीक होना चिंता का विषय है। परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन अब अपनी प्रक्रिया को और मजबूत बनाने पर जोर दे रहा है। चार सदस्यीय समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक माध्यमों से जानकारी लें।

IGKV Semester Paper Leak: आगे की प्रक्रिया और छात्रों के लिए सलाह

जांच समिति मामले की पूरी तह तक जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय होगी। नई परीक्षा सितंबर के पहले सप्ताह में होगी इसलिए छात्रों को दोबारा तैयारी पर ध्यान देना होगा। विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों को अपडेट रखें। डीन कार्यालय से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई है। प्रशासनिक कारणों से परीक्षा रद्द होने के बावजूद छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है। सरकार और विश्वविद्यालय दोनों इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं।

रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षा का पेपर लीक होने से परीक्षा रद्द कर दी गई। व्हाट्सएप पर दो घंटे पहले सर्कुलेट हुए पेपर में करीब 70 प्रतिशत सवाल वास्तविक पेपर से मिलते-जुलते थे। छात्रों ने हंगामा किया जिसके बाद चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। कृषि मंत्री के निर्देश पर एफआईआर दर्ज हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच की मांग की।

नई परीक्षा सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में होगी। विश्वविद्यालय ने छात्रों को आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी है। पेपर लीक की घटनाओं पर अंकुश लगाने की जरूरत एक बार फिर साफ हो गई है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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