वाराणसी:आलिया भट्ट ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि वो ADHD (Attention-Deficit/Hyperactivity Disorder) से पीड़ित हैं। क्या आपको इस मानसिक स्थिति के बारे में पता है? अगर नहीं, तो आज हम आपको इसके प्रमुख लक्षण बताने जा रहे हैं। अगर आपको भी ऐसे संकेत दिखें, तो बिना देर किए किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर
आलिया भट्ट ने इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर की वजह से मौजूदा पल में जीने में दिक्कत होती है। अगर आप भी जोन आउट हो जाते हैं, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि इस तरह का लक्षण एडीएचडी की तरफ इशारा कर सकता है। बातचीत के दौरान ध्यान भटक जाना भी एडीएचडी का संकेत हो सकता है।
एडीएचडी के लक्षण
फोकस करने में दिक्कत महसूस होना, अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर का लक्षण हो सकता है। भूलने की समस्या, विचलित होना, बातचीत सुनने में दिक्कत होना, इस तरह के लक्षण एडीएचडी की तरफ इशारा कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एडीएचडी बचपन के सबसे सामान्य न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर में से एक है। एडीएचडी के लक्षणों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी होता है। अगर आपके बच्चे को एडीएचडी की समस्या है, तो आप अपने बच्चे को बिहेवियर थेरेपी, हेल्दी लाइफस्टाइल चेंज और डॉक्टर की सलाह पर दी जाने वाली दवाइयों की मदद से इस डिसऑर्डर से निजात दिला सकते हैं।
यह बीमारी नहीं, बल्कि एक न्यूरोडेवलपमेंटल कंडीशन है – यानी दिमाग का काम करने का अलग तरीका।
| फायदे (Strengths of ADHD) ✅ | नुकसान (Challenges of ADHD) ⚠️ |
|---|---|
| क्रिएटिविटी में धमाका – आलिया भट्ट जैसी स्टार्स नए आइडियाज लाती हैं। | फोकस करने में दिक्कत – काम बीच में छूट जाता है। |
| हाइपरफोकस की ताकत – पसंद का काम घंटों बिना रुके कर सकते हैं। | हाइपरएक्टिविटी – बेचैनी, हाथ-पैर हिलाना, बैठ नहीं पाना। |
| जोखिम लेने की हिम्मत – बिजनेस/फिल्मों में बड़े फैसले आसान। | इंपल्सिव डिसीजन – बिना सोचे खर्च, झगड़ा या गलती। |
| मल्टीटास्किंग जादूगर – एक साथ कई काम संभाल लेते हैं। | टाइम मैनेजमेंट फेल – लेट होना, डेडलाइन मिस करना। |
| ऊर्जा का भंडार – थकते नहीं, हमेशा एक्टिव रहते हैं। | भावनाओं का रोलरकोस्टर – गुस्सा, उदासी तेजी से बदलती है। |
| समस्याओं का अनोखा हल – बाहर का सोच (out-of-box thinking)। | सोशल रिलेशंस में टेंशन – बात काटना, भूलना, रिश्ते प्रभावित। |
डिसऑर्डर के कारण
अगर आपको एडीएचडी की समस्या थी, तो आपके बच्चों में इस डिसऑर्डर के होने की संभावना बढ़ सकती है। प्रेग्नेंसी के दौरान शराब पीना या फिर तंबाकू का सेवन करना, बच्चों में अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर के खतरे को बढ़ा सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक सिर पर लगी चोट या फिर परिवार का वातावरण भी एडीएचडी का कारण बन सकता है।
निष्कर्ष: ADHD – चुनौती नहीं, सुपरपावर का दूसरा रूप
| क्या है ADHD? | क्या करें? |
|---|---|
| दिमाग का हाई-स्पीड मोड – क्रिएटिविटी, हाइपरफोकस, जोखिम लेने की ताकत | डॉक्टर से सलाह लें – दवा + CBT थेरेपी से 80% सुधार |
| आलिया भट्ट जैसी स्टार्स भी इससे जूझती हैं, फिर भी टॉप पर हैं | रूटीन बनाएँ – टाइमर, लिस्ट, मेडिटेशन से कंट्रोल |
| फोकस की दिक्कत असली चुनौती, लेकिन सही दिशा में चैनल करें तो गेम-चेंजर | परिवार का साथ – समझदारी से रिश्ते मजबूत होंगे |
ADHD कोई बीमारी नहीं, दिमाग का अलग वायरिंग है। सही गाइडेंस से यह क्रिएटिव जीनियस बन जाता है।
“फोकस नहीं, दिशा चाहिए – ADHD को समझो, सशक्त बनो!”



