Kal Ka Mousam 12 June: देश के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से जूझ रहे लोगों के लिए राहत और आफत की मिलीजुली खबर है। मौसम विभाग ने कल यानी 12 जून के लिए एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ घंटों के भीतर देश के 13 राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। इन राज्यों में भारी बारिश के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। यह बदलाव न केवल तापमान में गिरावट लाएगा, बल्कि आंधी के कारण कई जगहों पर संपत्ति और फसलों को नुकसान होने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं का दबाव बन रहा है। इसका सीधा असर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत उत्तर एवं पूर्वी भारत के बड़े हिस्से पर पड़ेगा। आंधी की रफ्तार इतनी तेज हो सकती है कि बड़े पेड़ों के उखड़ने और बिजली की लाइनों को प्रभावित होने का खतरा है। ऐसे में प्रशासन ने विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों में यात्रा करने वालों और खेतों में काम करने वाले किसानों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
Kal Ka Mousam 12 June: किन राज्यों में रहेगा मौसम का सबसे ज्यादा असर?
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, 12 जून को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और मध्य प्रदेश में भारी बारिश और तूफान की स्थिति रहेगी। इन राज्यों के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा अधिक है, इसलिए खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
दिल्ली और एनसीआर में कल का पूर्वानुमान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कल का दिन काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तापमान में गिरावट तो दर्ज की जाएगी, जहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। लेकिन तेज हवाओं के कारण बाहर निकलने वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि कई इलाकों में पेड़ गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
यूपी और बिहार में अलर्ट: फसलों को नुकसान का खतरा
उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए स्थिति चिंताजनक है। यूपी के आगरा, मथुरा, बरेली, गोरखपुर, देवरिया और अंबेडकर नगर जैसे जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया समेत कई जिलों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट है। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक है कि तैयार खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी उपज को सुरक्षित करने के उपाय करें।
पहाड़ी राज्यों में सावधानी क्यों जरूरी है?
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जाने वाले पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मनाली, शिमला, नैनीताल और देहरादून जैसे क्षेत्रों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कों पर पेड़ों के गिरने की संभावना बनी रहती है, जिससे आवाजाही प्रभावित हो सकती है। जम्मू कश्मीर के कठुआ, डोडा और शोपियां जैसे इलाकों में भी प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
अन्य राज्यों में मौसम की स्थिति
- राजस्थान: श्रीगंगानगर, चूरू, कोटा और भरतपुर में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है।
- झारखंड: रांची, बोकारो और गिरिडीह में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
- पश्चिम बंगाल: कोलकाता और आसपास के जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का झोंका महसूस किया जाएगा।
- पंजाब और मध्य प्रदेश: इन राज्यों में भी आंधी का असर रहेगा, जिससे तापमान में थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन सावधानी बरतनी होगी।
Kal Ka Mousam 12 June: आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम के इस बदलाव के दौरान किसी भी अनहोनी से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है। तेज आंधी के समय पेड़ों के नीचे या कमजोर बिजली के खंभों के पास न खड़े हों। यात्रा पर निकलने से पहले अपने रूट और मौसम की जानकारी जरूर लें, खासकर यदि आप पहाड़ी या ग्रामीण इलाकों में जा रहे हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे आंधी के समय खेतों में जाने से बचें और अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी किए जा रहे हैं। फिलहाल, यह साफ है कि देश का एक बड़ा हिस्सा अगले 24 से 48 घंटों तक खराब मौसम की मार झेलेगा। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बचाव दल तैनात किए गए हैं। उम्मीद है कि इस बारिश से गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन सावधानी ही इस प्राकृतिक बदलाव के दौरान बचाव का सबसे बड़ा साधन है।
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