Breast Cancer Symptoms: ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जब भी चर्चा होती है, तो ज्यादातर महिलाओं के मन में सिर्फ ‘गांठ’ या ‘लंप’ का ही ख्याल आता है। लेकिन चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से यह बीमारी केवल एक जगह तक सीमित नहीं रहती। कैंसर की कोशिकाएं शरीर के टिशू में गहराई से फैल सकती हैं, जिसके लक्षण अक्सर हमारी त्वचा पर दिखाई देते हैं। कई बार शुरुआती दौर में कोई ठोस गांठ महसूस नहीं होती, लेकिन त्वचा में होने वाले सूक्ष्म बदलाव इस गंभीर बीमारी की चेतावनी हो सकते हैं। ब्रेस्ट की त्वचा पर दिखने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। आइए जानते हैं वे कौन से संकेत हैं, जिन्हें आपको बिल्कुल भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।
Breast Cancer Symptoms: संतरे के छिलके जैसी त्वचा (डिंपलिंग)
अगर आप अपने ब्रेस्ट की त्वचा को देखें और वह किसी ‘संतरे के छिलके’ जैसी खुरदरी या छिद्रदार महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें। इसे मेडिकल भाषा में ‘पेऊ द ऑरेंज’ (Peau d’orange) कहा जाता है। यह स्थिति तब बनती है जब ब्रेस्ट के अंदर मौजूद कैंसर कोशिकाएं लिम्फेटिक सिस्टम को ब्लॉक कर देती हैं, जिससे त्वचा के नीचे सूजन आ जाती है और सतह पर गड्ढे या डिंपल्स दिखने लगते हैं।
लाली और सूजन (इन्फ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर)
कभी-कभी ब्रेस्ट की त्वचा पर लगातार लाली (Redness) बनी रहती है या वह सूजी हुई दिखाई देती है। यदि आपको लगता है कि यह कोई सामान्य एलर्जी या संक्रमण है जो कुछ दिनों में ठीक हो जाएगा, तो सावधान हो जाएं। इन्फ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर (IBC) की स्थिति में ब्रेस्ट का आकार बढ़ सकता है और त्वचा गर्म महसूस हो सकती है। अगर यह लाली बिना किसी चोट या स्पष्ट कारण के हफ्तों तक बनी रहती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना ही बुद्धिमानी है।
सामान्य तौर पर ब्रेस्ट की त्वचा कोमल और लचीली होती है। लेकिन यदि आपको महसूस हो कि किसी विशेष हिस्से की त्वचा अचानक मोटी, सख्त या खिंची हुई हो गई है, तो यह टिश्यू के अंदर कैंसर के फैलाव का संकेत हो सकता है। यह कैंसर के उन सेल्स के कारण होता है जो त्वचा की गहराई में जाकर उसे कठोर बना देते हैं।
Breast Cancer Symptoms: निप्पल और त्वचा के रंग में बदलाव
निप्पल के आसपास की त्वचा का रंग बदलना या वहां बार-बार पपड़ी जमना एक गंभीर लक्षण हो सकता है। यदि निप्पल के आसपास की स्किन धब्बेदार होने लगे या वहां गहरे रंग के पैच दिखें, तो यह पैगेट रोग (Paget’s disease) का संकेत हो सकता है, जो एक दुर्लभ प्रकार का ब्रेस्ट कैंसर है। इसके अलावा, यदि निप्पल अपनी जगह से अंदर की ओर धंस गया है (Inverted nipple), तो इसे भी डॉक्टरी सलाह की जरूरत है।
ब्रेस्ट की त्वचा पर ऐसे घाव या अल्सर जो सामान्य मरहम-पट्टी या एंटीबायोटिक दवाओं से ठीक नहीं हो रहे, वे कैंसर की एडवांस्ड स्टेज का संकेत हो सकते हैं। कैंसर सेल्स जब त्वचा की ऊपरी परत को प्रभावित करते हैं, तो वे घाव का रूप ले लेते हैं जो जल्दी नहीं भरते।
Breast Cancer Symptoms: नियमित सेल्फ एग्जामिन क्यों जरूरी है?
ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती स्टेज में अक्सर कोई दर्द नहीं होता, इसलिए महिलाएं इसे नजरअंदाज कर देती हैं। हर महिला को महीने में एक बार ‘ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जामिनेशन’ (BSE) करना चाहिए। आईने के सामने खड़े होकर अपनी त्वचा के रंग, बनावट और निप्पल के आकार में किसी भी छोटे बदलाव को गौर से देखें। यदि आपको ऊपर बताए गए लक्षणों में से कुछ भी नजर आता है, तो घबराएं नहीं बल्कि डॉक्टर के पास जाकर मैमोग्राफी या अल्ट्रासाउंड कराएं।
याद रखिए, बीमारी जितनी जल्दी पकड़ी जाएगी, उसके इलाज की संभावनाएं उतनी ही अधिक होंगी। जागरूकता केवल जानकारी नहीं, बल्कि जीवन बचाने का एक जरिया है। अपनी सेहत के साथ लापरवाही न बरतें, क्योंकि आपका स्वास्थ्य आपके परिवार के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
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