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Odisha News: ओडिशा बाढ़ में गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल का ऐलान, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश

Odisha News: ओडिशा में बाढ़ की स्थिति के बीच राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने 30 जुलाई को गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल और आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए विशेष उपायों का ऐलान किया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और समय पर अस्पताल स्थानांतरित करने को प्राथमिकता बताया। साथ ही बाढ़ के दौरान बढ़ने वाले सांप के काटने के मामलों से निपटने की भी बात कही।

Odisha News: स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?

मुकेश महालिंग ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करना और उन्हें अस्पताल पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। बाढ़ की स्थिति में सांप के काटने के मामले भी बढ़ जाते हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक समीक्षा समिति गठित की गई है जो बाढ़ संबंधी स्वास्थ्य उपायों की निगरानी और समन्वय करेगी।

आशा वर्कर्स को दिए निर्देश

मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी यानी सीडीएमओ और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाढ़ की स्थिति पर करीब से नजर रखें और आपातकालीन राहत, चिकित्सा देखभाल तथा जरूरी आपूर्ति सुनिश्चित करें। आशा वर्कर्स को निर्देशित किया गया है कि वे अंतिम चरण की गर्भावस्था वाली महिलाओं की पहचान करें, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद करें और प्रसूति वार्ड तक पहुंचाने का इंतजाम करें। ये उपाय फिलहाल तीन जिलों में लागू हैं और स्थिति के अनुसार चौथे जिले में भी बढ़ाए जा सकते हैं।

बाढ़ की वर्तमान स्थिति

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है और तीन सबसे प्रभावित जिलों में हालात सुधर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो लाख लोग सीधे प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्य अन्य जिलों में भी चल रहे हैं। 30 हजार से ज्यादा लोग राहत शिविरों में हैं जहां जरूरी इंतजाम किए गए हैं। हजारों लोग अभी भी संवेदनशील इलाकों में हैं जिन्हें राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

भद्रक जिले की स्थिति

भद्रक के कलेक्टर दिलीप राउतराय ने बताया कि जिले में करीब 61 ग्राम पंचायतों के 261 गांव प्रभावित हुए हैं जहां की आबादी लगभग 2.45 लाख है। कई गांव जलमग्न हो गए हैं और कई पंचायतें कट गई हैं। खासकर भंडारीपोखरी और धामनगर ब्लॉक में स्थिति गंभीर है। 51 केंद्रों पर मुफ्त रसोई उपलब्ध कराई गई है। बैतरणी नदी का पानी निचले इलाकों में फैलने से धामनगर ब्लॉक की लगभग सभी ग्राम पंचायतें प्रभावित होने वाली हैं। सालंदी नदी प्रणाली के जलस्तर बढ़ने से भद्रक ब्लॉक, भद्रक नगर पालिका और तिहिड़ी ब्लॉक भी प्रभावित हो रहे हैं।

आपदा प्रबंधन पर विपक्षी टिप्पणी

बिजू जनता दल के विधायक गौतम बुद्ध दास ने कहा कि पिछले दो दशकों में ओडिशा आपदा प्रबंधन में मॉडल राज्य के रूप में पहचाना जाता रहा है। उन्होंने बताया कि कई बड़े चक्रवातों का सामना करते हुए जीरो कैजुअल्टी यानी शून्य मौतों का सिद्धांत अपनाया गया। संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक ने इसकी सराहना की थी। कई भारतीय राज्यों और देशों ने ओडिशा के मॉडल को अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नई सरकार आने के बाद तैयारियों में कमी आई है।

राहत और बचाव पर जोर

सरकार का फोकस प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने, राहत शिविरों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों जैसे संवेदनशील वर्गों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। सांप के काटने के मामलों के लिए एंटी-स्नेक वेनम और चिकित्सा टीमें तैयार रखी गई हैं।

आगे की चुनौतियां

नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण कुछ इलाकों में स्थिति बदल सकती है। प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है। राहत सामग्री पहुंचाने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के प्रयास जारी हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और संक्रमण रोकथाम पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

ओडिशा सरकार का रुख

स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों से साफ है कि बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। समीक्षा समिति की निगरानी में जमीनी स्तर पर काम आगे बढ़ेगा। आशा वर्कर्स की सक्रिय भूमिका से दूरस्थ इलाकों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

ओडिशा में बाढ़ के बीच स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित निकासी और आपातकालीन चिकित्सा सहायता के विशेष उपायों का ऐलान किया है। आशा वर्कर्स को अंतिम चरण की गर्भवती महिलाओं की पहचान कर सुरक्षित स्थान और अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। सांप के काटने के मामलों पर भी नजर रखी जा रही है। राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं। 30 हजार से ज्यादा लोग राहत शिविरों में हैं। भद्रक जिले में 2.45 लाख आबादी प्रभावित हुई है। विपक्ष ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। सरकार राहत और स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस किए हुए है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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