Jharkhand Crime: झारखंड की उप राजधानी दुमका से एक बेहद सनसनीखेज और परेशान करने वाला मामला सामने आया है। जिले के जरमुंडी प्रखंड में चार युवकों ने एक किन्नर और उसके सहयोगियों पर जबरन लिंग परिवर्तन कराने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि उन्हें बहला फुसलाकर दिल्ली ले जाया गया, जहां जबरन ऑपरेशन करवाकर उन्हें थर्ड जेंडर बना दिया गया। अब उन पर ट्रेनों में बधाई मांगने और अन्य अनैतिक कार्यों का दबाव बनाया जा रहा है। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और लोग इस अमानवीय कृत्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Jharkhand Crime: ऑपरेशन के बाद शुरू हुई प्रताड़ना की दास्तान
पीड़ित युवकों का आरोप है कि बासुकीनाथ के रहने वाले सुनील मिर्धा उर्फ माही किन्नर ने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया है। जरमुंडी क्षेत्र के तालझारी और सहरा इलाके के रहने वाले ये युवक पहले सामान्य जीवन जी रहे थे और नृत्य या अन्य छोटे काम करके अपना गुजारा करते थे। पीड़ितों ने बताया कि माही किन्नर ने उन्हें चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया और फिर दिल्ली ले जाकर उनका ऑपरेशन करवा दिया।
अनीता (पूर्व नाम अनमोल), अनन्या (पूर्व नाम गणेश), मुस्कान (पूर्व नाम मदन दास) और सोनी (पूर्व नाम सूरज) ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि ऑपरेशन के बाद भी उनका पीछा नहीं छोड़ा गया। अब उन्हें हर महीने एक तय रकम लाकर देने का दबाव बनाया जाता है और ट्रेनों में भीख मांगने के लिए मजबूर किया जाता है। यदि वे विरोध करते हैं, तो उन्हें बेरहमी से पीटा जाता है। पीड़ितों के शरीर पर जलने और चोट के निशान हैं, जो उनके द्वारा झेली गई यातनाओं की गवाही देते हैं।
डर के साये में जी रहे थे पीड़ित
पीड़ितों ने बताया कि वे लंबे समय तक डर के मारे चुप थे क्योंकि आरोपी ने उन्हें और उनके परिवारों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। माही किन्नर के साथ उसके कुछ अन्य सहयोगी भी इस रैकेट में शामिल हैं, जो लगातार इन युवकों पर नजर रखते हैं। शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम बनाए जाने के बाद, ये युवक अब खुद को समाज की मुख्यधारा से कटा हुआ महसूस कर रहे हैं। लंबे समय तक खामोश रहने के बाद, अब उन्होंने हिम्मत जुटाई है और मामले को सार्वजनिक करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। इनका कहना है कि उनकी जिंदगी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है और अब वे आरोपी को कानून के कटघरे में देखना चाहते हैं।
Jharkhand Crime: पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की राह
इस पूरे मामले पर दुमका पुलिस ने संज्ञान लिया है। जरमुंडी के एसडीपीओ नवल किशोर सिंह ने स्पष्ट किया है कि अभी तक उनके कार्यालय में किसी पीड़ित की ओर से कोई लिखित शिकायत या आवेदन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और अगर पीड़ित युवक पुलिस के पास आते हैं, तो इस पूरे रैकेट की निष्पक्ष जांच की जाएगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि शिकायत मिलते ही दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय स्तर पर लोग इस घटना को मानवता पर कलंक बता रहे हैं और पुलिस से जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
Jharkhand Crime: समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी
यह घटना समाज के उस काले सच को उजागर करती है, जहां कुछ लोग भोले भाले युवाओं को अपनी हवस और कमाई का जरिया बनाने के लिए किसी भी हद तक गिर जाते हैं। यदि पीड़ितों के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल शारीरिक हिंसा का मामला है, बल्कि मानव तस्करी और जबरन बदलाव जैसी संगीन धाराओं के तहत भी आता है। स्थानीय प्रशासन के लिए अब यह चुनौती है कि वह इन युवकों को सुरक्षा प्रदान करे और इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करे।
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