PM Surya Ghar Yojana: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की लोकप्रिय प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य भर में अब तक चौबीस हजार से अधिक घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। संसद के मानसून सत्र के दौरान पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत बिहार के पात्र परिवारों के बैंक खातों में एक सौ इकसठ करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम सब्सिडी सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। इस योजना के जरिए न केवल आम नागरिकों को बिजली के भारी-भरकम बिलों से बड़ी राहत मिल रही है, बल्कि राज्य में हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक मजबूत कदम उठाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग तेजी से लाभान्वित हो रहे हैं।
PM Surya Ghar Yojana: बिहार में पीएम सूर्य घर योजना की वर्तमान प्रगति और आंकड़े
संसद में सांसद अजय कुमार मंडल द्वारा पूछे गए एक तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्र सरकार ने बिहार में इस योजना की प्रगति का पूरा ब्यौरा साझा किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बाईस जुलाई दो हजार छब्बीस तक पूरे बिहार राज्य से इस योजना के तहत सत्तासी हजार से अधिक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से चौबीस हजार दो सौ अडतीस घरों की छतों पर सफलतापूर्वक सोलर रूफटॉप सौर प्रणाली स्थापित की जा चुकी है, जबकि कुल चौबीस हजार नौ सौ सत्तर परिवारों को इस योजना का प्रत्यक्ष लाभ मिल चुका है। अकेले भागलपुर जिले की बात करें तो वहाँ भी एक हजार से अधिक परिवारों के घरों पर सोलर सिस्टम लग चुके हैं, जिन्हें सरकार की तरफ से करोड़ों रुपये की आर्थिक सहायता सीधे तौर पर जारी की गई है।
सब्सिडी वितरण और वित्तीय पारदर्शिता की पूरी प्रक्रिया
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता को लेकर सरकार पूरी तरह से पारदर्शी और गंभीर रुख अपना रही है। राज्य में अब तक कुल एक सौ इकसठ करोड़ छहत्तर लाख रुपये से अधिक की सब्सिडी पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सफलतापूर्वक जारी की जा चुकी है। भागलपुर जिले के ही उदाहरण को देखें तो वहाँ के लाभार्थियों को लगभग पौने आठ करोड़ रुपये की सब्सिडी मिल चुकी है, जिससे लोगों का रुझान इस सौर ऊर्जा योजना की ओर तेजी से बढ़ा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों को बिजली बिल के बोझ से मुक्ति मिले और वे सौर ऊर्जा का उपयोग करके आत्मनिर्भर बन सकें। इस वित्तीय मदद से नागरिकों को अपने घरों में रूफटॉप लगवाने के लिए बड़ा आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है।
PM Surya Ghar Yojana: उपकरणों की गुणवत्ता, वेंडर चयन और शिकायत निवारण तंत्र
योजना के सफल क्रियान्वयन के साथ-साथ उपकरणों की गुणवत्ता और बैंक ऋण जैसी समस्याओं को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। सांसद द्वारा संसद में बैंक ऋण स्वीकृति में हो रही देरी और कुछ स्थानों पर निम्न स्तर के उपकरण मिलने की शिकायतों को प्रमुखता से उठाया गया था। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि रूफटॉप सिस्टम में उपयोग होने वाले उपकरणों की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बेहद सख्त मानक लागू किए गए हैं। लाभार्थियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल पंजीकृत विक्रेताओं से ही उपकरणों की खरीद करें और पांच साल तक का निस्तारण व मुफ्त रखरखाव अनिवार्य रूप से प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या शिकायत के समाधान के लिए सरकार ने विशेष थर्ड-पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था करने के साथ-साथ पंद्रह हजार पाँच सौ पचपन टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय किया है।
PM Surya Ghar Yojana: नागरिकों के लिए अपील और भविष्य की ऊर्जा संभावनाएं
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार यह अपील की जा रही है कि अधिक से अधिक संख्या में पात्र परिवार आगे आएं और इस लाभकारी योजना का हिस्सा बनें। यदि किसी भी लाभार्थी को बैंक से लोन मिलने में कोई दिक्कत आ रही है या वेंडर से जुड़ी कोई समस्या उत्पन्न हो रही है, तो वे तुरंत आधिकारिक हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आने वाले दिनों में इस योजना का दायरा और अधिक बढ़ने की उम्मीद है, जिससे बिहार के हर कोने तक सौर ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होने से न केवल पर्यावरण स्वच्छ रहेगा बल्कि परिवारों की मासिक बचत में भी भारी इजाफा होगा, जो राज्य के समग्र विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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