Ranchi – झारखंड की राजधानी रांची में एक बार फिर तेज रफ्तार और रौब दिखाने वाली एसयूवी का आतंक देखने को मिला। `लालपुर थाना क्षेत्र` के `मोरहाबादी इलाके` में सोमवार को वाहन जांच के दौरान एक काली रंग की थार एसयूवी ने पुलिस की पीसीआर वैन को टक्कर मार दी। इस हादसे में पीसीआर वैन के चालक `राजेश यादव` गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर मारने के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
चेकिंग के दौरान हुआ हमला
रांची पुलिस के अनुसार, सोमवार को लालपुर पुलिस टीम मोरहाबादी क्षेत्र में नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान शाम के समय एक काले रंग की थार एसयूवी तेज गति से आती हुई दिखाई दी। वाहन के शीशे काले थे और वह लापरवाही से चल रही थी। पुलिसकर्मियों को वाहन संदिग्ध लगा, इसलिए उन्होंने उसे रुकने का इशारा किया।
लेकिन चालक ने पुलिस के इशारे को अनदेखा कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले तो चालक ने रफ्तार और तेज की और फिर सीधे पुलिस पीसीआर वैन की ओर गाड़ी मोड़ दी। थार ने पीसीआर वैन के चालक की तरफ से टक्कर मारी और बैलेंस बिगाड़ते हुए मौके से फरार हो गई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पीसीआर वैन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए।
पुलिस चालक गंभीर रूप से घायल
इस घटना में पीसीआर वैन चला रहे सिपाही `राजेश यादव` को गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है लेकिन खतरे से बाहर नहीं है।
घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने फरार थार का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी चालक ने शहर की गलियों में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाकर पुलिस को चकमा दे दिया।
पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन, आरोपी की पहचान
घटना की सूचना मिलते ही SSP रांची के निर्देश पर शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया। `लालपुर थाना` में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी थार चालक की पहचान कर ली गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए शहर के साथ-साथ रांची से सटे `खूंटी, बुंडू और सरायकेला` के सीमावर्ती इलाकों में भी छापेमारी की जा रही है। कई विशेष टीमों का गठन किया गया है।
पुलिस का कहना है कि वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर भी ट्रेस कर लिया गया है। बहुत जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
काले शीशे और तेज रफ्तार पर भी उठे सवाल
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि जिस थार से हादसा हुआ उसमें `काले शीशे` किस नियम के तहत लगाए गए थे। मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार निजी वाहनों में काले शीशे लगाना प्रतिबंधित है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय वाहन में और कौन लोग सवार थे।
रांची पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, `कानून से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पर हमला बेहद गंभीर मामला है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।`
स्थानीय लोगों में नाराजगी
इस घटना के बाद मोरहाबादी और आसपास के इलाकों में लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थार जैसी बड़ी गाड़ियों से अक्सर तेज रफ्तार और गुंडागर्दी की जाती है। उन्होंने पुलिस से ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की मांग की है।
फिलहाल रांची पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है। घायल पुलिसकर्मी राजेश यादव के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।


